Tuesday, May 19, 2026
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डीएम सविन बंसल के निर्देश पर सख्त कार्रवाई,सेलाकुई-सिडकुल में धारा 163 लागू, प्रशासन अलर्ट मोड पर

देहरादून। जनपद के सेलाकुई एवं सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में हाल के दिनों में बढ़ते श्रमिक असंतोष, धरना-प्रदर्शन और कानून व्यवस्था की आशंकाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

यह आदेश अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा जारी किया गया। प्रशासन का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन को मिली सूचनाओं के अनुसार सेलाकुई स्थित कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन और धरना जारी है। इनमें Lightanium Technology Pvt. Ltd., Dixon Technology तथा Global Medicos प्रमुख रूप से शामिल हैं। कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने स्थिति को संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
प्रशासन के अनुसार कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर श्रमिकों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। इसे देखते हुए स्थानीय अभिसूचना इकाई को सक्रिय कर दिया गया है और औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

धारा 163 के तहत लगाए गए प्रमुख प्रतिबंध

सेलाकुई एवं सिडकुल क्षेत्र में हथियार, लाठी, डंडा, तलवार या अन्य घातक वस्तु लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
ईंट, पत्थर अथवा हिंसा में प्रयुक्त होने वाली वस्तुओं का संग्रह करना प्रतिबंधित किया गया है।
बिना अनुमति नारेबाजी, लाउडस्पीकर का प्रयोग, सार्वजनिक सभा, जुलूस और प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।
बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के समूह में जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आदेश उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय माना जाएगा। संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने श्रमिक संगठनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आमजन से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बनी रहे।

अतिथि देवो भव: के मूल मंत्र को चरितार्थ करती दून पुलिस

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान एक बार फिर उत्तराखंड पुलिस ने अपनी संवेदनशील कार्यशैली और तत्परता से “अतिथि देवो भव:” की भावना को साकार किया है। दून पुलिस ने त्रिवेणी घाट क्षेत्र में खोए हुए एक बुजुर्ग यात्री के कीमती सामान से भरे बैग को खोजकर सुरक्षित वापस सौंपा, जिसके बाद यात्री ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
पुलिस को आज 17 मई 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि दिनेश बेलजी पवानी पुत्र स्वर्गीय वेलजी अर्जन पवानी, उम्र 74 वर्ष, मूल निवासी भुज कच्छ गुजरात एवं वर्तमान निवासी मस्कट, ओमान का बैग त्रिवेणी घाट क्षेत्र में कहीं खो गया है।
बताया गया कि बैग में कीमती ज्वेलरी, नकद धनराशि तथा जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हो गई।
पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए त्रिवेणी घाट क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर जरूरी जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस ने अल्प समय में ही खोया हुआ बैग बरामद कर लिया।
बैग को सुरक्षित तरीके से बुजुर्ग यात्री के सुपुर्द किया गया। बैग की जांच करने पर उसमें रखा पूरा कीमती सामान सुरक्षित मिला।
अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर दिनेश बेलजी पवानी ने खुशी जाहिर करते हुए उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्यवाही और ईमानदार कार्यशैली की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने दून पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है।
चारधाम यात्रा के दौरान दून पुलिस की यह पहल न केवल पर्यटकों और श्रद्धालुओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा रही है, बल्कि राज्य पुलिस की सकारात्मक और मानवीय छवि को भी मजबूत कर रही है।

सिडकुल क्षेत्र के उद्योगों में श्रम कानूनों का हो रहा खुला उल्लंघनः डा. हरक सिंह

देहरादून। राजधानी के अलग अलग इलाकों में इन दिनों श्रमिक अपनी मांगों को लेकर हल्ला बोल रहे हैं। सेलाकुई और मोहब्बेवाला में श्रमिक आंदोलन की खबरें हैं। अब इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत का बयान सामने आया है। हरक सिंह रावत ने कहा सिडकुल क्षेत्र के उद्योगों में श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने सरकार पर श्रमिकों का उत्पीड़न किए जाने का भी आरोप लगाया है।
हरक सिंह रावत ने कहा कि देहरादून जिले के सेलाकुई, हरिद्वार और उधम सिंह नगर सिडकुल एरिया के उद्योगों के प्रबंधक श्रमिकों का लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। उद्योग प्रबंधन कर्मचारियों के मौलिक और श्रम अधिकारों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। जिस कारण श्रमिकों में आक्रोश है। वह कई बार सरकार और उद्योग प्रबंधन से अपनी मांगों के समर्थन में वार्ता कर चुके हैं। हर बार उनकी अनदेखी की जा रही है। जिसके कारण उनका धैर्य जवाब दे रहा है। इसलिए उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हरक सिंह रावत ने कहा सरकार मजदूरों की समस्याओं को समझने और उसका समाधान करने की जगह पुलिस की लाठी के बल पर उनकी आवाज को दबाने का काम कर रही है। बेगुनाह श्रमिकों पर पुलिस की लाठियां भांजी जा रही है, जो सरासर श्रमिकों के खिलाफ अन्याय और अत्याचार है। हरक सिंह रावत ने कहा पुलिस प्रशासन और सरकार का यह रवैया अलोकतांत्रिक और तानाशाही पूर्ण है। उन्होंने कहा उद्योगों में महिला श्रमिकों के साथ उद्योग प्रबंधन लगातार भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। उनके लिए वहां शौचालय तक की व्यवस्थाएं नहीं हैं। वेतन में भी महिला श्रमिकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा वह उद्योगों की मजबूती के पक्ष में रहे हैं किंतु श्रम कानून का पालन भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। यह सरकार और श्रम विभाग की जिम्मेदारी है। हरक सिंह रावत ने सरकार से बढ़ती महंगाई के इस दौर में श्रमिकों की तनख्वाह बढ़ाने की मांग की है। हरक सिंह रावत ने कहा अकुशल कर्मचारियों को 20 हजार, अर्ध कुशल कर्मचारियों को 23 हजार और ट्रेंड कर्मचारियों को 24 हजार के साथ-साथ अति कुशल कर्मचारियों को कम से कम 30 हजार रुपए का वेतन हर महीने दिया जाना चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों को बिना कारण बताये नौकरियों से निकालने, उन्हें धमकाने और उनका मानसिक उत्पीड़न किए जाने की भी काफी शिकायतें मिल रही हैं। इस पर भी सरकार को सोचना चाहिए।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के विरोध में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

देहरादून। बढ़ती महंगाई और पेट्रोल डीजल की बढ़ाई गई कीमतों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने रविवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस जनों ने खाद्य पदार्थों पेट्रोल डीजल के दामों में होती बढ़ोतरी के खिलाफ देहरादून के एस्ले हॉल चौक पर भाजपा सरकार का पुतला दहन किया। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेसियों का आरोप है कि सरकार की कुनीतियों की मार आम जनता को भुगतनी पड़ रही है। पहले रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए, और फिर डीजल पेट्रोल के दामों में इजाफा कर दिया गया है। ऊपर से महंगाई की मार से जनता पहले से ही त्रस्त है। प्रधानमंत्री अपने विदेश दौरे पर व्यस्त हैं। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जसविंदर गोगी ने कहा आज महंगाई चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। गैस के बढ़ाये गये दामों से आम जनता पहले से ही परेशान थी, उसके बाद पेट्रोल डीजल के दामों में वृद्धि करके सरकार ने आम जनमानस की कमर तोड़ दी है।इन तमाम बिंदुओं को लेकर आज कांग्रेस पार्टी ने महंगाई के विरोध में भाजपा सरकार का पुतला दहन किया है।
 कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अमरेंद्र बिष्ट ने कहा इस समय पूरा देश महंगाई से त्रस्त है। उत्तराखंड प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। पिछले दिनों सरकार ने घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दामों रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि करके आम आदमी के ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया था। बिष्ट ने कहा खाद्य तेल, और अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। केंद्र और राज्य सरकार ने अपने-अपने स्तर से महंगाई में वृद्धि की है।
उन्होंने कहा अब यही चारा बच गया कि सरकार की इन कुनीतियों का विरोध सड़कों पर उतरकर किया जाए। इसलिए आज कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर जिला और नगर कांग्रेस कमेटियों विभिन्न जनपदों में भाजपा सरकार का पुतला दहन किये जाने का कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने कहा कांग्रेस आम जनता की आवाज है। उन्होंने कहा जनता की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी।
मसूरी में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मसूरी के पिक्चर पैलेस चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि आम जनता को राहत देने के लिए महंगाई और बेरोजगारी पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

19 मई को डोली होगी रवाना, 21 को खुलेंगे कपाट 

रुद्रप्रयाग। पंचकेदारों में द्वितीय केदार के रूप में विश्व विख्यात भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट खुलने की पावन प्रक्रिया शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विधिवत रूप से शुरू हो गई है। बूढ़ा मदमहेश्वर की तलहटी में सुरम्य मखमली बुग्यालों के मध्य विराजमान भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाटोद्घाटन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह बना हुआ है। रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण एवं वेद ऋचाओं के बीच भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियों को ओंकारेश्वर मंदिर के गर्भगृह से सभा मंडप में विराजमान कराया गया। स्थानीय श्रद्धालुओं ने भगवान मदमहेश्वर को नए अनाज का भोग अर्पित कर विश्व शांति, समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। देश-विदेश से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्सव मूर्तियों के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।
बह्रा बेला पर विद्वान आचार्यों एवं वेदपाठियों द्वारा पंचांग पूजन के तहत विभिन्न देवी-देवताओं का आवाहन किया गया। रावल भीमाशंकर लिंग के नेतृत्व में प्रधान पुजारी बागेश लिंग एवं शिव लिंग ने भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियों की विधिवत पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं आरती संपन्न कराई। इसी अवसर पर रावल भीमाशंकर लिंग ने मदमहेश्वर धाम के प्रधान पुजारी शिव शंकर लिंग का आगामी छह माह तक धाम में पूजा-अर्चना करने हेतु वरण किया। श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ भगवान मदमहेश्वर को नए अनाज का भोग अर्पित कर क्षेत्र की खुशहाली एवं विश्व कल्याण की कामना की।
भक्त 18 मई को श्रद्धालु सभा मंडप में विराजमान चल विग्रह उत्सव मूर्तियों के दर्शन करेंगे। इसके बाद 19 मई को भगवान मदमहेश्वर की उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होकर डगवाड़ी, ब्राह्मणखोली, मंगोलचारी, सलामी, फापज, मनसूना, बुरुवा, राऊलैंक एवं उनियाणा सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देती हुई प्रथम रात्रि प्रवास हेतु राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंचेगी। 20 मई को डोली रांसी से प्रस्थान कर गौंडार गांव पहुंचेगी, जहां अंतिम रात्रि प्रवास होगा। वहीं 21 मई को उत्सव डोली बनातोली, खटारा, नानौ, मैखम्भा एवं कूनचट्टी यात्रा पड़ावों से होते हुए मदमहेश्वर धाम पहुंचेगी। डोली के धाम पहुंचने पर भगवान मदमहेश्वर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
चारधाम यात्रा के साथ ही ओंकारेश्वर मंदिर में भी प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। इस अवसर पर मंदिर समिति सदस्य प्रह्लाद पुष्वाण, डॉ. केदार लिंग, सभासद सरला रावत, वेदपाठी विश्व मोहन जमलोकी, नवीन मैठाणी, बबीता भट्ट, भंडारी मदन सिंह पंवार, बबलू जंगली, देवानंद गैरोला, दीपक नेगी, ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी विजेंद्र बिष्ट, डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी, संतोष शैव, जसमति राणा, भरोसी रावत, सुंदर सिंह पंवार, कलम सिंह पंवार, शिव सिंह पंवार सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं गौंडार गांव के हक-हकूकधारी मौजूद रहे।

सेवा भारती के सेवा कार्यों से बदल रहा समाज का दृष्टिकोण : डॉ. शैलेन्द्र

देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तराखंड प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने कहा कि समाज के उपेक्षित, वंचित और अभावग्रस्त वर्गों के उत्थान के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि सेवा भारती शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और स्वावलंबन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

सर्वे चौक स्थित आईआरडी सभागार में आयोजित सेवा भारती देहरादून महानगर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. शैलेन्द्र ने कहा कि सेवा और संवेदना के कार्यों से समाज की सोच बदलती है तथा सकारात्मक वातावरण तैयार होता है। उन्होंने घुमंतू समाज, झुग्गी-बस्तियों और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर सेवा कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सुरेखा डंगवाल ने कहा कि भारतीय समाज की सबसे बड़ी विशेषता सामूहिक चेतना और सेवा भाव है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति परिवार और सामाजिक रिश्तों को महत्व देती है तथा सेवा का भाव हमारे संस्कारों में शामिल है।

इस दौरान बताया गया कि सेवा भारती वर्तमान में 84 बस्तियों में 109 सेवा केंद्र संचालित कर रही है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक समरसता के लिए कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल संस्कार केंद्र के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। मंच संचालन सुनीता पाण्डेय और ऋतु सिंघल ने किया।

मानकों के खिलाफ चल रहे 96 होमस्टे पर डीएम का बड़ा एक्शन

देहरादून। जिले में मानकों के विपरीत संचालित हो रहे होमस्टे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। जिलाधिकारी Savin Bansal के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन सफाई” के तहत यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने प्रथम चरण में 17 और द्वितीय चरण में 79 होमस्टे के पंजीकरण रद्द किए हैं। साथ ही इन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 निरीक्षण किए। जांच में कई होमस्टे होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तरह संचालित होते पाए गए। प्रशासन के अनुसार कई होमस्टे में रातभर अवैध बार संचालन, तेज आवाज में डीजे और गैरकानूनी गतिविधियों की शिकायतें मिलीं। इन स्थानों पर उपद्रवी प्रवृत्ति के लोगों के ठहरने और शहर में नशे की हालत में हुड़दंग, ओवरस्पीडिंग तथा हथियारों से फायरिंग जैसी घटनाओं का भी खुलासा हुआ। निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई व्यवस्था नहीं मिली, जबकि कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई।
प्रशासन ने पाया कि कई इकाइयां लीज और किराये पर संचालित की जा रही थीं, जबकि होमस्टे योजना के तहत मालिक का उसी परिसर में निवास अनिवार्य है। कई स्थानों पर निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन भी किया जा रहा था।
कुछ होमस्टे बारातघर और पार्टी स्थल के रूप में उपयोग किए जा रहे थे। वहीं विदेशी नागरिकों के ठहराव संबंधी अनिवार्य सी-फॉर्म उपलब्ध नहीं कराने के मामले भी सामने आए।
जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और स्थानीय निवासियों की आय को बढ़ावा देना है, लेकिन कई स्थानों पर इसका दुरुपयोग होटल और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को देखते हुए सत्यापन और निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साइबर अपराध और नशे के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस का जागरूकता अभियान

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में देहरादून स्थित सेंट जोज़फ़ एकेडमी में साइबर सुरक्षा, भ्रष्टाचार जागरूकता और नशा उन्मूलन विषयों पर एक वृहद जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देहरादून के विभिन्न सरकारी और निजी विद्यालयों के कक्षा 9 से 11 तक के 1200 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था तथा निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरूगेशन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने युवाओं से तकनीक का जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अपर पुलिस अधीक्षक अंकुश मिश्रा ने छात्रों को बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, केवाईसी स्कैम, सिम स्वैप फ्रॉड और साइबर स्टॉकिंग जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने साइबर हाईजीन और डेटा गोपनीयता के महत्व पर जोर देते हुए छात्रों को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी—
1930 : राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
1064 : भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन
नशे के दुष्प्रभावों पर किया जागरूक
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की उपनिरीक्षक प्रेरणा चौधरी ने नशा उन्मूलन सत्र का संचालन किया। उन्होंने छात्रों को मादक पदार्थों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए आत्म-अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया और नशा उन्मूलन से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने उत्तराखंड पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बताया। कई शिक्षण संस्थानों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया।
उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि युवाओं को सामाजिक चुनौतियों और साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए ऐसे अभियान राज्यभर में लगातार चलाए जाते रहेंगे।

दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्कॉर्पियो से ₹1.55 करोड़ कैश बरामद

देहरादून। दून पुलिस को वाहन चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। कैंट थाना पुलिस ने राजेंद्र नगर कौलागढ़ क्षेत्र में चेकिंग के दौरान महाराष्ट्र नंबर की एक संदिग्ध स्कॉर्पियो से लगभग ₹1.55 करोड़ की नगद धनराशि बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद नकदी वाहन में बनाए गए एक सीक्रेट केबिन में छुपाकर रखी गई थी। मामले में आयकर विभाग की टीम गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक 15 मई 2026 को सिरमौर मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान MH12XT 3245 नंबर की महिंद्रा स्कॉर्पियो को रोका गया। वाहन चालक ने अपना नाम सतीश भाई निवासी मेहसाणा, गुजरात बताया। उसके साथ वाहन में जसवंत सिंह और सचिन पटेल नामक दो अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
वाहन के दस्तावेज मांगने पर चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिस पर पुलिस को संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर चालक ने वाहन में भारी मात्रा में नकदी होने की जानकारी दी। पुलिस ने उच्चाधिकारियों और आयकर विभाग को सूचना दी। आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो की बीच और पिछली सीट के बीच बने सीक्रेट केबिन से लगभग ₹1 करोड़ 55 लाख नकद बरामद हुए। पूछताछ में वाहन चालक बरामद धनराशि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। चालक ने बताया कि वह यह रकम बनारस से लेकर आया था और उसे वाहन में मौजूद जसवंत को देना था।
फिलहाल आयकर विभाग तीनों व्यक्तियों से पूछताछ कर बयान दर्ज कर रहा है। बरामद धनराशि का आकलन भी किया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई आयकर विभाग द्वारा की जाएगी। पुलिस ने संबंधित स्कॉर्पियो वाहन को सीज कर दिया है। कार्रवाई में क्षेत्राधिकारी नगर स्वप्निल मुयाल, कैंट प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट, चौकी प्रभारी विनयता चौहान सहित पुलिस टीम शामिल रही।
वहीं आयकर विभाग की ओर से सहायक आयकर निदेशक पंकज खत्री, आयकर निरीक्षक शशांक पाल और कमलेश पंत ने मौके पर जांच की।

धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: पर्यावरण संरक्षण, ईवी नीति और आत्मनिर्भर उत्तराखंड पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा  भी शामिल हुए। सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई जनहितकारी निर्णय लिए।
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड सरकार राज्य को विकास, हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में लिए गए फैसले प्रदेश के लिए नई विकास यात्रा की शुरुआत साबित होंगे।
कैबिनेट बैठक में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ‘एक अधिकारी, एक वाहन’ नीति को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही ‘नो व्हीकल डे’ लागू करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे सरकारी स्तर पर ईंधन की बचत और प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने प्रदेश में जल्द नई ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) पॉलिसी लागू करने का फैसला भी लिया है। माना जा रहा है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में हरित परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
बैठक में ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को भी मंजूरी दी गई। इस अभियान के जरिए उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की योजना है। सरकार धार्मिक, साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेगी।
इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों और कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया। सरकार का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और स्वरोजगार को नई ताकत देना है। कैबिनेट बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सरकार रासायनिक मुक्त खेती को प्रोत्साहित कर किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाएगी।
साथ ही पीएनजी और पीएम सूर्य घर योजना के विस्तार पर भी सहमति बनी। राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि उत्तराखंड ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लिए गए ये फैसले उत्तराखंड को सशक्त, समृद्ध, पर्यावरण संतुलित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर प्रदेश को नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।