Friday, May 29, 2026
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भाजपा के मेगा शो में बलूनी और त्रिवेंद्र के पोस्टर गायब, सियासी चर्चाएं तेज,राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत मार्ग पर नहीं दिखे दोनों दिग्गज नेताओं के कटआउट

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर राजधानी देहरादून भगवामय नजर आ रही है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर पार्टी कार्यालय तक शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स, स्वागत द्वार और नेताओं के कटआउट लगाए गए हैं।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट, डोईवाला, लच्छीवाला फ्लाईओवर, कुआंवाला, लक्ष्मण सिद्ध मार्ग, मॉल ऑफ दून, जोगीवाला, रिस्पना पुल और बलबीर रोड तक भाजपा नेताओं के पोस्टर और बैनर दिखाई दे रहे हैं। इन प्रचार सामग्रियों में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, पुष्कर सिंह धामी, कल्पना सैनी, अजय भट्ट, अजय टम्टा और माला राज्यलक्ष्मी शाह सहित कई नेताओं की तस्वीरें प्रमुखता से लगाई गई हैं।
हालांकि इस पूरे शक्ति प्रदर्शन के बीच एक नई राजनीतिक चर्चा भी शुरू हो गई है। राजधानी के मुख्य मार्गों पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पौड़ी गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की तस्वीरें लगभग नदारद दिखाई दीं। एयरपोर्ट से पार्टी कार्यालय तक के पूरे रूट पर दोनों नेताओं के पोस्टर और कटआउट नजर नहीं आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सवाल उठ रहे हैं कि जब पार्टी के लगभग सभी बड़े नेताओं को प्रचार सामग्री में स्थान दिया गया है, तो फिर त्रिवेंद्र सिंह रावत और अनिल बलूनी मुख्य रूट से गायब क्यों हैं।
हालांकि भाजपा संगठन ने इसे किसी प्रकार की अंदरूनी राजनीति मानने से इनकार किया है। प्रचार अभियान की जिम्मेदारी संभाल रहे भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि किसी नेता का फोटो नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में पोस्टर कम दिखाई दे सकते हैं और कैंट तथा राजपुर क्षेत्र में इन नेताओं की तस्वीरें लगी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि पोस्टर लगाने वाले सभी कार्यकर्ताओं और मजदूरों को हर नेता की राजनीतिक अहमियत की जानकारी नहीं होती। यदि कहीं कमी रह गई है तो उसे ठीक कराया जाएगा और इसे किसी अन्य नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है।
हालांकि उनके बयान के बाद भी अनिल बलूनी और त्रिवेंद्र सिंह रावत के गिनती के कुछ पोस्टर ही दिखाई दिए। ऐसे में सवाल अभी भी बना हुआ है कि जिस मुख्य मार्ग से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला गुजरना है, वहां दोनों वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी क्यों नहीं दिख रही। भाजपा इसे सामान्य चूक बता रही है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा चर्चा और गॉसिप का विषय बन गया है।

फर्जी हेली टिकट बेचने वाले ठगों पर ‘साइबर कॉम्बैट फोर्स’ का बड़ा प्रहार

347 फर्जी फेसबुक पेज, 19 इंस्टाग्राम अकाउंट, 30 फर्जी वेबसाइट और 189 मोबाइल नंबर कराए गए ब्लॉक

केदारनाथ यात्रा को “साइबर सेफ” बनाने में जुटी रुद्रप्रयाग पुलिस

 विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और साइबर अपराध मुक्त बनाने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग सुश्री नीहारिका तोमर के कुशल निर्देशन में जनपद की साइबर सेल टीम यात्रा शुरू होने से पहले ही लगातार सक्रिय रहकर साइबर ठगों के खिलाफ बड़ा अभियान चला रही है।
विशेष रूप से हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ ‘साइबर कॉम्बैट फोर्स’ के माध्यम से व्यापक डिजिटल कार्रवाई की जा रही है। साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर सक्रिय फर्जी अकाउंट, वेबसाइट और बैंक खातों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 347 फर्जी फेसबुक पेज, 19 फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट, 30 फर्जी वेबसाइट और 189 व्हाट्सएप अकाउंट व मोबाइल नंबरों को चिन्हित कर बंद और ब्लॉक कराया है।
पुलिस के अनुसार केदारनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से ठगी की 48 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 118 बैंक खातों पर होल्ड लगवाया है, जिससे पैसों के लेन-देन पर रोक लगाई जा सके।
इस मामले में कोतवाली गुप्तकाशी और कोतवाली सोनप्रयाग में कुल 03 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
वर्ष 2026 में अब तक जनपद रुद्रप्रयाग में कुल 229 साइबर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 144 शिकायतों पर जांच और वैधानिक कार्रवाई तेजी से प्रचलित है। विभिन्न साइबर अपराधों से संबंधित अब तक 12 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
साइबर सेल केवल अपराधियों पर कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि ठगी का शिकार हुए लोगों की रकम वापस दिलाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। त्वरित तकनीकी कार्रवाई के माध्यम से अब तक 03 मामलों में पीड़ितों की कुल 1,12,968 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक रिफंड कराई जा चुकी है।
पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट ीमसपलंजतं.पतबजब.बव.पद से ही करें। सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर देने वाले अज्ञात व्यक्तियों, फेसबुक-इंस्टाग्राम विज्ञापनों, व्हाट्सएप नंबरों और फत् कोड के माध्यम से किसी भी प्रकार का एडवांस भुगतान न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में जीवन प्रमाण पत्र पर विशेष प्रशिक्षण जारी

मुख्यमंत्री धामी की पहल से पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण का सत्यापन करना हुआ आसान
डिजिटल व्यवस्था से घर बैठे मिल रही सुविधा, बुजुर्गों को बड़ी राहत
पेंशनरों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की पहल
पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में डीएलसी के माध्यम से अब तक 1लाख 84 हज़ार  से अधिक लोगो का हुआ सत्यापन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पेंशनर अब घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापित कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।
प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1.5 लाख पेंशनर हैं, जबकि देहरादून में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी के सत्यापन को सुगम बनाने के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में भी डीएलसी के माध्यम से लगातार सत्यापन किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपग्रेडेशन के साथ-साथ डिजिटल प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र में 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है।
जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान ने देहरादून जनपद में कार्यभार संभालने के दिन ही कोषागार का निरीक्षण करते हुए अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि विरिष्ठ पेंशनरों को घर बैठे ही सुविधा का लाभ मिल सकें। पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के माध्यम से ऑपरेटर आईडी बनाकर घर बैठे भी अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार का अपडेट होना तथा आधार नंबर का मोबाइल नंबर और कोषागार से लिंक होना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति (एक्टिव व इनएक्टिव) ऑनलाइन देख सकते हैं और पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं। पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार द्वारा 8899890000 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
इस डिजिटल पहल से बुजुर्ग पेंशनरों को लंबी कतारों से मुक्ति मिली है और वे सुरक्षित, सरल एवं सुविधाजनक तरीके से घर बैठे सत्यापन कर पा रहे हैं। दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि उन्हें पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में घर बैठे आसानी से अपना लाइफ सर्टिफिकेट नवीनीकरण कर सकेंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।
मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल स्थापित किया गया है, जहां उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अन्य जनपदों के पेंशनर भी, जो वर्तमान में देहरादून में निवास कर रहे हैं, इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी दें।

पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहाः धामी

=मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (सीईईडब्ल्यूू) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक स्मारिका पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, जो देश के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है तथा निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड आज देश में शीर्ष राज्यों की  श्रेणी में पहुँच चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक मात्र दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है।  उत्तराखण्ड लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल, ऊरेडा, क्षेत्रीय अधिकारियों तथा इस अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखण्ड की सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सौर कौथिग व्यापक जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक एवं अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता का वातावरण तैयार किया है। उन्होंने  सीईईडब्ल्यूू की टीम के सहयोग एवं उल्लेखनीय योगदान की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के विद्युत व्यय में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित भविष्य प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के समक्ष एक प्रेरणादायक एवं आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।
इस अवसर पर  विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, सीईईडब्ल्यूू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी. एस बुदियाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

 बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के काफिले पर सियासत तेज, कांग्रेस ने साधा निशाना

पीएम मोदी की सादगी वाली अपील के बावजूद 36 गाड़ियों से अधिक लंबा काफिला 
 नितिन नवीन के तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे की शुरुआत के साथ ही उनका काफिला राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है। भाजपा की ओर से पहले यह दावा किया जा रहा था कि पूरा कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी और छोटे काफिले वाली अपील के अनुरूप आयोजित किया जाएगा, लेकिन जौलीग्रांट एयरपोर्ट से निकलते ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का लंबा काफिला चर्चा में आ गया।
बताया जा रहा है कि नितिन नवीन के स्वागत और सुरक्षा में 35 से अधिक वाहन शामिल थे। काफिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई वरिष्ठ नेताओं और भाजपा पदाधिकारियों की गाड़ियां भी मौजूद थीं। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत करते नजर आए।
इसी मुद्दे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि एक ओर आम जनता से पेट्रोल बचाने और सादगी अपनाने की अपील की जाती है, जबकि दूसरी ओर नेताओं के लंबे-चौड़े काफिले निकाले जाते हैं।
गरिमा दसौनी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से लिया गया होता तो नेताओं और पदाधिकारियों को सीमित संख्या में वाहन रखने के निर्देश पहले से दिए जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि आम जनता अब यह पूछ रही है कि क्या सादगी और ईंधन बचत के नियम केवल जनता के लिए ही हैं।
हालांकि इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विपक्ष लगातार इसे मुद्दा बनाकर सरकार और संगठन को घेरने में जुटा हुआ है।
गौरतलब है कि नितिन नवीन अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान गंगा आरती में शामिल होंगे और साधु-संतों के साथ संवाद भी करेंगे। इसके अलावा वे सरकार और संगठन के कार्यों की समीक्षा को लेकर विभिन्न बैठकों में भाग लेंगे।

सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लायेः धामी

मुख्यमंत्री ने समस्त जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक,
भू कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई जमीनों की होगी जांच,
भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए,
वक्फ संपत्तियों का ब्योरा, उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किए जाने की नियमित की जा रही समीक्षा,

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को निजी आवास, खटीमा से समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिला अधिकारियों को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा ग्राम सभाओं में स्थित सरकारी भूमि की भी जांच की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में भू कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई जमीनों की जांच भी की जाए। उन्होंने कहा इस अभियान में तेजी लाते हुए त्वरित सुनवाई की जाए एवं भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्थित शत्रु संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा वक्फ संपत्तियों का ब्योरा, उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किए जाने की नियमित समीक्षा हो। साथ ही इस ब्योरे की भी नियमित जांच की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा अन्य राज्यों से आए लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच भी की जाए एवं आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को चिन्हित भी किया जाए।जनसेवा केंद्रों की जांच एवं अवैध राशन कार्ड बनाकर सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे अपात्र लोगों को चिन्हित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। मुख्यमंत्री ने संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
आगामी मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों को पूर्व तैयारियाँ समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा प्रत्येक जिले में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने आंतरिक क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने, ग्रीष्मकालीन समय को देखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहाँ कहीं भी पानी की समस्या या तकनीकी दिक्कत हो, उसे तत्काल प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अनावश्यक ऊर्जा कटौती किसी भी स्थिति में न हो।उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली कटौती आवश्यक हो, तो इसकी पूर्व सूचना स्थानीय स्तर पर समय रहते आम जनता तक पहुँचाई जाए, जिससे लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर आने वाले श्रद्धालुओं से निरंतर फीडबैक भी लिया जाए और प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों के आधार पर व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा रूट पर पीने के पानी की समुचित उपलब्धता बनाए रखने तथा ट्रैफिक की प्रभावी कार्ययोजना के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मानसखंड यात्रा के अंतर्गत कैंची धाम बाईपास निर्माण कार्य को आगामी माह तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं उघान विभाग के माध्यम से पॉली हाउस, एप्पल मिशन, कीवी मिशन जैसी संचालित अनेक योजनाओं को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वास्तविक रूप से किसानों तक उनका लाभ पहुँचाने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य पूरा हो सके।
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को और अधिक तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जोशीमठ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून से पहले आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता एवं निगरानी बढ़ाई जाए।

सेक्सटॉर्शन’ रैकेट गैंग का फरार आरोपी देहरादून से गिरफ्तार

देहरादून। एसटीएफ और गोवा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में देहरादून से सेक्सटॉर्शन’ रैकेट गैंग के फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर गोवा के मापुसा थाना क्षेत्र में करोड़ों की रकम ऐंठने का आरोप है। उसके बाद से आरोपी फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने इस प्रकार की घटनाओं को अन्य राज्यों में भी अंजाम दिया है।
उत्तराखंड एसटीएफ ने गोवा के नार्थ गोवा जनपद के मापुसा पुलिस स्टेशन में दर्ज मुकदमें में फरार आरोपी सलमान खान निवासी देहरादून को थाना नहेरु कालोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर खुद को दिल्ली नारकोटिक ब्यूरो का ऑफिसर बताता था। उसने मापुसा नार्थ गोवा में मुंबई के एक बिजनेसमैन से करोड़ों रुपये की उगाही की। इस घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी के लिए गोवा पुलिस ने पहले उसके घर पर दबिश। जहां से आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग गया। उसके बाद आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने परिचित इमाद निवासी बेहट सहारनपुर के साथ अगस्त 2023 में कालका दिल्ली निवासी निवेदिता शर्मा से उसके घर पर मिला। जहां पर मो.आयान ,मोहम्मद वसीद, फैजान फरजान, यासर, राज चौधरी और हरिद्वार निवासी भुवन अरोड़ा से आरोपी की मुलाकात हुई। आरोपियों ने मिलकर एक ‘सेक्सटॉर्शन’ रैकेट गैंग बनाया। यह गैंग इस रैकेट के तहत लड़कियों का इस्तेमाल करके अमीर बिजनेसमैन को टारगेट करता था। उन अमीर लोगों से अश्लील काम करवाते थे। अमीर बिजनेसमैन लोगों की रेप्युटेशन खराब करने की धमकी देकर खुद को दिल्ली में नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी होने का दावा करके उनको बंधक बनाकर, धमका और मारपीट कर उनसे मोटे पैसे ऐंठते थे।
आरोपी ने योजना बनाकर निवेदिता शर्मा के माध्यम से पीड़ित मुंबई निवासी कारोबारी को अपने जाल में फंसाया। नार्थ गोवा में विला हाउस फॉरेस्ट कुचेलिया मापुसा को किराये पर लेकर उसमें वीडियो कैमरे फिट किये। योजना के तहत पीड़ित बिजनेसमैन को मिलने के लिए बुलाकर महिला निवेदिता शर्मा उसके साथ विला में रुक गयी। रात में साथी आरोपियों ने योजना के तहत विला में घुसकर खुद को दिल्ली नारकोटिक ब्यूरो टीम का बताया। साथ ही उसके अश्लील वीडियो बनाकर उसे बंधक बनाया। उसके साथ मारपीट की। आखिर में उससे करोड़ों रुपए ऐंठ लिए।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया पीड़ित के द्वारा पुलिस के पास शिकायत करने के बाद, दो संदिग्धों, निवेदिता शर्मा, भुवन अरोड़ा निवासी हरिद्वार को गिरफ्तार करते हुए घटना का खुलासा किया गया। इसी क्रम में इस गैंग के अन्य सदस्यों को भी गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना आरोपी सलमान खान घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। जिसे देहरादून से गिरफ्तार किया गया है।

 हिमालयी क्षेत्र कंचनगंगा में टूटा ग्लेशियर,नुकसान की कोई सूचना नही

चमोली। रविवार सुबह उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बदरीनाथ धाम के निकट कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने की घटना हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए रखी है। बताया जा रहा है कि गर्मी बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघलने लगते हैं, जिसके चलते इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हर साल यह ग्लेशियर धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसकता है और आगे चलकर कंचनगंगा क्षेत्र में आकर रुक जाता है।जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन से किसी प्रकार की जनहानि अथवा संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है तथा इस प्रकार की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। संबंधित स्थान पर हिमस्खलन सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई क्षेत्र में ही रुक गया, जिससे यातायात एवं आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।  प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।

नदी में तैरता मिला लापता व्यक्ति का शव,हत्या की आशंका

चमोली। रविवार सुबह  गैरसैंण विकासखंड क्षेत्र के देवपुरी गांव से पिछले छह दिनों से लापता व्यक्ति का शव घर से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर खनसर नदी में तैरता मिला। शव के बंधे होने और शरीर पर घाव के निशान होने से उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार  देवपुरी गांव के चिनुड़ीछानी तोक निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र सिंह पुत्र पुष्कर सिंह पिछले 18 मई की सुबह घर से काम पर जाने के बाद से ही लापता था। शुरुआती ढूंढ खोज के बाद परिजनों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई,तब अनहोनी की आशंका को लेकर पुलिस विभाग की डॉग स्क्वायड टीम द्वारा दो दिनों तक ग्रामीणों की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया गया था। लेकिन तब लापता व्यक्ति का कोई भी सुराग नहीं लग पाया था। वहीं ग्रामीणों को जब लापता राजेंद्र सिंह का शव घर से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर खनसर नदी में तैरता हुआ मिला तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई, इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शव के ग्रामीणों द्वारा पहले ही सर्च किए जा चुके इलाके में मिलने से पुलिस कोतवाल मनोज सिरौला ने पंचनामा भरने से पहले फॉरेंसिक टीम व फील्ड यूनिट को भी बुलाने की मांग की। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशों पर श्रीनगर से फॉरेसिंक टीम व जिला मुख्यालय गोपेश्वर से फील्ड यूनिट को मौके के लिए रवाना किया गया। कोतवाल मनोज सिरौला ने बताया कि फॉरेसिंक टीम द्वारा मौके पर पंहुचकर जरूरी साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। जिसके बाद शव का पंचनामा भर लिया गया है, शव को पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

संविदा वनकर्मी की हत्या का खुलासा,आरोपी चौकीदार गिरफ्तार

हल्द्वानी। पीपलपड़ाव जंगल क्षेत्र में संविदा वनकर्मी की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी चौकीदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के खुलासे के अनुसार  शराब के नशे में हुए विवाद के बाद आरोपी ने अपने साथी पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गयी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि 23 मई को भाखड़ा रेंज के प्लॉट संख्या-71 में एक व्यक्ति की हत्या की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही एसपी सिटी, सीओ हल्द्वानी अमित सैनी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। मृतक की पहचान मेवा लाल पुत्र हरी लाल निवासी कौशांबी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई, जो वन विभाग में रोपण रक्षक संविदा कर्मी के पद पर कार्यरत था। शुरुआती जांच में मौके पर मौजूद चौकीदार तिवारी सिंह के बयान संदिग्ध पाए गए। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि घटना वाली रात वो और मेवा लाल साथ में शराब पी रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर तिवारी सिंह ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से मेवा लाल पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी तिवारी सिंह निवासी गूलरभोज, दिनेशपुर को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।