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लोकायुक्त मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश ने राज्य सरकार को घेरा
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी आज पंचतत्व में विलीन हो गए। उन्होंने 2011 में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान राज्य में देश का सबसे सख्त और ऐतिहासिक लोकायुक्त विधेयक लागू किया था। उसके बाद की सरकारों ने उनके बनाए गए कानून को लागू नहीं किया। भुवन चंद्र खंडूड़ी हमेशा से ही लोकायुक्त के पक्षधर रहे।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया है कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार आएगी तो लोग प्रदेश में लोकायुक्त की स्थापना की जाएगी। गणेश गोदियाल ने कहा हरीश रावत जब मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब राज्य में लोकायुक्त की स्थापना के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। आज भी यह प्रस्ताव राज्यपाल के कार्यालय में धूल खा रहा है।
गणेश गोदियाल ने कहा लोकायुक्त का काम भ्रष्टाचार पर नकेल कसना होता है, लेकिन भाजपा के मंत्रिमंडल का काम भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना होता है, इसलिए जो मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगा हुआ है। वह मंत्रिमंडल लोकायुक्त को नियुक्त करने की दिशा में फाइल को आगे क्यों बढ़ाएगा? गणेश गोदियाल ने कहा जो पार्टी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है, उनके मंत्रियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का काम लोकायुक्त कर सकता है। यही वजह है कि प्रदेश में लोकायुक्त स्थापित नहीं होने दिया गया।
उन्होंने कहा इस प्रदेश में लोकायुक्त तभी लाया जा सकेगा जब राज्य में सरकार बदलेगी। राजनीतिक रूप से प्रदेश में जितनी बीमारियां फैल गई हैं, इन बीमारियों की एक ही दवा है, जिसे परिवर्तन कहा जाता है। जब राज्य में सरकार परिवर्तित होगी तभी इन बीमारियों पर अंकुश पाया जा सकेगा। गणेश गोदियाल ने कहा राज्य में कांग्रेस की सरकार जैसे ही बनेगी, तो प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द हम लोकायुक्त की स्थापना कर देंगे। सरकार आने के बाद हमारा पहला कर्तव्य यह बनेगा कि पूर्व में भी हुए भ्रष्टाचारों को उजागर किया जाए।जिससे दोषियों को सजा दी जा सके।
आग के बीच मरीजों के लिए देवदूत बनी दून पुलिस, आईसीयू से सुरक्षित निकाले मरीज
देहरादून। राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार को आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दून पुलिस मौके पर पहुंची और जान जोखिम में डालकर आईसीयू में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। धुएं और गैस रिसाव के बीच पुलिसकर्मियों ने जिस साहस और तत्परता से राहत एवं बचाव अभियान चलाया, उसकी हर ओर सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार 20 मई 2026 को कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस को रिस्पना पुल के पास स्थित पेनेसिया अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना नेहरू कॉलोनी से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। जांच में पता चला कि अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के कारण आगजनी की घटना हुई।
घटना के समय आईसीयू में कई मरीज भर्ती थे। आग लगने के बाद पूरे आईसीयू में धुआं और गैस फैल गई, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने बिना अपनी जान की परवाह किए आईसीयू में प्रवेश कर मरीजों को बाहर निकालना शुरू किया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान गैस और धुएं के कारण कई मरीजों और पुलिसकर्मियों को ऑक्सीजन की कमी की समस्या हुई। प्रभावित लोगों को तत्काल नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना में एक बुजुर्ग महिला, जो पहले से ही वेंटिलेटर पर भर्ती थीं, की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा इस हादसे में करीब 10 लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य में जुटे तीन पुलिसकर्मियों की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी देहरादून तथा एसपी सिटी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद एसएसपी देहरादून ने कैलाश अस्पताल पहुंचकर भर्ती पुलिसकर्मियों और मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली तथा बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आग और धुएं से भरे आईसीयू में घुसकर मरीजों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों की बहादुरी की अब हर ओर चर्चा हो रही है। लोगों ने दून पुलिस के साहस, मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें “देवदूत” बताया।
बिजली की तारों से टकराकर जमीन पर गिरा हेलीकॉप्टर,सभी यात्री सुरक्षित
नई टिहरी। बुधवार सुबह टिहरी जनपद में मां सुरकंडा देवी मंदिर के चरणों में बसे सकलाना क्षेत्र के नौगांव में एक हेलीकॉप्टर बिजली की तारों से टकराकर जमीन पर आ गिरा। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। लेकिन सबसे बड़ा चमत्कार यह रहा कि हेलीकॉप्टर में सवार पायलट सहित सभी सात लोग सुरक्षित रहे।
हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से को क्षति पहुंची।
पायलट ने खेतों में आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन हेलीकॉप्टर तारों में फंसकर खेत में गिर गया। जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर सड़क मार्ग से देहरादून भेजा गया है।
वहीं, प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय लोग इसे मां सुरकंडा देवी की कृपा और चमत्कार मान रहे हैं। सकलाना क्षेत्र में घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।











