Tuesday, May 26, 2026
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सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लायेः धामी

मुख्यमंत्री ने समस्त जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक,
भू कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई जमीनों की होगी जांच,
भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए,
वक्फ संपत्तियों का ब्योरा, उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किए जाने की नियमित की जा रही समीक्षा,

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को निजी आवास, खटीमा से समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिला अधिकारियों को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा ग्राम सभाओं में स्थित सरकारी भूमि की भी जांच की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में भू कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई जमीनों की जांच भी की जाए। उन्होंने कहा इस अभियान में तेजी लाते हुए त्वरित सुनवाई की जाए एवं भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्थित शत्रु संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा वक्फ संपत्तियों का ब्योरा, उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किए जाने की नियमित समीक्षा हो। साथ ही इस ब्योरे की भी नियमित जांच की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा अन्य राज्यों से आए लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच भी की जाए एवं आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को चिन्हित भी किया जाए।जनसेवा केंद्रों की जांच एवं अवैध राशन कार्ड बनाकर सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे अपात्र लोगों को चिन्हित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। मुख्यमंत्री ने संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
आगामी मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों को पूर्व तैयारियाँ समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा प्रत्येक जिले में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने आंतरिक क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने, ग्रीष्मकालीन समय को देखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहाँ कहीं भी पानी की समस्या या तकनीकी दिक्कत हो, उसे तत्काल प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अनावश्यक ऊर्जा कटौती किसी भी स्थिति में न हो।उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली कटौती आवश्यक हो, तो इसकी पूर्व सूचना स्थानीय स्तर पर समय रहते आम जनता तक पहुँचाई जाए, जिससे लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर आने वाले श्रद्धालुओं से निरंतर फीडबैक भी लिया जाए और प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों के आधार पर व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा रूट पर पीने के पानी की समुचित उपलब्धता बनाए रखने तथा ट्रैफिक की प्रभावी कार्ययोजना के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मानसखंड यात्रा के अंतर्गत कैंची धाम बाईपास निर्माण कार्य को आगामी माह तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं उघान विभाग के माध्यम से पॉली हाउस, एप्पल मिशन, कीवी मिशन जैसी संचालित अनेक योजनाओं को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वास्तविक रूप से किसानों तक उनका लाभ पहुँचाने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य पूरा हो सके।
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को और अधिक तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जोशीमठ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून से पहले आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता एवं निगरानी बढ़ाई जाए।

सेक्सटॉर्शन’ रैकेट गैंग का फरार आरोपी देहरादून से गिरफ्तार

देहरादून। एसटीएफ और गोवा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में देहरादून से सेक्सटॉर्शन’ रैकेट गैंग के फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर गोवा के मापुसा थाना क्षेत्र में करोड़ों की रकम ऐंठने का आरोप है। उसके बाद से आरोपी फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने इस प्रकार की घटनाओं को अन्य राज्यों में भी अंजाम दिया है।
उत्तराखंड एसटीएफ ने गोवा के नार्थ गोवा जनपद के मापुसा पुलिस स्टेशन में दर्ज मुकदमें में फरार आरोपी सलमान खान निवासी देहरादून को थाना नहेरु कालोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर खुद को दिल्ली नारकोटिक ब्यूरो का ऑफिसर बताता था। उसने मापुसा नार्थ गोवा में मुंबई के एक बिजनेसमैन से करोड़ों रुपये की उगाही की। इस घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी के लिए गोवा पुलिस ने पहले उसके घर पर दबिश। जहां से आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग गया। उसके बाद आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने परिचित इमाद निवासी बेहट सहारनपुर के साथ अगस्त 2023 में कालका दिल्ली निवासी निवेदिता शर्मा से उसके घर पर मिला। जहां पर मो.आयान ,मोहम्मद वसीद, फैजान फरजान, यासर, राज चौधरी और हरिद्वार निवासी भुवन अरोड़ा से आरोपी की मुलाकात हुई। आरोपियों ने मिलकर एक ‘सेक्सटॉर्शन’ रैकेट गैंग बनाया। यह गैंग इस रैकेट के तहत लड़कियों का इस्तेमाल करके अमीर बिजनेसमैन को टारगेट करता था। उन अमीर लोगों से अश्लील काम करवाते थे। अमीर बिजनेसमैन लोगों की रेप्युटेशन खराब करने की धमकी देकर खुद को दिल्ली में नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी होने का दावा करके उनको बंधक बनाकर, धमका और मारपीट कर उनसे मोटे पैसे ऐंठते थे।
आरोपी ने योजना बनाकर निवेदिता शर्मा के माध्यम से पीड़ित मुंबई निवासी कारोबारी को अपने जाल में फंसाया। नार्थ गोवा में विला हाउस फॉरेस्ट कुचेलिया मापुसा को किराये पर लेकर उसमें वीडियो कैमरे फिट किये। योजना के तहत पीड़ित बिजनेसमैन को मिलने के लिए बुलाकर महिला निवेदिता शर्मा उसके साथ विला में रुक गयी। रात में साथी आरोपियों ने योजना के तहत विला में घुसकर खुद को दिल्ली नारकोटिक ब्यूरो टीम का बताया। साथ ही उसके अश्लील वीडियो बनाकर उसे बंधक बनाया। उसके साथ मारपीट की। आखिर में उससे करोड़ों रुपए ऐंठ लिए।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया पीड़ित के द्वारा पुलिस के पास शिकायत करने के बाद, दो संदिग्धों, निवेदिता शर्मा, भुवन अरोड़ा निवासी हरिद्वार को गिरफ्तार करते हुए घटना का खुलासा किया गया। इसी क्रम में इस गैंग के अन्य सदस्यों को भी गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना आरोपी सलमान खान घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। जिसे देहरादून से गिरफ्तार किया गया है।

 हिमालयी क्षेत्र कंचनगंगा में टूटा ग्लेशियर,नुकसान की कोई सूचना नही

चमोली। रविवार सुबह उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बदरीनाथ धाम के निकट कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने की घटना हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए रखी है। बताया जा रहा है कि गर्मी बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघलने लगते हैं, जिसके चलते इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हर साल यह ग्लेशियर धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसकता है और आगे चलकर कंचनगंगा क्षेत्र में आकर रुक जाता है।जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन से किसी प्रकार की जनहानि अथवा संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है तथा इस प्रकार की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। संबंधित स्थान पर हिमस्खलन सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई क्षेत्र में ही रुक गया, जिससे यातायात एवं आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।  प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।

नदी में तैरता मिला लापता व्यक्ति का शव,हत्या की आशंका

चमोली। रविवार सुबह  गैरसैंण विकासखंड क्षेत्र के देवपुरी गांव से पिछले छह दिनों से लापता व्यक्ति का शव घर से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर खनसर नदी में तैरता मिला। शव के बंधे होने और शरीर पर घाव के निशान होने से उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार  देवपुरी गांव के चिनुड़ीछानी तोक निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र सिंह पुत्र पुष्कर सिंह पिछले 18 मई की सुबह घर से काम पर जाने के बाद से ही लापता था। शुरुआती ढूंढ खोज के बाद परिजनों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई,तब अनहोनी की आशंका को लेकर पुलिस विभाग की डॉग स्क्वायड टीम द्वारा दो दिनों तक ग्रामीणों की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया गया था। लेकिन तब लापता व्यक्ति का कोई भी सुराग नहीं लग पाया था। वहीं ग्रामीणों को जब लापता राजेंद्र सिंह का शव घर से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर खनसर नदी में तैरता हुआ मिला तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई, इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शव के ग्रामीणों द्वारा पहले ही सर्च किए जा चुके इलाके में मिलने से पुलिस कोतवाल मनोज सिरौला ने पंचनामा भरने से पहले फॉरेंसिक टीम व फील्ड यूनिट को भी बुलाने की मांग की। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशों पर श्रीनगर से फॉरेसिंक टीम व जिला मुख्यालय गोपेश्वर से फील्ड यूनिट को मौके के लिए रवाना किया गया। कोतवाल मनोज सिरौला ने बताया कि फॉरेसिंक टीम द्वारा मौके पर पंहुचकर जरूरी साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। जिसके बाद शव का पंचनामा भर लिया गया है, शव को पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

संविदा वनकर्मी की हत्या का खुलासा,आरोपी चौकीदार गिरफ्तार

हल्द्वानी। पीपलपड़ाव जंगल क्षेत्र में संविदा वनकर्मी की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी चौकीदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के खुलासे के अनुसार  शराब के नशे में हुए विवाद के बाद आरोपी ने अपने साथी पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गयी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि 23 मई को भाखड़ा रेंज के प्लॉट संख्या-71 में एक व्यक्ति की हत्या की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही एसपी सिटी, सीओ हल्द्वानी अमित सैनी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। मृतक की पहचान मेवा लाल पुत्र हरी लाल निवासी कौशांबी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई, जो वन विभाग में रोपण रक्षक संविदा कर्मी के पद पर कार्यरत था। शुरुआती जांच में मौके पर मौजूद चौकीदार तिवारी सिंह के बयान संदिग्ध पाए गए। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि घटना वाली रात वो और मेवा लाल साथ में शराब पी रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर तिवारी सिंह ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से मेवा लाल पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी तिवारी सिंह निवासी गूलरभोज, दिनेशपुर को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

 हत्याकांड में शामिल फरार इनामी महिला गिरफ्तार

देहरादून। राजपुर क्षेत्र में एक साल पहले हुई अजय बटेजा हत्या मामले में पुलिस ने फरार 25 हजार की इनामी महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। प्रॉपर्टी विवाद के चलते मृतक के सौतेले भाई ने ही सुपारी देकर अपने भाई की हत्या करवाई थी। पुलिस इस मामले में घटना को अंजाम देने वाले उत्तर प्रदेश के शार्प शूटर राजन उर्फ जैकी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
जानकारी के अनुसार 26 मई 2025 को जतिन कुमार निवासी जीएमएस रोड ने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। दर्ज शिकायत में बताया गया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके भाई अजय बटेजा की जाखन स्थित कृष्णा विहार कॉलोनी में हत्या कर दी है। मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की। जिसके बाद पुलिस ने सर्विलांस सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से कई संदिग्धों से पूछताछ की. जिसके बाद उन पर नजर रखी गई।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पश्चिमी यूपी का कुख्यात शार्प शूटर जैकी भी इस हत्याकांड में शामिल है। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी जैकी को मुजफ्फरनगर से हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसके बाद इस घटना में शामिल उसकी महिला मित्र और दूसरे लोगों के बारे में पता चला।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया घटना के संबंध में थाना राजपुर पुलिस ने पहले ही राजन उर्फ जैकी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, अब पुलिस ने राजन की 25 हजार इनामी महिला आरोपी प्रेमिका हुमेंरा उर्फ जोया को गिरफ्तार किया है। साथ ही फरार अमित भटेजा की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में नव निर्मित आनंद धर्मशाला ट्रस्ट का किया लोकार्पण

हरिद्वार। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट द्वारा निर्मित धर्मशाला के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा इस अवसर पर आनंद धर्मशाला ट्रस्ट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षत्रिय कलौता समाज ने सदैव अपने परिश्रम, साहस और संस्कारों के बल पर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि खेती, व्यापार, शिक्षा, समाज सेवा तथा देश की सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज के लोगों ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा अन्य सुरक्षा बलों में सेवाएं देकर समाज के वीर सपूत राष्ट्र की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बना रहे हैं। उन्होंने श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट द्वारा धार्मिक जागरण, सांस्कृतिक संरक्षण और मानव कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री आनंद धर्मशाला सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना का सजीव प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार भारत की आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का प्रवेश द्वार है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु माँ गंगा की गोद में आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला का निर्माण पुण्य और सराहनीय कार्य है तथा यह आगामी कुंभ और चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले हरिद्वार कुंभ को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि घाटों के पुनरुद्धार, सड़क व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात और मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु तेजी से कार्य किए जा रहे हैं, ताकि हर श्रद्धालु को सुव्यवस्थित और सुरक्षित अनुभव प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भी केदारखंड एवं मानसखंड क्षेत्रों के प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य निरंतर प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सनातन मूल्यों और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने इसे मातृशक्ति के सम्मान और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्थलों पर ही धार्मिक आयोजन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार पतित पावनी माँ गंगा करोड़ों श्रद्धालुओं को आस्था, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती हैं, उसी प्रकार श्री आनंद धर्मशाला भी आने वाले समय में श्रद्धालुओं, जरूरतमंदों और समाज के लिए सेवा, सहयोग और सुविधा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।
इस अवसर पर हरी चेतना नन्द महाराज महामंडलेश्वर, कैलाश विजयवर्गीय मंत्री नागरिक प्रशासन मध्य प्रदेश, विनय रोहिला उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन, विशाल पटेल पूर्व विधायक देपालपुर इन्दौर, संतोष पटेल, उपाध्यक्ष आनंद ट्रस्ट धर्मशाला, आशाराम सिसोदिया अध्यक्ष महाकालीका ट्रस्ट इन्दौर, सीताराम पटेल अध्यक्ष देवास छात्रावास, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर, पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, उप जिलाधिकारी हरिद्वार जितेन्द्र कुमार, योगेश मेहरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए ट्रस्टी एवं श्रद्धालू मौजूद रहे।

बिन्दाल नदी में चैनलाइजेशन कार्य तेज करने के निर्देश, सुबह निरीक्षण पर निकले मंत्री गणेश जोशी

गणेश जोशी ने शुक्रवार सुबह क्षेत्र भ्रमण के दौरान विजय कॉलोनी का दौरा कर आगामी मानसून को देखते हुए सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विजय कॉलोनी पुल से बद्रीनाथ कॉलोनी तक बिन्दाल नदी में चैनलाइजेशन कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बरसात शुरू होने से पहले चैनलाइजेशन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि संभावित आपदा, कटाव और जलभराव जैसी समस्याओं से क्षेत्रवासियों को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानसून से पहले सभी जरूरी सुरक्षात्मक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाने चाहिए।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने विजय पेयजल कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में क्षेत्रवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की जल समस्या उत्पन्न न होने पाए। उन्होंने पेयजल व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। साथ ही नीलकण्ठ विहार, विजय कॉलोनी भाग-3 बस्ती और मुख्य चौराहे के आसपास रहने वाले लोगों के घरों तक नियमित पानी पहुंचाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के ईई पुरुषोतम कुमार, जल संस्थान के ईई आशीष भट्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, महामंत्री भावना चौधरी, पूर्व पार्षद सत्येन्द्र नाथ, राजेश शर्मा, डॉ. बबीता सहौत्रा, ओम प्रकाश बवाड़ी, दीपक बहुखण्डी, कुशाल समेत कई क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

देहरादून का पैनेसिया अस्पताल सील, ICU अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन

अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त, परिसर सील करने के आदेश

पैनेसिया अस्पताल के ICU में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है, वहीं मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर को सील करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल परिसर में नोटिस भी चस्पा किया है, जिसमें प्राथमिक जांच के दौरान कई गंभीर खामियां मिलने का उल्लेख किया गया है।

निरीक्षण में सामने आईं सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमियां

20 मई को हुए अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल की विद्युत व्यवस्था, ICU, अग्निशमन उपकरणों और इमरजेंसी निकासी प्रणाली की जांच की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। टीम ने पाया कि अस्पताल में विद्युत लोड आवश्यकता से अधिक था, जिससे एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट होने और आग फैलने की आशंका जताई गई।

ICU में आग लगने से गई थी महिला मरीज की जान

बीती 20 मई को अस्पताल के ICU में अचानक आग लग गई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग एसी यूनिट से शुरू हुई और तेजी से पूरे ICU कक्ष में फैल गई। धुएं के कारण अस्पताल में अफरातफरी मच गई थी। इस हादसे में एक महिला मरीज की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों को चोटें आई थीं। धुआं तेजी से फैलने के कारण मरीजों को बाहर निकालने में भी काफी कठिनाई हुई।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, सोशल मीडिया शिकायतों ने बढ़ाई मुश्किलें

घटना के बाद जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर अस्पताल से जुड़ी कई शिकायतें भी सामने आईं, जिनमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अग्निशमन व्यवस्था की कमी और मरीजों की सुरक्षा में लापरवाही जैसे आरोप लगाए गए। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित की थी।

क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों में भी खामियां

जांच रिपोर्ट में बताया गया कि अस्पताल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निर्धारित कई जरूरी मानकों का पालन नहीं कर रहा था। सुरक्षा उपकरणों की स्थिति, भवन सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य नहीं किया जाता, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।

जांच पूरी होने तक बंद रहेंगी चिकित्सा सेवाएं

प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और अस्पताल सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता, तब तक अस्पताल में किसी भी प्रकार की चिकित्सा गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्थाएं पहले से कमजोर थीं, लेकिन इस ओर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

बेटे ने अस्पताल में अकेला छोड़ा बीमार पिता, दून अस्पताल की घटना ने झकझोरा

इलाज के लिए अस्पताल लाया, भर्ती की बात सुनते ही चला गया बेटा

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मानव संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जिस बेटे की परवरिश के लिए एक पिता ने पूरी जिंदगी संघर्ष में गुजार दी, वही बेटा उन्हें अस्पताल के स्ट्रेचर पर दर्द से कराहता छोड़कर चला गया। बताया जा रहा है कि गढ़ी कैंट निवासी 71 वर्षीय सुरेश त्यागी को उनका बेटा शुक्रवार सुबह इलाज के लिए अस्पताल लेकर आया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन यह सुनते ही बेटा अस्पताल से गायब हो गया। बुजुर्ग करीब तीन घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़े बेटे का इंतजार करते रहे।

छह दिन पहले सड़क हादसे में हुए थे घायल

जानकारी के अनुसार, टपकेश्वर क्षेत्र निवासी सुरेश त्यागी घरों में पुताई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। करीब छह दिन पहले काम पर जाते समय एक स्कूटी चालक ने उन्हें टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद उनके दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया। उन्होंने शुरुआत में घर पर आराम कर दर्द ठीक होने की उम्मीद की, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई और चलने-फिरने में भी परेशानी होने लगी। असहनीय दर्द के बाद उन्होंने बेटे से अस्पताल ले जाने की बात कही।

जांच के बाद मांगे पैसों की वापसी

बताया गया कि बेटा अपने एक दोस्त के साथ पिता को दून अस्पताल लेकर पहुंचा। ऑर्थोपेडिक ओपीडी में डॉक्टरों ने जांच के दौरान गंभीर अंदरूनी चोट या फ्रैक्चर की आशंका जताई और तुरंत एक्स-रे व अन्य जांच कराने की सलाह दी।अस्पताल में जांच और एक्स-रे का बिल करीब 935 रुपये आया, जिसे बेटे ने अपने दोस्त से पैसे लेकर जमा किया। सभी जरूरी जांचें कराने के बाद बेटे ने स्ट्रेचर पर लेटे पिता से कहा कि उसने यह रकम दोस्त से उधार ली है और अभी वापस करनी होगी। जब सुरेश त्यागी ने लाचारी जताते हुए तुरंत पैसे लौटाने में असमर्थता जाहिर की, तो बेटा उन्हें अस्पताल में छोड़कर चला गया।

तीन घंटे तक दर्द से कराहते रहे बुजुर्ग

बुजुर्ग पिता करीब तीन घंटे तक अस्पताल के स्ट्रेचर पर दर्द से कराहते रहे। काफी देर तक उन्हें अकेला देखकर अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने सुरेश त्यागी की पत्नी से फोन पर संपर्क कराया।

चार हजार रुपये की नौकरी करती हैं पत्नी

सुरेश त्यागी की पत्नी एक स्कूल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करती हैं और उन्हें महज चार हजार रुपये वेतन मिलता है। सूचना मिलने पर उन्होंने किसी तरह स्कूल से छुट्टी ली और अस्पताल पहुंचीं। यह घटना न केवल पारिवारिक संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि बुजुर्गों के प्रति बदलते सामाजिक व्यवहार पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।