Sunday, May 24, 2026
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बिन्दाल नदी में चैनलाइजेशन कार्य तेज करने के निर्देश, सुबह निरीक्षण पर निकले मंत्री गणेश जोशी

गणेश जोशी ने शुक्रवार सुबह क्षेत्र भ्रमण के दौरान विजय कॉलोनी का दौरा कर आगामी मानसून को देखते हुए सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विजय कॉलोनी पुल से बद्रीनाथ कॉलोनी तक बिन्दाल नदी में चैनलाइजेशन कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बरसात शुरू होने से पहले चैनलाइजेशन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि संभावित आपदा, कटाव और जलभराव जैसी समस्याओं से क्षेत्रवासियों को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानसून से पहले सभी जरूरी सुरक्षात्मक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाने चाहिए।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने विजय पेयजल कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में क्षेत्रवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की जल समस्या उत्पन्न न होने पाए। उन्होंने पेयजल व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। साथ ही नीलकण्ठ विहार, विजय कॉलोनी भाग-3 बस्ती और मुख्य चौराहे के आसपास रहने वाले लोगों के घरों तक नियमित पानी पहुंचाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के ईई पुरुषोतम कुमार, जल संस्थान के ईई आशीष भट्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, महामंत्री भावना चौधरी, पूर्व पार्षद सत्येन्द्र नाथ, राजेश शर्मा, डॉ. बबीता सहौत्रा, ओम प्रकाश बवाड़ी, दीपक बहुखण्डी, कुशाल समेत कई क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

देहरादून का पैनेसिया अस्पताल सील, ICU अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन

अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त, परिसर सील करने के आदेश

पैनेसिया अस्पताल के ICU में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है, वहीं मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर को सील करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल परिसर में नोटिस भी चस्पा किया है, जिसमें प्राथमिक जांच के दौरान कई गंभीर खामियां मिलने का उल्लेख किया गया है।

निरीक्षण में सामने आईं सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमियां

20 मई को हुए अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल की विद्युत व्यवस्था, ICU, अग्निशमन उपकरणों और इमरजेंसी निकासी प्रणाली की जांच की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। टीम ने पाया कि अस्पताल में विद्युत लोड आवश्यकता से अधिक था, जिससे एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट होने और आग फैलने की आशंका जताई गई।

ICU में आग लगने से गई थी महिला मरीज की जान

बीती 20 मई को अस्पताल के ICU में अचानक आग लग गई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग एसी यूनिट से शुरू हुई और तेजी से पूरे ICU कक्ष में फैल गई। धुएं के कारण अस्पताल में अफरातफरी मच गई थी। इस हादसे में एक महिला मरीज की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों को चोटें आई थीं। धुआं तेजी से फैलने के कारण मरीजों को बाहर निकालने में भी काफी कठिनाई हुई।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, सोशल मीडिया शिकायतों ने बढ़ाई मुश्किलें

घटना के बाद जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर अस्पताल से जुड़ी कई शिकायतें भी सामने आईं, जिनमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अग्निशमन व्यवस्था की कमी और मरीजों की सुरक्षा में लापरवाही जैसे आरोप लगाए गए। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित की थी।

क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों में भी खामियां

जांच रिपोर्ट में बताया गया कि अस्पताल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निर्धारित कई जरूरी मानकों का पालन नहीं कर रहा था। सुरक्षा उपकरणों की स्थिति, भवन सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य नहीं किया जाता, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।

जांच पूरी होने तक बंद रहेंगी चिकित्सा सेवाएं

प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और अस्पताल सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता, तब तक अस्पताल में किसी भी प्रकार की चिकित्सा गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्थाएं पहले से कमजोर थीं, लेकिन इस ओर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

बेटे ने अस्पताल में अकेला छोड़ा बीमार पिता, दून अस्पताल की घटना ने झकझोरा

इलाज के लिए अस्पताल लाया, भर्ती की बात सुनते ही चला गया बेटा

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मानव संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जिस बेटे की परवरिश के लिए एक पिता ने पूरी जिंदगी संघर्ष में गुजार दी, वही बेटा उन्हें अस्पताल के स्ट्रेचर पर दर्द से कराहता छोड़कर चला गया। बताया जा रहा है कि गढ़ी कैंट निवासी 71 वर्षीय सुरेश त्यागी को उनका बेटा शुक्रवार सुबह इलाज के लिए अस्पताल लेकर आया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन यह सुनते ही बेटा अस्पताल से गायब हो गया। बुजुर्ग करीब तीन घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़े बेटे का इंतजार करते रहे।

छह दिन पहले सड़क हादसे में हुए थे घायल

जानकारी के अनुसार, टपकेश्वर क्षेत्र निवासी सुरेश त्यागी घरों में पुताई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। करीब छह दिन पहले काम पर जाते समय एक स्कूटी चालक ने उन्हें टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद उनके दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया। उन्होंने शुरुआत में घर पर आराम कर दर्द ठीक होने की उम्मीद की, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई और चलने-फिरने में भी परेशानी होने लगी। असहनीय दर्द के बाद उन्होंने बेटे से अस्पताल ले जाने की बात कही।

जांच के बाद मांगे पैसों की वापसी

बताया गया कि बेटा अपने एक दोस्त के साथ पिता को दून अस्पताल लेकर पहुंचा। ऑर्थोपेडिक ओपीडी में डॉक्टरों ने जांच के दौरान गंभीर अंदरूनी चोट या फ्रैक्चर की आशंका जताई और तुरंत एक्स-रे व अन्य जांच कराने की सलाह दी।अस्पताल में जांच और एक्स-रे का बिल करीब 935 रुपये आया, जिसे बेटे ने अपने दोस्त से पैसे लेकर जमा किया। सभी जरूरी जांचें कराने के बाद बेटे ने स्ट्रेचर पर लेटे पिता से कहा कि उसने यह रकम दोस्त से उधार ली है और अभी वापस करनी होगी। जब सुरेश त्यागी ने लाचारी जताते हुए तुरंत पैसे लौटाने में असमर्थता जाहिर की, तो बेटा उन्हें अस्पताल में छोड़कर चला गया।

तीन घंटे तक दर्द से कराहते रहे बुजुर्ग

बुजुर्ग पिता करीब तीन घंटे तक अस्पताल के स्ट्रेचर पर दर्द से कराहते रहे। काफी देर तक उन्हें अकेला देखकर अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने सुरेश त्यागी की पत्नी से फोन पर संपर्क कराया।

चार हजार रुपये की नौकरी करती हैं पत्नी

सुरेश त्यागी की पत्नी एक स्कूल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करती हैं और उन्हें महज चार हजार रुपये वेतन मिलता है। सूचना मिलने पर उन्होंने किसी तरह स्कूल से छुट्टी ली और अस्पताल पहुंचीं। यह घटना न केवल पारिवारिक संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि बुजुर्गों के प्रति बदलते सामाजिक व्यवहार पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का काउंटडाउन शुरू, सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

सीएम आवास से काउंटडाउन रन का शुभारंभ

पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास से “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026” के काउंटडाउन रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने आगामी 31 मई 2026 को आयोजित होने वाले नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभारंभ अवसर पर “क्यालु-हिम तेंदुआ” का भी अनावरण किया।

सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा का अभियान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि युवाओं का उत्साह यह साबित करता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा मौजूद है। उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रहे युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर नया इतिहास रचेंगे। यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी बनेगी।

नीति घाटी में दौड़ने के लिए चाहिए साहस और आत्मविश्वास

सीएम धामी ने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताते हुए कहा कि उत्तराखंड अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड बन रहा है।

सीमावर्ती गांवों को मिलेगा नया पहचान और अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव हैं, इस आयोजन के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और युवा उद्यमिता को नई गति देगा।

27 राज्यों और 2 देशों से 900 से अधिक प्रतिभागी

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महाआयोजन के लिए देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने इसे युवाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स और फिटनेस के बढ़ते आकर्षण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “फिट इंडिया मूवमेंट”, “खेलो इंडिया” और राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों के जरिए खेल और फिटनेस को जनआंदोलन बनाया जा रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

प्रतिभागियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ इस दौड़ में हिस्सा लें तथा सुरक्षित रूप से इसे पूरा कर 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

स्कूल से लौटते समय लापता हुईं 3 छात्राएं, रुद्रपुर में हड़कंप

छुट्टी के बाद अचानक गायब हुईं तीनों बच्चियां

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र से तीन स्कूली छात्राओं के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। स्कूल की छुट्टी के बाद तीनों बच्चियां बिना किसी को बताए कहीं चली गईं, जिसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

कक्षा आठ की छात्राएं हैं तीनों

जानकारी के अनुसार राजा कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने ट्रांजिट कैंप थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 14 वर्षीय बेटी 22 मई की सुबह अपनी दो सहेलियों के साथ स्कूल गई थी। तीनों छात्राएं ट्रांजिट कैंप स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ती हैं। बताया गया कि स्कूल की छुट्टी सुबह करीब 11 बजे हुई थी, लेकिन उसके बाद तीनों छात्राएं घर वापस नहीं पहुंचीं। जब काफी देर तक बच्चियां घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के संभावित स्थानों पर उनकी तलाश शुरू की।

काफी खोजबीन के बाद पुलिस से लगाई गुहार

परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किया, लेकिन बच्चियों का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजन ट्रांजिट कैंप थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

लापता छात्राओं में एक की उम्र 14 वर्ष, दूसरी की 13 वर्ष और तीसरी की 11 वर्ष बताई गई है। तीनों छात्राएं स्कूल यूनिफॉर्म में थीं, जिसमें लाल और क्रीम रंग की चेक शर्ट तथा क्रीम रंग की पैंट शामिल है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ट्रांजिट कैंप कोतवाली के उप निरीक्षक महेश कांडपाल ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही संभावित स्थानों पर पुलिस टीमें भेजकर छात्राओं की तलाश की जा रही है।

आमजन से पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इन छात्राओं के बारे में कोई जानकारी मिले तो तत्काल ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस को सूचना दें, ताकि बच्चियों को सकुशल बरामद किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने 483 अभ्यर्थियों को प्रदान किये नियुक्ति पत्र,साढ़े चार साल में 33 हजार अभ्यर्थियों को मिली सरकारी नौकरी

देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई विभाग एवं कृषि विभाग के अन्तर्गत विभिन्न पदों पर चयनित कुल 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें 473 पद सिंचाई एवं 10 पद कृषि विभाग के शामिल हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री और  मेजर जनरल (से.नि) भुवन चंद्र खंडूड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि खंडूड़ीी ने ऐसे उत्तराखंड का सपना देखा था, जहाँ युवाओं की पहचान उनकी मेहनत और प्रतिभा से हो। उन्होंने कहा आज युवाओं को मिलने जा रहे नियुक्तिपत्र इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार उनके सवप्नों को पूरा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा यह नियुक्ति पत्र वितरण प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि निश्चित ही युवा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा युवकों की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का संघर्ष और वर्षों की मेहनत छिपी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा जब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तभी व्यवस्था में योग्य और ईमानदार लोग आते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। नकल विरोधी कानून के परिणाम सामने आ रहें हैं। आज नौकरी में चयन, मेहनत और प्रतिभा से हो रहा है। यह नई कार्यसंस्कृति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बन रही है। जिसका परिणाम है कि साढ़े चार वर्षों में सरकार में करीब 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करना होना चाहिए। कोई भी विभाग, भवनों और फाइलों से नहीं अपितु कर्मठ और ईमानदार लोगों से चलता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी सिंचाई एवं कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट आई है। रिवर्स पलायन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है आज पहाड़ का युवा पलायन नहीं, संभावनाएँ देख रहा है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सभी युवा अपने जीवन में नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अब पात्र और मेहनती बच्चों को ही नियुक्तियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा आज लाखों नौजवान स्टार्टअप, नवाचार के माध्यम से भी नया अध्याय शुरू कर रहें हैं।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, महंत दलीप सिंह रावत, प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, युगल किशोर पंत मौजूद रहे।

फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार पदों पर होगी नई नियुक्तियांः मुख्यमंत्री

धामी ने वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था व मानसून की तैयारियों पर ली बैठक 
वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध की जाएगी सख्त कार्रवाई
वनाग्नि रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फॉरेस्ट गार्ड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हजार नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें। मुख्यमंत्री ने वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल को प्रदेशभर में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाने, वनाग्नि रोकथाम के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने तथा आग बुझाने वाले कार्मिकों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हजार नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम समितियों एवं वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने मानवकृवन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मोबाइल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने पर बल दिया। ग्रीष्मकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पूरी उपलब्धता बनी रहे तथा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र सुचारू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को पेयजल के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ तीर्थाटन एवं पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाए तथा मानसून काल में उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाया जा रहा है, उन्हें यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सकुशल यात्रा कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, सचिव सचिन कुर्वे, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
पेयजल और विद्युत व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर
ग्रीष्मकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पूरी उपलब्धता बनी रहे तथा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र सुचारू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को पेयजल के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ तीर्थाटन एवं पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं।
मानसून तैयारियों की समीक्षा, प्रभारी सचिव करेंगे स्थलीय निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाए तथा मानसून काल में उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाया जा रहा है, उन्हें यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सकुशल यात्रा कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

 नगर निगम का अतिक्रमण पर बड़ा अभियान, कई क्षेत्रों में अवैध कब्जे हटाए,निगम भूमि पर अवैध प्लाटिंग और निर्माण ध्वस्त

देहरादून | संवाददाता
देहरादून शहर को अतिक्रमणमुक्त और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नगर निगम देहरादून ने शुक्रवार को विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाते हुए अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। महापौर और नगर आयुक्त के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के दौरान निगम भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों, प्लाटिंग और कब्जों को हटाकर संबंधित स्थलों को अतिक्रमणमुक्त कराया गया।
नगर निगम की टीम ने धोरण खास क्षेत्र में खसरा संख्या 463 स्थित निगम भूमि पर अवैध रूप से लगाए गए बोर्ड, की गई अवैध प्लाटिंग तथा निर्मित दीवार को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान पूरी भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए सरकारी संपत्ति को सुरक्षित किया गया।
नगर निगम ने एटीएस कॉलोनी क्षेत्र में शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण की अनुमति भी जारी की है। निगम अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य भविष्य में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोकना है।
अभियान के तहत हरभजवाला क्षेत्र में खसरा संख्या 2062, 2064 और 2065 पर नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई सड़क के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। निगम टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क को हटाने की कार्रवाई अमल में लाई।
नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न मंडी क्षेत्रों में भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। वार्ड संख्या 98 के मंडी बाला वाला क्षेत्र में संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए, जबकि वार्ड संख्या 84 स्थित बंजारा वाला सब्जी मंडी क्षेत्र में भी अतिक्रमण को लेकर नोटिस प्रेषित किए गए।
इसके अलावा रायपुर तपोवन रोड क्षेत्र में भी निगम की टीम ने अभियान चलाते हुए अतिक्रमण के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निगम अथवा सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण या अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निगम अधिकारियों ने कहा कि शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार, प्रभावी और कठोर तरीके से जारी रहेगा।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का सीएचसी रायपुर पर औचक निरीक्षण

देहरादून | संवाददाता
उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सभी चिकित्सक ड्यूटी पर उपस्थित मिले, जिस पर मंत्री ने संतोष व्यक्त किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले पर्चा काउंटर का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपचार कराने आए मरीजों से भी बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने शुक्रवार को संचालित ईसीजी ओपीडी का भी अवलोकन किया और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जानी।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें, ताकि मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अस्पतालों में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि मरीजों को दवाइयां बाहर से खरीदने की आवश्यकता न पड़े। मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरा अस्पताल मरीजों के स्वास्थ्य और उपचार प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सीएचसी रायपुर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नए भवन के तैयार होने के बाद क्षेत्रवासियों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा और अस्पताल की कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार, आवश्यक जांच और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

 देहरादून के 32 केंद्रों पर होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा,24 मई को दो पालियों में परीक्षा, 12,545 अभ्यर्थी होंगे शामिल

देहरादून | विशेष संवाददाता
जनपद देहरादून में 24 मई 2026 को आयोजित होने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा जिले के 32 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 12,545 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस नोडल अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण करने और केंद्र व्यवस्थापकों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी संबंधी सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। इसके तहत जैमर, सीसीटीवी कैमरे, फेस ऑथेंटिकेशन एप और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की गहन जांच करने को कहा गया है।
प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों को परीक्षा से एक दिन पूर्व पूर्ण रूप से सैनिटाइज करने के निर्देश भी जारी किए हैं। इसके अलावा सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल नंबर संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों को उपलब्ध कराने और परीक्षा अवधि के दौरान मोबाइल फोन सक्रिय रखने को कहा गया है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित समन्वय किया जा सके।
प्रशासन के अनुसार परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई जाएगी।
* पहली पाली : सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक
* दूसरी पाली : दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों के सील्ड पैकेट निर्धारित समय पर कोषागार के डबल लॉकर से निकाले जाएंगे। प्रथम पाली के प्रश्नपत्र सुबह 7 बजे तथा द्वितीय पाली के प्रश्नपत्र सुबह 11 बजे संबंधित केंद्रों के लिए रवाना किए जाएंगे।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल, निगरानी व्यवस्था और संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिटी प्रवीण कुमार, एसडीएम योगेश मेहरा, विनोद कुमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी और अपर्णा ढौंडियाल सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।