Wednesday, May 13, 2026
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असम के हाथीकुली चाय बागान पहुंचे कृषि मंत्री गणेश जोशी, महिला श्रमिकों संग तोड़ी चाय की पत्तियां

उत्तराखंड में चाय उत्पादन और टी-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए असम मॉडल का होगा अध्ययन

उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने असम दौरे के दौरान प्रसिद्ध हाथीकुली चाय बागान का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने चाय बागानों में कार्यरत महिला श्रमिकों के साथ संवाद किया और स्वयं चाय की ताजी पत्तियां तोड़कर पारंपरिक टोकरियों में एकत्रित कीं।

कृषि मंत्री ने असमिया चाय को राज्य की आत्मा बताते हुए कहा कि चाय बागानों से जुड़े श्रमिकों का परिश्रम और समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि असम की चाय उद्योग से जुड़ी परंपराएं, उत्पादन प्रणाली और श्रमिकों की मेहनत भारतीय कृषि और उद्योग की मजबूत पहचान हैं।

भ्रमण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने हाथीकुली स्थित चाय फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्ट्री में चाय उत्पादन क्षमता, प्रसंस्करण और विपणन प्रणाली की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही वहां अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का अवलोकन किया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी चाय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए असम के अनुभवों और तकनीकों का अध्ययन कर उन्हें लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड में 1592 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चाय बागानों का विकास और रखरखाव किया जा रहा है। राज्य में लगभग 7 लाख किलोग्राम हरी चाय पत्तियों का उत्पादन हो रहा है, जिससे 1.44 लाख किलोग्राम प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन एवं बिक्री की जा रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाय उत्पादन के साथ-साथ टी-टूरिज्म को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत घोड़ाखाल, चम्पावत और कौसानी के चाय बागानों में टी-टूरिज्म योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

गणेश जोशी ने बताया कि चाय बोर्ड के अंतर्गत उत्तराखंड में वर्तमान में पांच चाय फैक्ट्रियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और उत्तराखंड की चाय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

पीजीआई रैंकिंग में उत्तराखंड की बड़ी छलांग, देशभर में हासिल किया 15वां स्थान

‘आकांक्षी-1’ से ‘प्रचेष्टा-3’ श्रेणी में पहुंचा राज्य, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जताई खुशी

विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार की ओर से जारी वर्ष 2024-25 की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स-2.0 (पीजीआई) रिपोर्ट में राज्य ने 584.5 अंक प्राप्त कर देशभर में 15वां स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष उत्तराखंड इस रैंकिंग में 24वें स्थान पर था, लेकिन इस बार राज्य ने शानदार सुधार करते हुए ‘आकांक्षी-1’ श्रेणी से निकलकर ‘प्रचेष्टा-3’ श्रेणी में जगह बनाई है।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, शिक्षकों की मेहनत और विभागीय अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालयी शिक्षा में किए जा रहे सुधार अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य ने पीजीआई रैंकिंग के छह प्रमुख डोमेन और 72 सूचकांकों में कुल 584.5 अंक अर्जित किए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 58.2 अंक अधिक हैं। उन्होंने कहा कि गवर्नेंस प्रोसेसेज, समानता एवं समावेशन, पहुंच और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में राज्य का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है।

विशेष रूप से समानता एवं समावेशन क्षेत्र में उत्तराखंड ने 260 में से 222.2 अंक प्राप्त किए हैं, जो समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की मजबूत पहल को दर्शाता है। वहीं गवर्नेंस प्रोसेसेज में 78.5 अंक प्राप्त होना प्रशासनिक दक्षता और मजबूत मॉनिटरिंग व्यवस्था का प्रमाण माना जा रहा है।

इसके अलावा पहुंच के क्षेत्र में राज्य ने 80 में 64.7 अंक हासिल किए हैं, जिससे विद्यालयों की उपलब्धता, नामांकन और विद्यार्थियों की पहुंच में हुए सुधार स्पष्ट दिखाई देते हैं। आधारभूत संरचना क्षेत्र में राज्य को 84.9, शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में 66.8 तथा लर्निंग आउटकम्स में 67.4 अंक प्राप्त हुए हैं।

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ‘प्रचेष्टा-3’ श्रेणी में उत्तराखंड ने गोवा, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्यों के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य की पीजीआई रैंकिंग को एकल अंक तक पहुंचाना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को और प्रभावी बनाने तथा यू-डायस प्लस, प्रबंध और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बेहतर समन्वय के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आधारभूत संरचना और लर्निंग आउटकम्स में और अधिक सुधार किया जा सके।

रायपुर और प्रेमनगर सीएचसी में शुरू हुई कार्डियक ओपीडी,ग्रामीण मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे

देहरादून में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल के तहत रायपुर और प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्डियक ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इस नई व्यवस्था से हार्ट रोगियों को अब इलाज और विशेषज्ञ परामर्श के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को अब अपने क्षेत्र में ही हृदय रोग विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई इस सुविधा के तहत प्रेमनगर और रायपुर सीएचसी में कार्डियक मरीजों की जांच, परामर्श और ईसीजी जांच की सुविधा दी जा रही है। मरीज मात्र 150 रुपये शुल्क देकर ईसीजी जांच करवा सकते हैं। अब तक दोनों अस्पतालों में 35 से अधिक मरीजों की ईसीजी जांच की जा चुकी है।
प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक बुधवार और रायपुर सीएचसी में हर शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक कार्डियोलॉजिस्ट मरीजों की जांच और परामर्श दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस पहल से दून अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल पर बढ़ते मरीजों का दबाव भी कम होगा।
विशेष रूप से पछवादून और परवादून क्षेत्र के लोगों के लिए यह सुविधा काफी राहतभरी साबित हो रही है। हार्ट से जुड़ी परेशानियों के इलाज के लिए अब उन्हें शहर के बड़े अस्पतालों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे मरीजों का समय बचने के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि वेलमेड अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञों के सहयोग से प्रेमनगर सीएचसी में अब तक तीन सफल कार्डियक ओपीडी संचालित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और ग्रामीणों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और अब तक 100 से अधिक मरीज विशेषज्ञ परामर्श का लाभ उठा चुके हैं।
वहीं रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वेलमेड अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीलेश चंद्र पांडे लगातार तीन सफल ओपीडी संचालित कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि जैसे-जैसे लोगों को इस सुविधा की जानकारी मिलेगी, अधिक संख्या में मरीज इसका लाभ उठाएंगे और उन्हें अन्य अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

देहरादून में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़,दुबई से जुड़े नेटवर्क के मिले सुराग

देहरादून | विशेष संवाददाता

उत्तराखंड में अपराध और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देहरादून पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र में संचालित एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार दुबई से संचालित प्रतिबंधित ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपी आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया माध्यमों से लोगों को जोड़कर बड़े स्तर पर सट्टेबाजी संचालित कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून और एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम ने 7 मई 2026 की रात बसंत विहार क्षेत्र स्थित ऋषि विहार कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में छापेमारी की। छापे के दौरान टीम ने पांच व्यक्तियों को आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ग्राहकों को जोड़कर सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बसंत विहार थाने में जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित रूप से महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े रहे लोगों के संपर्क में थे और वर्तमान में रेडीबुक बेटिंग एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित कर रहे थे। आरोपियों ने बताया कि उन्हें यूजर आईडी, पासवर्ड और तकनीकी एक्सेस उनके कथित संचालक सुमित यादव के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता था, जो दिल्ली-गुरुग्राम क्षेत्र से नेटवर्क संचालित करता है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि एप संचालन से जुड़ी तकनीकी जानकारी और एक्सेस कथित रूप से दुबई से उपलब्ध कराया जा रहा था। भारत में प्रतिबंधित होने के बाद इन प्लेटफॉर्म्स को विदेश से संचालित किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस को मौके से ऐसे कई बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन के दस्तावेज मिले हैं, जिनका इस्तेमाल सट्टेबाजी में किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब इन खातों में हुए ट्रांजैक्शन, पैसों के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि जिस फ्लैट से नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, उसे किराए पर लिया गया था और नेटवर्क का मुख्य संचालक समय-समय पर वहां आता-जाता था। पुलिस अब फ्लैट मालिक, वित्तीय नेटवर्क और तकनीकी सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान सट्टेबाजी में इस्तेमाल हो रहे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग सामग्री जब्त की। बरामद सामान में शामिल हैं—

03 लैपटॉप

17 मोबाइल फोन

 22 एटीएम कार्ड

हाई-स्पीड इंटरनेट फाइबर कनेक्शन

पुलिस अब सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि की जा सके।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ और बिहार के निवासी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है।

पुलिस और एसटीएफ ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई शुरुआती चरण है और पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

देहरादून पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ की इस कार्रवाई को राज्य में साइबर अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

चम्पावत प्रकरण पर महिला कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

देहरादून,ब्यूरो-

प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और भाजपा की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

चम्पावत में नाबालिग बालिका से जुड़े चर्चित प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। इस बीच उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और भाजपा पर गंभीर सवाल खड़े किए।

चम्पावत दौरे से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए ज्योति रौतेला ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ सामने आने वाले कई गंभीर मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आना बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे धरातल पर कमजोर दिखाई दे रहे हैं।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड में बीते कुछ वर्षों में महिलाओं से जुड़े कई संवेदनशील मामलों में सत्ता पक्ष से जुड़े नाम सामने आए हैं। उन्होंने हरिद्वार, नैनीताल, चम्पावत और अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने राज्य की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

उन्होंने विशेष रूप से अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले में भी सत्ता से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे, लेकिन अब तक जांच की वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट रूप से नहीं रखी गई है। उनका आरोप था कि सरकार केवल जांच का आश्वासन दे रही है, जबकि जनता पारदर्शिता चाहती है।

ज्योति रौतेला ने चम्पावत मामले को लेकर पुलिस प्रशासन से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में कई तथ्य अब भी स्पष्ट नहीं हैं और जनता के मन में अनेक सवाल मौजूद हैं।

उन्होंने पूछा कि पीड़िता और उसके पिता घटना के बाद 48 घंटे तक कहां थे? पीड़िता को दो दिनों के भीतर दो बार मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? यदि पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई साजिश थी, तो संबंधित लोगों के खिलाफ अब तक क्या कानूनी कार्रवाई की गई?

उन्होंने यह भी पूछा कि जिस स्थान से पीड़िता बरामद हुई, वहां परिस्थितियां क्या थीं, मेडिकल जांच में क्या तथ्य सामने आए और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित पत्र की सच्चाई क्या है।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इतने संवेदनशील मामले में बेहद कम समय में जांच पूरी कर मामले को “फर्जी” करार देना कई गंभीर सवाल पैदा करता है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक पुलिस केस नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था, पुलिस की पारदर्शिता और जनता के भरोसे से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने मांग की कि यदि सरकार और पुलिस अपने दावों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं, तो पूरे घटनाक्रम की विस्तृत टाइमलाइन, जांच रिपोर्ट और तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम समाप्त हो सके।

ज्योति रौतेला ने मांग की कि मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे जनता का भरोसा मजबूत होगा और सच्चाई सामने आ सकेगी।

उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाल में सामने आए अपराध संबंधी आंकड़े भी कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। उनके अनुसार महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।

पत्रकार वार्ता के दौरान महिला कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष चंद्रकला नेगी, प्रदेश महासचिव निधि नेगी, देहरादून जिला अध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव सुशीला शर्मा तथा अनुराधा तिवारी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी।

चंपावत प्रकरण में कांग्रेस की भूमिका पर भाजपा का बड़ा हमला

भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत बोलीं— सुनियोजित साजिश के तहत भाजपा की छवि खराब करने का प्रयास

महिला विरोधी राजनीति पर कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की उठाई मांग

ब्यूरो देहरादून | 

चंपावत में सामने आए कथित दुष्कर्म प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे मामले में कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे मुख्य षड्यंत्रकारी बताया है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक बदले की भावना और सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया है।

दीप्ति रावत ने कहा कि चंपावत में 5 मई को सामने आए कथित प्रकरण को कांग्रेस राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्यों और जांच का इंतजार किए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा संगठन और राज्य सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रारंभिक जांच और संबंधित युवती के बयानों के बाद अब स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो रही है और सामने आ रहे तथ्यों से यह मामला राजनीतिक साजिश की ओर इशारा कर रहा है।

भाजपा महामंत्री ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में जिस व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है, वह कथित तौर पर कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और लगातार अपने बयान बदल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और चुनावी लाभ के उद्देश्य से इस पूरे प्रकरण को अंजाम दिया गया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सकारात्मक राजनीति होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है।

दीप्ति रावत ने कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी को चुनौती देते हुए कहा कि एक महिला होने के नाते उन्हें अपने संगठन के महिला विरोधी कृत्यों का संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि समाज के लिए भी गलत संदेश देता है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार दुष्प्रचार और झूठ फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा लगातार नकारे जाने के बाद कांग्रेस राजनीतिक हताशा में इस तरह की रणनीतियां अपना रही है।

दीप्ति रावत ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है जब कांग्रेस ने भाजपा और सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया हो। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष भी कई मामलों में कांग्रेस ने बिना तथ्यों के आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया।

भाजपा ने स्पष्ट किया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के नाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस कथित साजिश में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन, महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी डॉ. दिव्या नेगी तथा महिला मोर्चा प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

भाजपा ने कहा कि राज्य की जनता सब देख रही है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

भारत में हैंड-टू-हैंड फाइटिंग खेल को मिलेगा नया आयाम

मुंबई /देहरादून,

भारत में हैंड-टू-हैंड फाइटिंग खेल को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। Hand-to-Hand Fighting Sport Federation of India (HSFI) के अध्यक्ष प्रदीप शिंदे ने हाल ही में Russian House in Mumbai के निदेशक विक्टर गोरेलिख से मुलाकात कर भारत में इस खेल के विकास, विस्तार और प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान प्रदीप शिंदे ने बताया कि फेडरेशन वर्ष 2021 से भारत में रूसी मार्शल आर्ट्स एवं हैंड-टू-हैंड फाइटिंग खेल को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि आज यह खेल देश के 18 राज्यों तक सफलतापूर्वक पहुंच चुका है और 4,000 से अधिक खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी इस खेल से जुड़े हुए हैं।

बैठक में दोनों पक्षों ने खेल और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इसमें संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी सेमिनार, खेल कार्यशालाएं तथा भविष्य में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
फेडरेशन का मानना है कि Russian House in Mumbai से मिलने वाला सहयोग और मान्यता भारतीय खिलाड़ियों के लिए कई नए अवसर लेकर आएगी। इससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय exposure, तकनीकी कौशल विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में भागीदारी तथा रूसी मार्शल आर्ट्स की समृद्ध परंपराओं से सीखने का अवसर प्राप्त होगा।
HSFI PR Committee की प्रमुख लतिका व्हाटकर ने कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय सहयोग पहल न केवल युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी, बल्कि फेडरेशन के अनुशासन, खेल भावना और वैश्विक खेल संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
बैठक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में संपन्न हुई। दोनों संस्थाओं ने भविष्य में नियमित संपर्क बनाए रखते हुए हैंड-टू-हैंड फाइटिंग खेल की निरंतर प्रगति, लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित करने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।

मानसून को लेकर सरकार अलर्ट,मुख्य सचिव ने तैयारियों की समीक्षा की

आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आगामी मानसून सीजन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागों और जनपदों की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया। उन्होंने सभी विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी कुछ महीने बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, क्योंकि राज्य में मानसून के साथ-साथ चारधाम यात्रा भी जारी है। उन्होंने सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूरी कर ली जाए, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्य सचिव ने बिजली और पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पेयजल लाइनों की मरम्मत एवं नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान बिजली और जलापूर्ति लंबे समय तक बाधित न होने पाए।

शहरी विकास विभाग, नगर निकायों और जिलाधिकारियों को नालों और नालियों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में जलभराव नहीं होना चाहिए। साथ ही नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बनने वाले अतिक्रमण और अवरोध हटाने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने राज्य के संवेदनशील नदी तटीय क्षेत्रों को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नदी मार्ग में जमा आरबीएम हटाने के निर्देश दिए ताकि नदियों का प्राकृतिक प्रवाह बना रहे और कटाव से आबादी व आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सरकार संसाधनों की कमी नहीं होने देगी। संवेदनशील स्थानों पर सड़क खोलने के लिए जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती और बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव और बोट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

बैठक में विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है तथा मानसून अवधि के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

विश्वास की कसौटी पर खरी उतरी दून पुलिस: 6 घंटे में हरिद्वार से सकुशल मिले 6 नाबालिग बच्चे

देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र से बुधवार को लापता हुए 6 नाबालिग बच्चों को दून पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर हरिद्वार रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और उत्तराखण्ड पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल कोतवाली डोईवाला में अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कीं। सभी बच्चे 12 से 15 वर्ष आयु वर्ग के थे और लालतप्पड़ स्थित एक विद्यालय में कक्षा 7 और 8 के छात्र बताए गए हैं।

बच्चों के स्कूल से घर नहीं लौटने पर परिजनों ने 6 मई 2026 की शाम पुलिस को सूचना दी थी।

पुलिस टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए स्कूल और आसपास के रास्तों पर लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ, आसपास के थानों को सूचना और सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरें प्रसारित कर खोज अभियान चलाया गया।

लगातार प्रयासों के बाद देर रात सभी बच्चे हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर मिले, जहां से उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्होंने मिलकर हरिद्वार घूमने की योजना बनाई थी। सभी बच्चे स्कूल जाते समय अपने बैग में अतिरिक्त कपड़े लेकर गए थे।

स्कूल की छुट्टी के बाद सभी बच्चे बस से हरिद्वार पहुंचे और हरकी पैड़ी सहित कई स्थानों पर घूमे। रात अधिक होने और घर लौटने पर डांट पड़ने के डर से वे हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुंच गए, जहां वे किसी ट्रेन से आगे जाने की सोच रहे थे।इसी दौरान पुलिस ने उन्हें खोजकर सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने दून पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

पुलिस की अभिभावकों से विशेष अपील

अभिभावक बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार रखें ताकि बच्चे अपनी बातें और योजनाएं खुलकर साझा कर सकें।

बच्चे समय पर स्कूल से घर पहुंच रहे हैं या नहीं, इसकी नियमित निगरानी करें। स्कूल बैग में अतिरिक्त सामान होने पर कारण अवश्य पूछें।

समय-समय पर स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों से संपर्क कर बच्चों की उपस्थिति और व्यवहार की जानकारी लेते रहें।

बच्चे सोशल मीडिया पर क्या देख रहे हैं और किन लोगों के संपर्क में हैं, इस पर विशेष सतर्कता बरतें।

यदि बच्चा लापता हो जाए या कोई संदिग्ध परिस्थिति हो तो बिना देर किए नजदीकी पुलिस स्टेशन या 112 नंबर पर संपर्क करें।