Wednesday, May 13, 2026
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नशे की गिरफ्त में नई पीढ़ी

समाज के पतन की सबसे भयावह तस्वीर तब सामने आती है, जब मासूम बचपन अपराध और नशे के बोझ तले दबने लगे। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि बच्चे को इस दलदल में धकेलने वाला उसका अपना जानकर ,दोस्त ही होता है। जब रिश्ते ही संरक्षण की जगह विनाश का माध्यम बनने लगें, तब यह समझ लेना चाहिए कि खतरा केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज की आत्मा तक पहुंच चुका है।
आज नशे का नेटवर्क इतनी गहराई तक फैल चुका है कि इसके तंतु हर वर्ग में दिखाई देने लगे हैं। कहीं महिलाएं, कहीं युवा, कहीं सरकारी कर्मचारी और कहीं प्रभावशाली लोग इस अवैध कारोबार से जुड़ते नजर आते हैं। अब बच्चों को ढाल बनाकर नशे की खेप पहुंचाई जा रही है, क्योंकि अपराधियों को मालूम है कि मासूम चेहरों पर संदेह कम होता है। यह स्थिति किसी संगठित अपराध तंत्र की ओर इशारा करती है, जो समाज की कमजोरियों का फायदा उठाकर अपनी जड़ें मजबूत कर रहा है।
उत्तराखण्ड जैसे शांत और पर्यटन आधारित राज्य के लिए यह खतरा और भी गंभीर है। पर्यटक सीजन के दौरान बाहरी गतिविधियों के साथ नशे और अन्य अपराधों का प्रवेश भी बढ़ जाता है। ऐसे में केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी, नियमित चेकिंग, डे-नाइट पेट्रोलिंग और विशेष टास्क फोर्स की आवश्यकता है। राज्य के प्रवेश द्वारों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सख्त निगरानी व्यवस्था समय की मांग बन चुकी है।
लेकिन केवल प्रशासन के भरोसे इस लड़ाई को नहीं जीता जा सकता। परिवार, समाज और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है। बच्चों के व्यवहार में बदलाव, गलत संगति और संदिग्ध गतिविधियों को नजरअंदाज करना आने वाले बड़े संकट को जन्म दे सकता है। समाज को यह समझना होगा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे भविष्य को खोखला करता है।
जरूरत इस बात की है कि हम समय रहते चेत जाएं। अगर मासूम कंधों पर नशे का बोझ बढ़ता रहा, तो आने वाली पीढ़ियां अपराध और अंधकार के ऐसे दलदल में फंस जाएंगी, जहां से लौटना बेहद कठिन होगा।

रोड रेज में युवक पर हमला करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई

देहरादून : दून पुलिस ने रोड रेज की घटना में युवक पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला करने वाले पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई।
मामला 5 मई 2026 का है, जब यश मित्तल निवासी अविरल अपार्टमेंट, कैनाल रोड किशनपुर ने दून स्कूल के पास कुछ लोगों द्वारा वाहन रोककर मारपीट करने की शिकायत कैंट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। शिकायत में पैसे और चेन छीनने का आरोप भी लगाया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटना में प्रयुक्त फ्रान्क्स वाहन को भी सीज कर दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह मामला रोड रेज से जुड़ा था। वहीं शुरुआती विवेचना और सीसीटीवी फुटेज में पैसे या चेन लूटने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

केदारनाथ में संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा, धारदार हथियार और खिलौना बंदूक बरामद
चमोली
केदारनाथ में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है। सीओ केदारनाथ नितिन लोहानी ने बताया कि 6 मई 2026 की शाम पुलिस टीम द्वारा टेंटों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति के पास से दो धारदार हथियार और दो खिलौना बंदूकें बरामद हुईं।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि पकड़ा गया व्यक्ति रायबरेली का निवासी है। पुलिस द्वारा उसके परिजनों से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि जिस टेंट संचालक ने बिना वैध पहचान पत्र के उक्त व्यक्ति को ठहराया था, उसके खिलाफ भी नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई की जा रही है।
रुद्रप्रयाग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

नीली बत्ती और हूटर लगाकर घूम रहा था कार सवार, मसूरी पुलिस ने गाड़ी की सीज

मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान पुलिस ने फर्जी वीआईपी कल्चर पर सख्त कार्रवाई की। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत लाइब्रेरी चौके पर चेकिंग के दौरान लाल-नीली फ्लैशलाइट, हूटर और काले शीशों वाली एक लग्जरी कार पकड़ी गई, जिसे बाद में सीज कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार चालक ने खुद को केंद्रीय मंत्रालय का अधिकारी बताकर रौब जमाने की कोशिश की, लेकिन वह वाहन के वैध दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिखा सका। जांच में पता चला कि कार पर अवैध काली फिल्म लगी थी और हूटर-फ्लैशलाइट का इस्तेमाल वीआईपी ट्रीटमेंट पाने तथा ट्रैफिक और टोल से बचने के लिए किया जा रहा था।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही हूटर और फ्लैशलाइट हटवाकर वाहन सीज कर दिया। देवेंद्र चौहान ने कहा कि नियम तोड़ने और फर्जी वीआईपी कल्चर दिखाने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

ड्रग्स सप्लाई चेन तोड़ने को एजेंसियां एकजुट, सख्त कार्रवाई के निर्देश

ड्रग्स के खिलाफ चौकसीः मेडिकल स्टोर और संदिग्ध इलाकों पर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
हर शिक्षण संस्थान में एंटी ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने पर जोर,
जिले में नशीली दवाओं व अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और नशे के बढ़ते प्रचलन को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जन-जागरूकता से लेकर कानूनी कार्रवाई तक के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मादक पदार्थों की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शिक्षण संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान निरंतर और बहुआयामी रूप से जारी रहे।
अपर जिलाधिकारी ने विद्यालयों के आसपास और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने और हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोर्टल तथा जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन 9625777399 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। ताकि नशे की समस्या से जूझ रहे लोग समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
युवाओं में केमिकल नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह समाज के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। जिसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि विभाग सहित सभी एजेंसियों को एकजुट होकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में औचक निरीक्षण के साथ संदिग्ध मामलों की रैंडम सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए, जिससे समय रहते नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही नशामुक्ति केंद्रों के नियमित निरीक्षण और उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी को भी अनिवार्य बताया। साथ ही जनपद में बाल पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया।
बैठक में विभागीय एजेंसियों द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में 84 पंजीकृत और 2 अपंजीकृत नशामुक्ति केंद्र थे। भौतिक सत्यापन में 23 केंद्र बंद पाए गए, जबकि 15 केंद्रों में अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाए गए ड्रग्स टेस्टिंग अभियान के तहत 711 संदिग्ध छात्रों के सैंपल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी अनिवार्य कर दिया गया है और बिना फार्मासिस्ट के दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस विभाग ने बताया कि मानस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वहीं, रायावाला स्थित 30 बैडेड नशामुक्ति केंद्र से 6 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 14 का उपचार जारी है।
बैठक में एसडीएम सदर कुमकुम जोशी, सीओ पुलिस जगदीश पंत, जिला आबकारी अधिकारी वीके जोशी, एसीएमओ डा0 दिनेश चौहान, अपर समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूडी, सीईओ वीके ढ़ौडियाल, आसरा ट्रस्ट से सुप्रिया सहि समिति के अन्य सदस्य एवं वर्चुअल माध्यम से तहसीलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जनपद में सरकारी संपति पर अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर निगम की कार्यवाही जारी

नगर निगम, देहरादून द्वारा शहर में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विगत एक माह के दौरान नगर निगम क्षेत्रांतर्गत व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए अनेक स्थानों पर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। साथ ही अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

अभियान के अंतर्गत मौजा नत्थनपुर स्थित खसरा संख्या-8 में अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवाल को ध्वस्त करते हुए लगभग 860 वर्ग मीटर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। पेरिस विहार (खसरा संख्या-102) में 4 अवैध मकानों को ध्वस्त कर निगम द्वारा भूमि पर पुनः कब्जा स्थापित किया गया।

इसी प्रकार ब्राह्मणवाला खाला क्षेत्र में 300 वर्ग मीटर एवं 150 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर निगम द्वारा स्वामित्व बोर्ड स्थापित किए गए। कंडोली क्षेत्र में भी लगभग 400 वर्ग मीटर भूमि को कब्जामुक्त कर निगम ने अपने स्वामित्व को चिन्हित किया।

मक्कावाला क्षेत्र में निगम भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त किया गया। वहीं नवादा क्षेत्र में निगम द्वारा निर्मित मार्ग पर अवैध रूप से लगाए गए गेट एवं बाउंड्रीवाल को हटाकर सार्वजनिक आवागमन को पुनः सुचारू किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों को मार्ग का लाभ मिल सका।

चकतुंवाला क्षेत्र में नालों से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। इसके अतिरिक्त नेहरूग्राम, इंद्रपुर, बसंत विहार, सेमाद्वार, सालन गांव एवं शिवालिक नगर क्षेत्रों में भी निगम की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

नगर निगम, देहरादून द्वारा अतिक्रमण के विरुध कार्यवाही में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित किये जाने के हेतु “अनु-पोर्टल“ विकसित किया गया है।

भूमि अनुभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा निर्माण पाए जाने पर बिना पूर्व सूचना के कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अतिक्रमण की पुनरावृत्ति होने पर पब्लिक न्यूसेन्स से संबंधित धाराओं के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नगर निगम द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें एवं शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित तथा अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।

निगम का यह सघन अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा शहर में अतिक्रमण के विरुद्ध “शून्य सहनशीलता” की नीति को पूर्ण सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।

एक सौ ग्यारह करोड़ से अधिक की धनराशि पेंशनरों के खातों में जारी 

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग के पेंशनर्स को वन क्लिक के माध्यम से अप्रैल माह की पेंशन का भुगतान किया। जिसमें शत प्रतिशत राज्य पोषित योजनाओं के 7,56,682 पेंशनर्स को कुल 111 करोड़ 82 लाख 52 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई, इसमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन शामिल है।
सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार अंत्योदय के लिए समर्पित है, इसलिए सरकार आर्थिक- सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग की पेंशन का लाभ दिलाने के लिए लगातार कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके फलस्वरूप अब प्रत्येक वर्ष 60 हजार से अधिक नए लोग समाज कल्याण की पेंशन से जुड़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे भी इस तरह के बहुउद्देशीय कैम्प आयोजित किए जाएं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 59 वर्ष की आयु पूरे करने वाले लोगों के बीच सर्वे कर पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि 60 साल की उम्र पूरी होते ही उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए वार्षिक आय को व्यावहारिक बनाया जाए, साथ ही पेंशन योजनाओं सहित विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी एक जगह पर उपलब्ध कराने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवाचार अपनाने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि विभाग समाज कल्याण के क्षेत्र में कुछ बेस्ट प्रैक्टिस कर अन्य विभागों के साथ भी साझा करें। साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों और पेंशनर्स से संवाद भी करें।
इस मौके पर विभागीय मंत्री श्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विभाग, प्रत्येक जरूरतमंद का ख्याल रख रहा है। उन्होंने कहा कि पेंशन योजनाओं में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जा रही है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, निदेशक समाज कल्याण डॉ. संदीप तिवारी, अपर सचिव समाज कल्याण प्रकाश चंद्र एवं समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

उत्तराखंड एसटीएफ के हाथ आया SSC परीक्षा नकल केस मुख्य सरगना

साल 2026 फरवरी में एसएससी परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया था,  मुख्य आरोपी था फरार

उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ ने 13 फरवरी 2026 को आयोजित एसएससी यानी स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि गिरफ्तार आरोपी अपने लैब के माध्यम से अभ्यर्थियों को रिमोटली नकल कराता था। एसएससी परीक्षा में नकल करा रहे गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। साथ ही आरोपियों ने परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन देकर प्रत्येक अभ्यर्थियों से सेलेक्ट होने पर संबंधित पद के ग्रेड पे के हिसाब से पैसों की मांग करता था।
उत्तराखंड एसटीएफ ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 फरवरी को सेन्टर में मल्टीटास्किंग (नॉन टैक्निकल) स्टाफ और हवलदार ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा रही थी, जिसमें एसटीएफ देहरादून को परीक्षा केंद्र में अनुचित रिमोट एक्सेस संसाधनों उपयोग कर परीक्षा में नकल कराए जाने के संबंध में गोपनीय सूचना भी मिली थी।
इसके बाद पुलिस ने परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में छापा मारा तो वहां अंदर ग्राउंड चैंबर तैयार करके रिमोट एक्सेस के जरिए अभ्यार्थियों को नकल कराने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस ने मौके पर लैब और एक्सेस पार्ट को सील करते हुए आरोपी नितिश कुमार और भास्कर नैथानी को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद 14 फरवरी को कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की जांच उत्तराखंड एसटीएफ को दी गई थी। एसटीएफ की टीम ने परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का मुख्य सरगना शुभम भटनागर निवासी विजयनगर थाना कुतुबशेर जनपद सहारनपुर को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया है।
उत्तराखंड एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि घटना के बाद से ही शुभम भटनागर फरार हो गया था, जिसके सम्बन्ध में एसटीएफ टीम लगातार इनपुट विकसित कर गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी। 4 अप्रैल को एसटीएफ टीम ने फरार आरोपी शुभम भटनागर को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। साथ ही आरोपी शुभम द्वारा पुछताछ में कुछ अहम जानकारियां भी दी है, जिसके संबंध में विवेचना कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई नियम अनुसार की जाएगी।

अंतरराज्यीय चोर गिरोह का दून पुलिस ने किया पर्दाफाश

कैण्ट क्षेत्र हुई चोरी की घटना में गिरोह के एक अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्त के कब्जे से घटना में चोरी किया गया माल हुआ बरामद

थाना केंट में आनंद सिंह डूंगरियाल ने लिखित तहरीर दी कि अज्ञात चोरों द्वारा उनके घर से ज्वैलरी व नगदी चोरी कर ली गई है। तहरीर के आधार पर थाना कैण्ट पर अभियोग का पंजीकृत किया गया।
वर्तमान में प्रचलित ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सघन चैकिंग/सत्यापन अभियान चलाते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
इसी क्रम में घटना के अनावरण तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर थाना कैण्ट पर पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल तथा उसके आस-पास आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का अवलोकन कर संदिग्धों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर सुरागरसी- पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। साथ ही पूर्व में इस प्रकार की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्तों की वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया। इसके अतिरिक्त सर्विलांस के माध्यम से भी अभियुक्तों के सम्बन्ध में जानकारी की गई।
पुलिस द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयासों से पुलिस टीम को उक्त घटना में संभल के एक गिरोह के शामिल होने की जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर तत्काल एक टीम को संभल उत्तर प्रदेश रवाना किया गया, जहां टीम द्वारा घटना में शामिल अभियुक्तों के संबंध में गोपनीय रूप से जानकारियां एकत्रित करते हुए अभियुक्त मोहम्मद शान पुत्र मोहम्मद कल्लू निवासी-ग्राम गुमथल, थाना- बनिया खेर, जिला – संभल, उत्तर प्रदेश, उम्र 23 वर्ष को संभल, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से घटना चोरी की गई ज्वैलरी व नगदी बरामद हुई।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा अपने गांव के रहने वाले एक व्यक्ति तथा उसके 02 अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की उक्त घटना कों अंजाम दिया गया था। घटना से पूर्व वे सभी 02 बाइकों पर सवार होकर देहरादून आये थे तथा दिन में उनके द्वारा कैण्ट क्षेत्र में बंद मकानों की रैकी करते हुए उक्त घर को चिन्हित किया था तथा रात्रि में मौका देखकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद वे सभी अलग-अलग रास्तों से वापस संभल आ गये तथा संभल पहुंचकर घटना में चोरी किये गये माल को आपस में बांट लिया, जिसके पश्चात वो सभी अलग-अलग स्थानों को फरार हो गये।
अभियुक्त से पूछताछ में गिरोह के सरगना के विरूद्ध झारखण्ड, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में आपराधिक घटनाओं के कई अभियोग पंजीकृत होना प्रकाश में आया है, जिसके सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है साथ ही घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु सभी सम्भावित स्थानों पर दबिशें दी जा रही हैं।

शहर के नालों की सफाई हेतु ”100 Days One Mission-Reviving Our Rivers” अभियान हो रहा संचालित

देहरादून : मेयर सौरभ थपलियाल के मार्गदर्शन तथा नगर आयुक्त के नेतृत्व में नगर निगम द्वारा 08 मार्च 2026 से निगम क्षेत्रांतर्गत वृहद स्तर पर नाले एवं नालियों की विशेष सफाई अभियान ”100 Days One Mission-Reviving Our Rivers” संचालित किया जा रहा हैं। यह विशेष अभियान आगामी वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ व व्यवस्थित बनाने तथा नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
नगर निगम द्वारा इस अभियान को प्राथमिकता के आधार पर बहु-स्तरीय क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें मुख्य नालों, सहायक नालों एवं आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के अंतर्गत अब तक 09 प्रमुख नालों की सफाई सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी है, जबकि शेष नालों में कार्य युद्धस्तर पर प्रगति पर है।
सफाई अभियान के दौरान नालों एवं नालियों से लगभग 7922.94 मीट्रिक टन कचरा निकाला जा सुका है, जिसमें मुख्य रुप से ठोस अपशिष्ठ,प्लास्टिक कचरा एवं अन्य अवरोधक सामग्री शामिल है। इस व्यापक सफाई अभियान के तहत 6 जेसीबी मशीनों, 7 डम्पर एवं 9 टैक्टर ट्रालियों की सहायता से जमा कचरें को हटाकर उसका वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण किया जा रहा हैं। इसके साथ ही उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक पाई गई थी, ताकि समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।
नगर आयुक्त द्वारा अभियान की सतत निगरानी हेतु संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं, जिससे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित हो सके। साथ ही क्षेत्र में नियमित निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा भी की जा रही है।
नगर निगम, देहरादून नागरिकों से अपील करता है कि वे नालों एवं नालियों में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, जिससे जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो। स्वच्छ, स्वस्थ एवं जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
नगर निगम का यह विशेष सफाई अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं जलभराव मुक्त बनाने के लक्ष्य को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ हासिल किया जाएगा।