Wednesday, May 13, 2026
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चम्पावत प्रकरण पर महिला कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

देहरादून,ब्यूरो-

प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और भाजपा की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

चम्पावत में नाबालिग बालिका से जुड़े चर्चित प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। इस बीच उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और भाजपा पर गंभीर सवाल खड़े किए।

चम्पावत दौरे से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए ज्योति रौतेला ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ सामने आने वाले कई गंभीर मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आना बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे धरातल पर कमजोर दिखाई दे रहे हैं।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड में बीते कुछ वर्षों में महिलाओं से जुड़े कई संवेदनशील मामलों में सत्ता पक्ष से जुड़े नाम सामने आए हैं। उन्होंने हरिद्वार, नैनीताल, चम्पावत और अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने राज्य की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

उन्होंने विशेष रूप से अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले में भी सत्ता से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे, लेकिन अब तक जांच की वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट रूप से नहीं रखी गई है। उनका आरोप था कि सरकार केवल जांच का आश्वासन दे रही है, जबकि जनता पारदर्शिता चाहती है।

ज्योति रौतेला ने चम्पावत मामले को लेकर पुलिस प्रशासन से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में कई तथ्य अब भी स्पष्ट नहीं हैं और जनता के मन में अनेक सवाल मौजूद हैं।

उन्होंने पूछा कि पीड़िता और उसके पिता घटना के बाद 48 घंटे तक कहां थे? पीड़िता को दो दिनों के भीतर दो बार मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? यदि पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई साजिश थी, तो संबंधित लोगों के खिलाफ अब तक क्या कानूनी कार्रवाई की गई?

उन्होंने यह भी पूछा कि जिस स्थान से पीड़िता बरामद हुई, वहां परिस्थितियां क्या थीं, मेडिकल जांच में क्या तथ्य सामने आए और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित पत्र की सच्चाई क्या है।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इतने संवेदनशील मामले में बेहद कम समय में जांच पूरी कर मामले को “फर्जी” करार देना कई गंभीर सवाल पैदा करता है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक पुलिस केस नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था, पुलिस की पारदर्शिता और जनता के भरोसे से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने मांग की कि यदि सरकार और पुलिस अपने दावों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं, तो पूरे घटनाक्रम की विस्तृत टाइमलाइन, जांच रिपोर्ट और तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम समाप्त हो सके।

ज्योति रौतेला ने मांग की कि मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे जनता का भरोसा मजबूत होगा और सच्चाई सामने आ सकेगी।

उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाल में सामने आए अपराध संबंधी आंकड़े भी कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। उनके अनुसार महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।

पत्रकार वार्ता के दौरान महिला कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष चंद्रकला नेगी, प्रदेश महासचिव निधि नेगी, देहरादून जिला अध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव सुशीला शर्मा तथा अनुराधा तिवारी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी।

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