देहरादून | विशेष संवाददाता
उत्तराखंड में अपराध और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देहरादून पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र में संचालित एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार दुबई से संचालित प्रतिबंधित ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया माध्यमों से लोगों को जोड़कर बड़े स्तर पर सट्टेबाजी संचालित कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून और एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम ने 7 मई 2026 की रात बसंत विहार क्षेत्र स्थित ऋषि विहार कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में छापेमारी की। छापे के दौरान टीम ने पांच व्यक्तियों को आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ग्राहकों को जोड़कर सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बसंत विहार थाने में जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित रूप से महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े रहे लोगों के संपर्क में थे और वर्तमान में रेडीबुक बेटिंग एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित कर रहे थे। आरोपियों ने बताया कि उन्हें यूजर आईडी, पासवर्ड और तकनीकी एक्सेस उनके कथित संचालक सुमित यादव के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता था, जो दिल्ली-गुरुग्राम क्षेत्र से नेटवर्क संचालित करता है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि एप संचालन से जुड़ी तकनीकी जानकारी और एक्सेस कथित रूप से दुबई से उपलब्ध कराया जा रहा था। भारत में प्रतिबंधित होने के बाद इन प्लेटफॉर्म्स को विदेश से संचालित किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस को मौके से ऐसे कई बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन के दस्तावेज मिले हैं, जिनका इस्तेमाल सट्टेबाजी में किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब इन खातों में हुए ट्रांजैक्शन, पैसों के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि जिस फ्लैट से नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, उसे किराए पर लिया गया था और नेटवर्क का मुख्य संचालक समय-समय पर वहां आता-जाता था। पुलिस अब फ्लैट मालिक, वित्तीय नेटवर्क और तकनीकी सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान सट्टेबाजी में इस्तेमाल हो रहे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग सामग्री जब्त की। बरामद सामान में शामिल हैं—
03 लैपटॉप
17 मोबाइल फोन
22 एटीएम कार्ड
हाई-स्पीड इंटरनेट फाइबर कनेक्शन
पुलिस अब सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि की जा सके।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ और बिहार के निवासी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है।
पुलिस और एसटीएफ ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई शुरुआती चरण है और पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
देहरादून पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ की इस कार्रवाई को राज्य में साइबर अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।


