देहरादून। कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की स्थिति और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में आईटीआई में छात्र संख्या बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई।
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आगामी प्रवेश एवं भर्ती सत्र को ध्यान में रखते हुए विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कौशल विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी गांव-गांव और स्कूल-कॉलेज स्तर तक पहुंचाई जाए, जिससे युवाओं में आईटीआई और तकनीकी प्रशिक्षण के प्रति रुचि बढ़े।
बैठक में मंत्री ने जानकारी दी कि टीवीसी मोटर कंपनी के सहयोग से देहरादून के निरंजनपुर, श्रीनगर और अल्मोड़ा स्थित आईटीआई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से छात्रों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
सौरभ बहुगुणा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 32 आईटीआई डीएसटी मॉडल के तहत संचालित हो रहे हैं, जिसमें छात्र छह माह संस्थान में और छह माह उद्योगों में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इस व्यवस्था को और विस्तार देते हुए अब ऐसे आईटीआई की संख्या बढ़ाकर 45 की जाएगी। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जल्द ही 168 नए आईटीआई प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इससे संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कौशल विकास विभाग का लक्ष्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है।
बैठक में विभागीय अधिकारियों को सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आईटीआई संस्थानों में प्रशिक्षण और आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।

