जनहित और नवाचार आधारित पहलों पर विशेष जोर,
ई-ऑफिस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भी समीक्षा
देहरादून, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों और जनहित से जुड़े विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने निष्प्रयोज्य एवं अनुपयोगी शासकीय वाहनों की नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सभी कार्यालय परिसरों को डेंगू मुक्त बनाए रखने के लिए नियमित साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम और पानी की टंकियों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन पर जोर देते हुए सभी विभागों को कार्यालयी कार्यों में डिजिटल प्रणाली का अधिकतम उपयोग करने को कहा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान उन्होंने लंबित प्रकरणों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान निर्धारित समयसीमा में हो और अनावश्यक रूप से मामले लंबित न रहें।
सड़कों पर गड्ढों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शीघ्र मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) को सड़कों पर न रखने के निर्देश देते हुए ऐसे स्थलों की पहचान कर तत्काल मलबा हटाने को कहा।
बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने दुर्घटना की आशंका वाले असुरक्षित स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को अभिभावकों और विद्यालयों के लिए बच्चों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रसारित करने को कहा।
नवाचार आधारित पहलों पर भी हुआ मंथन
बैठक में जनहित से जुड़ी कई नवाचार आधारित पहलों पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नवविवाहित दंपतियों के लिए ऑनलाइन संकल्प व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी मोबाइल एप और चिकित्सालयों में प्रतीक्षा समय कम करने के लिए डिजिटल टोकन प्रणाली विकसित करने के सुझावों पर विचार किया गया।
शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों में मंदारिन भाषा शिक्षण की संभावनाओं के साथ ही विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, नशा मुक्ति और अन्य सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए पाठ्यक्रम विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
निराश्रित पशुओं के बेहतर प्रबंधन के लिए आरएफआईडी चिप आधारित पहचान प्रणाली विकसित करने का सुझाव भी बैठक में रखा गया। महिला सुरक्षा के दृष्टिगत सार्वजनिक स्थलों पर शी-टॉयलेट स्थापित करने और शहर के डार्क स्पॉट्स की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सभी बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

