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व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम बंद होने से 296 प्रशिक्षकों और 25-30 हजार छात्रों का भविष्य अंधकारमय: नेगी

जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने तहसील घेराव कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

विकासनगर/देहरादून: जन संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में तहसील घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने व्यावसायिक शिक्षकों एवं छात्रों की समस्याओं को लेकर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में नायब नाजिर बिजल्वान को सौंपा गया।

मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य के 200 विद्यालयों और 28 स्पोक विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के स्थगित होने तथा अनुबंध अवधि नहीं बढ़ाए जाने से 296 व्यावसायिक प्रशिक्षकों और लगभग 25 से 30 हजार छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम की अनुबंध अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है। अनुबंध समाप्त हुए लगभग चार माह होने को हैं, लेकिन अब तक प्रशिक्षकों की सेवाओं को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रशिक्षक बेरोजगार हो गए हैं और छात्रों की व्यावसायिक शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।

नेगी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को बेरोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षकों और छात्रों की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम को पुनः संचालित करना चाहिए और प्रशिक्षकों के अनुबंध का नवीनीकरण किया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि 296 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ राज्य के हजारों छात्रों की शिक्षा को भी सुचारु रूप से जारी रखने के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएं।

इस दौरान जन संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की।

 

 

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