Wednesday, May 13, 2026
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“मेरा ई-केवाईसी” ऐप से 30 मई तक राशन कार्ड की ई-केवाईसी करना अनिवार्य

राज्य सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। सभी यूनिट धारकों को 30 मई तक हर हाल में अपनी ई-केवाईसी पूर्ण कराने को कहा गया है, ताकि भविष्य में राशन प्राप्ति में किसी प्रकार की असुविधा न हो। न


सरकार द्वारा नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर के माध्यम से “मेरा ई-केवाईसी” ऐप तैयार किया गया है। इस ऐप की मदद से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असहाय राशन कार्ड धारक घर बैठे ही अपनी ई-केवाईसी आसानी से पूरी कर सकते हैं। ऐप में आधार संख्या, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी और फेस रिकॉग्निशन के जरिए सरल प्रक्रिया अपनाई गई है।
आंकड़ों के अनुसार, सफेद राशन कार्ड धारकों में 72 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। कुल 9,58,624 धारकों में से 6,91,086 लाभार्थियों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं, पीले राशन कार्ड धारकों में अब तक 40 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरी हुई है। कुल 5,03,316 में से 1,98,241 धारकों ने अपनी ई-केवाईसी कराई है।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि “मेरा ई-केवाईसी” ऐप के माध्यम से छूटे हुए लाभार्थी भी आसानी से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विशेष रूप से जो लोग राशन की दुकान तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह ऐप काफी उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने सभी राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण कर लें, ताकि उन्हें सरकारी खाद्यान्न का लाभ निरंतर मिलता रहे।

वायरल पत्र फर्जी, छवि खराब करने की कोशिश: अरविंद पांडेय

पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने उनके नाम से वायरल पत्र को फर्जी और छवि खराब करने का प्रयास बताया है। वहीं पार्टी ने भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से भाजपा की छवि खराब करने के प्रयास पर तत्काल माफी मांगने को कहा है।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वायरल पत्र को उनका बताकर मेरी और पार्टी की छवि खराब की जा रही है। जबकि वह पत्र मेरा नहीं है और ऐसा कोई भी पत्र मेरे द्वारा प्रधानमंत्री या किसी अन्य को नहीं लिखा गया है। इस फर्जी पत्र के आधार पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने जो कुछ कहा गया, वह बिलकुल झूठ एवं बेबुनियादी है। उनके द्वारा मेरी व्यक्तिगत और संगठन के अनुशासन की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। उनके इस कृत्य की में कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। वह पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और भाजपा सरकार या संगठन के खिलाफ किसी भी कीमत पर ऐसा कोई कृत्य नहीं कर सकता है। लिहाजा कांग्रेस पार्टी द्वारा राजनैतिक दृष्टि से इस मुद्दे पर जो कुछ कहा जा रहा है, वह असत्य और बेहद आपत्ति है। आगे जो भी पार्टी नेतृत्व का निर्देश होगा, उसी अनुशार आगे की कार्यवाही की जाएगी। इस सम्बन्ध में मेरी प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट से बात हुई है और मैने उनके सामने इस पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

इसी संदर्भ में विस्तार से अपना पक्ष रखते हुए मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कथित वायरल पत्र पूरी तरह काल्पनिक है और हर मुद्दे पर तत्काल प्रतिक्रिया देना आवश्यक नहीं है, लेकिन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर राजनीतिक माहौल बिगाड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता और आरएसएस के स्वयंसेवक हैं। वे संगठन की विचारधारा और अनुशासन के तहत कार्य करते हैं। ‘मैं भाजपा का सिपाही हूं,’ और संघ का स्वयंसेवक हूं।
झूठे वायरल पत्र को राजनीतिक लाभ के लिए फैलाया गया है। उन्होंने कांग्रेस से प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।

इससे पूर्व विधायक ने हाल ही में पांच राज्यों में हुए चुनावों के परिणाम पर खुशी जताई। यह संकेत है, भाजपा के लगातार आगे बढ़ने और पार्टी के प्रति बढ़ते जनता के विश्वास का। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा के बढ़ते प्रभाव से घबराकर इस तरह के निराधार आरोपों का सहारा ले रही है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम करती है और किसी भी तरह के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा, “अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस पार्टी एक फर्जी पत्र के सहारे भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का एकमात्र मकसद अपनी पार्टी में चल रही गुटबाजी और ‘सिर फुटौव्वल’ से जनता का ध्यान भटकाना है। इतना ही नहीं वे भाजपा के अनुशासन व साफ-सुथरी छवि पर दाग लगाकर कांग्रेस के समक्ष बताना चाहते है। जबकि अरविंद पांडे पार्टी के एक निष्ठावान और बेहद अनुशासित कार्यकर्ता हैं। हमें पहले से ही विश्वास था कि वे ऐसा कोई कार्य नहीं कर सकते जिससे पार्टी की छवि और अनुशासन की मर्यादा को ठेस पहुंचे। उनके द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद अब सभी गलतफहमियां दूर हो गई हैं।इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी की नकारात्मक राजनीति की पोल एक बार फिर जनता के सामने खुल गई है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा कि कांग्रेस ने विधायक की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है, जो पूरी तरह निंदनीय है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इस प्रकार की राजनीति से जनता का विश्वास कमजोर होता है।
इसी तरह इस मुद्दे पर अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं की टिप्पणियों पर कहा कि मामले में सुखदेव सिंह नामधारी से भी स्पष्टीकरण लिया जाएगा। पार्टी संगठन इस पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है और सच्चाई सामने लाई जाएगी।

बंगाल, असम के बाद महिलाएं, 27 में नारी विरोधी कांग्रेस का सूपड़ा करेंगी साफ!

महिला आरक्षण विरोधी दलों को सजा देने का क्रम उत्तराखंड में भी जारी रहेगा : भट्ट

बंगाल के परिणामों से स्पष्ट, राष्ट्र एकता और संस्कृति संवर्धन देश की प्राथमिकता

महिला विरोधी पार्टियों को सबक सिखाने का क्रम देवभूमि में भी जारी रहेगा!

भाजपा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाली पार्टियों को देश की जनता ने सबक सिखाना शुरू कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, इसकी शुरुआत बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनाव से हुई है। अब देवभूमि भी महिला विरोधी कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए बेसब्री से 27 के चुनावों का इंतजार कर रही है। इस बार कांग्रेस का प्रदेश से पूरी तरह सूपड़ा साफ होना तय नजर आ रहा है।

उन्होंने 5 राज्यों, विशेषकर बंगाल चुनावों परिणामों का राज्य में असर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, नतीजे बताते हैं कि महिला अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है।

​उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों द्वारा महिला सशक्तिकरण के प्रयासों में रोड़े अटकाने से उत्तराखण्ड की मातृशक्ति में भी भारी आक्रोश है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा:
​”देवभूमि की जागरूक महिलाएं कांग्रेस के महिला विरोधी चरित्र को पहचान चुकी हैं। अब राज्यों के हालिया चुनाव परिणाम से उनका ये मत मजबूत हुआ है कि महिला विरोधी पार्टियां स्वीकार नही। लिहाजा, 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी और उनका सूपड़ा साफ होना पूरी तरह तय है।”

​श्री भट्ट ने कहा कि बंगाल और असम जैसे राज्यों के परिणाम ये भी बताते हैं कि जनता अब केवल विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए ही वोट देती है। साथ ही बंगाल के चुनावों ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और भारतीय संस्कृति व सभ्यता का संवर्धन, आम भारतवासी के लिए सर्वोपरि है। तुष्टिकरण और राष्ट्रविरोधी राजनीति को जनता पूरी तरह से नकार चुकी है।

​उन्होंने उत्तराखण्ड की चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सौ फीसदी क्षमता और ईमानदारी के साथ जन-आकांक्षाओं को पूरा कर रही है। हमारी डबल इंजन सरकार की सरकार विकास, विरासत और देवभूमि की विशिष्ट छवि को बनाए रखने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है।

उन्होंने कहा, पांच राज्यों के परिणाम न केवल कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाले हैं बल्कि यह जनता के उस भरोसे को भी मजबूत करते हैं कि वे एक सही पार्टी के साथ ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के निर्माण में सहभागी हैं। उन्होंने दोहराया कि भाजपा अंत्योदय के मंत्र के साथ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसपर जनता आगे भी अपनी मुहर लगाने वाली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नगाण गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में हुए सम्मिलित

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने तहसील बड़कोट के नगाण गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिभाग कर क्षेत्रवासियों के साथ आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान की कथा श्रवण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।

शनिवार को भाजपा मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के धर्मपत्नी स्वर्गीय उमा जी के वार्षिक श्राद्ध पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा नगाण गांव पहुंचे मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने हैं तब से देश में सनातन धर्म का स्वर्णिम युग आया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरीडोर,अयोध्या में राममंदिर बना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के अनुश्रवण से मनुष्य की बुद्धि, विवेक जगाता है वहीं पितरों को भी बैकुंठ धाम की प्राप्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि जैसे वृंदा वन में वृंदा धाम है वैसे ही उत्तराखंड में देव भूमि है जहां चारधाम विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने केदारनाथ पुनर्निर्माण के बाद बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत कार्य किया है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि विकास एक दिन कि प्रक्रिया नहीं है बल्कि अनवरत रूप से चलने वाली प्रक्रिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगाण गांव में ग्राम प्रधान की मांग पर बारात घर बनाने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  खजान दास, पूर्व मुख्यमंत्री  रमेश पोखरियाल निशंक, पुरोला विधायक दुर्गेश्वरलाल,गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, डीएम प्रशांत आर्य,एसपी कमलेश उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधिगण व अधिकारी उपस्थित रहे।

नाबालिग के साथ सामुहिक दुष्कर्म पर महिला आयोग सख्त: अध्यक्ष नेआरोपियों पर कठोरतम कार्यवाही के दिए निर्देश

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने हरिद्वार जनपद के खानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चारा लेने गयी एक 15 वर्षीय हिंदू नाबालिग के साथ विशेष समुदाय के तीन युवकों द्वारा अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की जघन्य घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए अपनी कड़ी आपत्ति और गहरा दुःख प्रकट किया है।

जानकारी के मुताबिक पीड़िता 26 अप्रैल को पशुओं के लिए चारा लेने गई थी, जिसके पश्चात आरोपियों द्वारा उसका अपहरण कर लिया गया। पीड़िता 27 अप्रैल को अचेत अवस्था में प्राप्त हुई थी, जिसके उपरांत परिजनों द्वारा तत्काल पुलिस को सूचित कर लिखित तहरीर दी गई थी। इस जघन्य प्रकरण को अत्यंत निंदनीय और देवभूमि की अस्मिता पर प्रहार बताते हुए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राज्य में इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं और ‘लव जिहाद’ जैसी घृणित मानसिकता को किसी भी स्थिति में फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान के आधार पर नाबालिग बेटियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के विरुद्ध राज्य सरकार और आयोग अत्यंत कठोर नीति अपना रहे हैं।

आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हरिद्वार के एसपी देहात, शेखर सुयाल से दूरभाष पर वार्ता की और मामले की विस्तृत वस्तुस्थिति से अवगत हुईं। वार्ता के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि इस अमानवीय कृत्य में संलिप्त एक भी अपराधी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं रहना चाहिए। अध्यक्ष ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसे इस मामलों पर अत्यंत संवेदनशील हैं और उनके स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य की कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम संभव दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार ऐसी घटिया मानसिकता वाले आरोपियों के विरुद्ध हर संभव कानूनी एक्शन ले रही है।

​आयोग की अध्यक्ष ने इस मामले में स्थानीय पुलिस स्तर पर बरती गई घोर लापरवाही और पीड़िता पर बयान बदलने हेतु डाले गए कथित दबाव पर तीखा रोष व्यक्त किया है। परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के बावजूद कार्यवाही में विलंब और आरोपियों को लाभ पहुँचाने के प्रयासों पर अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से साथ देने वाले और मामले को दबाने का प्रयास करने वाले पुलिसकर्मी तथा अधिकारी भी अपराध में समान रूप से भागीदार हैं। खानपुर थाना प्रभारी के निलंबन को एक आवश्यक कदम बताते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि कर्तव्य पालन में विफल रहे समस्त संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय जाँच संस्थित कर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

अध्यक्ष ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और उन पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित सुसंगत कठोर धाराओं के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की जाए।

कुसुम कंडवाल ने जानकारी देते हुए बताया है कि आयोग के प्रतिनिधि जल्द ही व्यक्तिगत रूप से पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात करेंगे ताकि उन्हें हर संभव कानूनी और मानसिक संबल प्रदान किया जा सके। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा एवं उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग इस मामले की निरंतर और गहन निगरानी कर रहा है तथा शासन-प्रशासन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को उनके कृत्यों की कड़ी से कड़ी सजा मिले। देवभूमि की शांति और सुरक्षा के साथ समझौता करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा जन आक्रोश रैली का आयोजन

उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा युवा नेता रितेश छेत्री के संयोजन में बल्लूपुर चौक से बल्लीवाला नाथ पैलेस तक एक विशाल जन आक्रोश रैली निकाली गई। इस रैली में प्रदेश कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व शामिल हुआ, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल , पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत विशेष रूप से उपस्थित रहे।

यह जन आक्रोश रैली प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई,छात्रों के उत्पीड़न, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर आयोजित की गई। रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता ने भाग लेकर राज्य सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि आज उत्तराखंड की जनता त्रस्त है। महंगाई आसमान छू रही है, बेरोजगार युवा निराश है और कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में सरकार की उदासीनता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लगातार पुलिस प्रशासन के द्वारा छात्रों के उत्पीड़न उन्हें मारने पीटने और अमानवीय व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं, कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरी है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान शांति और सुरक्षा की रही है, लेकिन आज हालात चिंताजनक हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार केवल मूकदर्शक बनी हुई है। अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। यह रैली जनता के गुस्से का प्रतीक है, जिसे अब अनदेखा नहीं किया जा सकता।
मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, युवा सड़कों पर हैं लेकिन सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। कांग्रेस पार्टी इन सभी मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और इस जनविरोधी सरकार को जवाबदेह बनाएगी।

कार्यक्रम संयोजक रितेश छेत्री ने कहा कि यह रैली सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं और आम जनता के गुस्से की आवाज है। हम अंकिता भंडारी के लिए न्याय, युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेश में सुरक्षित माहौल की मांग करते हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, यह आंदोलन जारी रहेगा। रितेश ने यह भी कहा कि धामी सरकार में अराजकता और पक्षपात की बानगी है कि इस आक्रोश रैली के जो 50 से 60 बैनर पोस्टर लगाए गए थे सुबह तड़के सारे बैनर पोस्टर फाड़ दिए गए जबकि भाजपा के पुराने बैनर तक अपनी जगह पर जस के तस हैं लेकिन क्योंकि कांग्रेस विपक्ष में है इसलिए उसे ही टारगेट किया जा रहा है।
उत्तराखंड कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह जन आक्रोश रैली केवल शुरुआत है और आने वाले समय में पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर और भी बड़े आंदोलन करेगी, ताकि सरकार को जवाबदेह बनाया जा सके और प्रदेश में न्याय व सुशासन स्थापित हो सके।

जरूरतमंद परिवारों के लिए तत्पर जिला प्रशासन,दिवंगत संविदा कार्मिक की पुत्री को 25 हजार आर्थिक सहायता

नारी निकेतन में निवासरत् मानसिक दिव्यांग बच्चे, महिला, किशोरियों के उपचार में स्टॉफ केयरटेकर रखने हेतु जिला योजना से मौके पर बजट की स्वीकृति;

नर्स स्टॉफ व्यवस्था करने को सीएमओ को निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, देहरादून में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (डीसीडब्ल्यूपीसी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में बाल संरक्षण एवं कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न मानवीय एवं संवेदनशील पहलें की गईं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सभी संस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नारी निकेतन में निवासरत मानसिकरूप दिव्यांग बच्चे महिलाओं किशोरियों के उपचार हेतु मानसिक चिकित्सालय में आ रही स्टॉप की कमी पर जिलाधिकारी ने मानसिक चिकित्सालय को केयर टेकर पद हेतु मजदूरी मद में जिला योजना से स्वीकृति मौके पर ही प्रदान की गई तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को नर्स पद पर अपने स्तर से व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना के लाभार्थी बच्चों के साथ संवाद/वार्ता कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान बच्चों के साथ आए अभिभावकों से भी बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थी बच्चों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी ने एक संवेदनशील पहल के अधीक्षिका, राजकीय शिशु सदन केदारपुरम, देहरादून में कार्यरत संविदा कार्मिक स्वर्गीय श्रीमती सुनिता सिंह के निधन के पश्चात उनकी पुत्री को शिक्षा एवं आर्थिक सहयोग हेतु धनराशि रू0 25,000 का चेक प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन सदैव जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा है और इस प्रकार की सहायता आगे भी प्राथमिकता के आधार पर दी जाती रहेगी।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद देहरादून में महिला कल्याण विभाग/किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अन्तर्गत कुल 19 राजकीय/स्वैच्छिक बालगृह संचालित है। उक्त बालगृहों में वर्तमान में कुल 275 बालक/बालिकाएं निवासरत है। राजकीय दिव्यांग बालिका गृह, आदर्श नगर जौलीग्रान्ट देहरादून व राजकीय खुला आश्रय गृह साधु राम इण्टर कॉलेज देहरादून का पंजीकरण कराया गया। जिलाधिकारी ने चाईल्ड हेल्पलाईन 1098 व बाल कल्याण समिति देहरादून के कार्यों की समीक्षा करते हुए जानकारी ली जिस पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अवगत कराया गया कि जनपद में विगत अक्टूबर 2023 से अतिथि तक कुल 2041 प्रकरण (विगत त्रैमास में 208 प्रकरण) तथा बाल कल्याण समिति देहरादून के समक्ष विगत त्रैमास में 221 प्रकरण प्राप्त हुए हैं।

कैबिनेट मंत्री के बेटे की शादी के मामले में दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड, रेंजर और वन दरोगा भी हटाए गए

हरिद्वार: राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में सूबे के कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी कराने के मामले की जांच में नया मोड़ आ गया है। मामले में दो अधिकारियों और दो कर्मचारियों पर गाज गिरी है। जिसके तहत दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड किए गए हैं तो रेंजर और वन दरोगा भी हटाए गए हैं। लापरवाही बरतने पर सुरेश्वरी देवी मंदिर गेट पर तैनात दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड कर दिए गए हैं। इसमें रानीपुर गेट पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड अमित सैनी और अभिषेक कंडारी को लापरवाही पर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। जांच अधिकारी अजय लिंगवाल की लिंगवाल की संस्तुति पर राजाजी टाइगर रिजर्व के वर्तमान निदेशक राजीव धीमान की ओर से यह कार्रवाई की गई है।

इसके अलावा दो अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। जिसमें हरिद्वार रेंज के रेंजर महेश सेमवाल और सुरेश्वरी देवी सेक्शन में तैनात वन दारोगा अमृताको हटा दिया गया है। महेश सेमवाल पर मोतीचूर और हरिद्वार दो रेंजों का चार्ज था। जांच के बाद उनसे हरिद्वार रेंज का चार्ज का अतिरिक्त चार्ज हटा दिया है। उनकी जगह आभा रतूड़ी को हरिद्वार रेंज का चार्ज दिया गया।

इस कार्रवाई के बाद वन महकमे के ऊपर सवाल उठने लगे हैं। जिस दिन साधारण तरीके से मंत्री के बेटे की शादी हुई थी, तो उस दिन कैबिनेट मंत्री खजान दास ने खुद मीडिया को बयान दिया था कि उन्हें वन निदेशक ने शादी के लिए हामी भरी थी। यदि उन्हें नियमों के बारे में पहले ही बता दिया जाता तो, वो शांतिकुंज या फिर अन्य जगह आयोजन कर लेते।दूसरी ओर कोई भी निचले स्तर का अधिकारी और कर्मचारी इस तरह की अनुमति नहीं दे सकता है। हालांकि, मामले की जांच में दो अधिकारियों और दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले की जांच अभी चल रही है।

Cabinet Minister Khajan Dass Son Wedding

 बीती 26 अप्रैल को राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज के अंतर्गत आने वाले सुरेश्वरी देवी मंदिर में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे शादी तय हुई थी। शादी से एक दिन पहले ट्रकों के जरिए टेंट, कूलर, सोफे, कुर्सी और अन्य साज सजावट के सामान मंदिर पहुंचाए गए। मंदिर परिसर को सजाया गया और फोटो-वीडियो सामने आने के बाद विवाद हो गया। यह विवाद शादी की परमिशन को लेकर खड़ा हुआ था। क्योंकि, जिस स्थान पर शादी होनी थी, वो रिजर्व फॉरेस्ट के अंतर्गत आता है। वहां एनटीसीए, कोर्ट और एनजीटी की तमाम गाइडलाइन के चलते कोई शोर शराबे वाला आयोजन हो ही नहीं सकता। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ा तो तमाम सामान तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया। इसके बाद साधारण तरीके से शादी भी संपन्न हो गई, लेकिन वन निदेशक राजीव धीमान की ओर से मामले की जांच बैठाई गई और राजाजी टाइगर रिजर्व के वार्डन अजय लिंगवाल को जांच अधिकारी बनाया गया। उनकी जांच के उपरांत ही वन निदेशक राजीव धीमान की ओर से यह कार्रवाई की गई है।

राजाजी टाइगर रिजर्व एक संवेदनशील क्षेत्र है. खुद सुप्रीम कोर्ट इसको देखते हैं. नियमों की अवहेलना करने पर ही कार्रवाई की गई है. जांच और कार्रवाई इसलिए की जा रही है. ताकि, भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और कोई दिक्कत न हो.”– रंजन कुमार मिश्रा, प्रमुख वन संरक्षक

पांच दिन के उत्तराखंड दौरे पर रहेंगी कुमारी शैलजा,कार्यकर्ताओं में भरेंगी जोश

देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीतिक रूप से सक्रिय गई है। इसी कड़ी में एक बार फिर से पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा अपना 6 मई से अपना गढ़वाल मंडल का दौरा करने जा रही हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा तराई के दौरे पर आईं थी। अब 6 मई से पार्टी प्रदेश प्रभारी ऋषिकेश से लेकर बदरीनाथ, केदारनाथ और टिहरी के दौरे पर आ रही हैं।
गणेश गोदियाल ने बताया कि इसके बाद उनका एक और दौरा टिहरी उत्तरकाशी और देहरादून जिले के चकराता और विकासनगर में होगा। उनके गढ़वाल भ्रमण के बाद एक और दौरा कुमाऊं मंडल में होने जा रहा है। यह चार दौरे करने के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होगा। गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से आगामी चुनाव को पूरी मजबूती के साथ लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है.। दरअसल कुमारी शैलजा 6 से 11 मई तक उत्तराखंड में आकर संगठन को धार देंगी, और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करके संगठनात्मक और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करेंगी।
6 मई को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, सांसद व उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा देहरादून पहुंचेंगी।
7 मई को ऋषिकेश से श्रीनगर गढ़वाल के लिए रवाना होंगी और वहां पर जिला कांग्रेस कमेटी पौड़ी के कार्यक्रम के साथ संवाद करेंगी, उसके बाद रुद्रप्रयाग के सोनप्रयाग जाएंगी।
8 मई को केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचेगी व केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना करेंगी और अगस्तमुनि में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी।
9 तारीख को कुमारी शैलजा चमोली जिले के बरही में जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करेंगी। जिसके बाद वह रात्रि विश्राम बदरीनाथ धाम में करेंगी।
10 तारीख को बदरीनाथ धाम में पूजा अर्चना करने के बाद जोशीमठ में कार्यकर्ताओं से चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगी और रात्रि विश्राम श्रीनगर में करेंगी। इसी तरह पार्टी प्रदेश प्रभारी श्रीनगर से चंबा के लिए रवाना होगी और चंबा में जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने के बाद दिल्ली लौट जाएंगी।

 

 

देहरादून में किन्नरों की बधाई राशि तय, 5,100 रुपए से ज्यादा मांगा तो होगी कार्रवाई,सफाई कर्मियों की मानदेय बढ़ाने पर लगी मुहर

नगर निगम देहरादून की बोर्ड बैठक में शहर के समग्र विकास और जनहित से जुडे अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही बैठक में कई अहम भी निर्णय लिए गए। जिसमें किन्नरों की ओर से मांगे जाने वाली बधाई धनराशि अधिकतम 5,100 रुपए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा पर्यावरण मित्रों यानी सफाई कर्मियों का मानदेय भी बढ़ाने की घोषणा की गई। वहीं, आज बोर्ड बैठक में 65 प्रस्तावों पर चर्चा पूरी नहीं होने के कारण गुरुवार को दोबारा से नगर निगम में बोर्ड बैठक का आयोजन किया जाएगा।
बता दें कि देहरादून नगर निगम की चतुर्थ बोर्ड बैठक आयोजित हुई. बोर्ड बैठक हंगामे के साथ हुई। बैठक में 65 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, लेकिन बैठक में प्रस्तावों पर चर्चा कम हुई और हंगामा ज्यादा देखने को मिला। इतना ही नहीं बीजेपी-कांग्रेस के पार्षद कई बार आमने-आमने आए और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली थी। जिसके चलते आज सभी 65 प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो पाई। बैठक में नगर निगम के सफाई कर्मियों का मानदेय 500 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए प्रतिदिन करने का प्रस्ताव भी पास हुआ।
बोर्ड बैठक में कई पार्षदों ने किन्नरों की मनमानी धनराशि मंगाने पर प्रस्ताव रखा। इस मामले में काफी देर तक चर्चा होने के बाद तय किया गया कि किन्नरों को अधिकतम धनराशि 5100 रुपए दी जाएगी। लेकिन जिस तरह नगर निगम ने यह निर्णय लिया है, अब किन्नर समाज में किस तरह की प्रतिक्रिया रहती है और नगर निगम के इस निर्णय से सहमत होंगे या नहीं, ये भी चर्चा का विषय रहने वाला है. बता दें कि यह प्रस्ताव पिछली बोर्ड बैठक में भी रखा गया था, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई थी।
देहरादून मेयर सौरभ थपलियाल ने बताया कि चौथी बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस दौरान अहम निर्णय भी लिया गया। जिसके तहत अधिवेशन में बोर्ड ने किन्नरों की ओर से मांगे जाने वाली बधाई धनराशि अधिकतम ₹5100/- निर्धारित किए जाने पर चर्चा कर अनुमोदित किया। साथ ही प्रत्येक वार्ड में पर्यावरण मित्रों का समान वितरण सुनिश्चित किए जाने की घोषणा की गई। वहीं, अधिवेशन की बाकी कार्यवाही आज गुरुवार सुबह 11 बजे से दोबारा से शुरू होगी।