Friday, May 1, 2026
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कैबिनेट मंत्री के बेटे की शादी के मामले में दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड, रेंजर और वन दरोगा भी हटाए गए

हरिद्वार: राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में सूबे के कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी कराने के मामले की जांच में नया मोड़ आ गया है। मामले में दो अधिकारियों और दो कर्मचारियों पर गाज गिरी है। जिसके तहत दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड किए गए हैं तो रेंजर और वन दरोगा भी हटाए गए हैं। लापरवाही बरतने पर सुरेश्वरी देवी मंदिर गेट पर तैनात दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड कर दिए गए हैं। इसमें रानीपुर गेट पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड अमित सैनी और अभिषेक कंडारी को लापरवाही पर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। जांच अधिकारी अजय लिंगवाल की लिंगवाल की संस्तुति पर राजाजी टाइगर रिजर्व के वर्तमान निदेशक राजीव धीमान की ओर से यह कार्रवाई की गई है।

इसके अलावा दो अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। जिसमें हरिद्वार रेंज के रेंजर महेश सेमवाल और सुरेश्वरी देवी सेक्शन में तैनात वन दारोगा अमृताको हटा दिया गया है। महेश सेमवाल पर मोतीचूर और हरिद्वार दो रेंजों का चार्ज था। जांच के बाद उनसे हरिद्वार रेंज का चार्ज का अतिरिक्त चार्ज हटा दिया है। उनकी जगह आभा रतूड़ी को हरिद्वार रेंज का चार्ज दिया गया।

इस कार्रवाई के बाद वन महकमे के ऊपर सवाल उठने लगे हैं। जिस दिन साधारण तरीके से मंत्री के बेटे की शादी हुई थी, तो उस दिन कैबिनेट मंत्री खजान दास ने खुद मीडिया को बयान दिया था कि उन्हें वन निदेशक ने शादी के लिए हामी भरी थी। यदि उन्हें नियमों के बारे में पहले ही बता दिया जाता तो, वो शांतिकुंज या फिर अन्य जगह आयोजन कर लेते।दूसरी ओर कोई भी निचले स्तर का अधिकारी और कर्मचारी इस तरह की अनुमति नहीं दे सकता है। हालांकि, मामले की जांच में दो अधिकारियों और दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले की जांच अभी चल रही है।

Cabinet Minister Khajan Dass Son Wedding

 बीती 26 अप्रैल को राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज के अंतर्गत आने वाले सुरेश्वरी देवी मंदिर में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे शादी तय हुई थी। शादी से एक दिन पहले ट्रकों के जरिए टेंट, कूलर, सोफे, कुर्सी और अन्य साज सजावट के सामान मंदिर पहुंचाए गए। मंदिर परिसर को सजाया गया और फोटो-वीडियो सामने आने के बाद विवाद हो गया। यह विवाद शादी की परमिशन को लेकर खड़ा हुआ था। क्योंकि, जिस स्थान पर शादी होनी थी, वो रिजर्व फॉरेस्ट के अंतर्गत आता है। वहां एनटीसीए, कोर्ट और एनजीटी की तमाम गाइडलाइन के चलते कोई शोर शराबे वाला आयोजन हो ही नहीं सकता। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ा तो तमाम सामान तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया। इसके बाद साधारण तरीके से शादी भी संपन्न हो गई, लेकिन वन निदेशक राजीव धीमान की ओर से मामले की जांच बैठाई गई और राजाजी टाइगर रिजर्व के वार्डन अजय लिंगवाल को जांच अधिकारी बनाया गया। उनकी जांच के उपरांत ही वन निदेशक राजीव धीमान की ओर से यह कार्रवाई की गई है।

राजाजी टाइगर रिजर्व एक संवेदनशील क्षेत्र है. खुद सुप्रीम कोर्ट इसको देखते हैं. नियमों की अवहेलना करने पर ही कार्रवाई की गई है. जांच और कार्रवाई इसलिए की जा रही है. ताकि, भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और कोई दिक्कत न हो.”– रंजन कुमार मिश्रा, प्रमुख वन संरक्षक

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