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उत्तराखंड में फिर बड़े राजनीतिक उलटफेर की तैयारी,उत्तराखंड में 12 बड़े नेता जल्द कांग्रेस में हो सकते हैं शामिल

देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले माहौल बनाने की जद्दोजहद जारी है. इस कड़ी में कांग्रेस दलबदल का रास्ता इख्तियार भी कर चुकी है। पहले चरण के बाद अब दलबदल के लिए नेताओं की दूसरी खेप भी तैयार है। खास बात ये है कि पार्टी ने इन नेताओं की संख्या भी घोषित कर दी है। आगामी दिनों में प्रदेश प्रभारी के दौरे के दौरान कुछ बड़ा देखने को मिल सकता है।
उत्तराखंड की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं और इसी के साथ दल-बदल का दौर भी अब खुलकर सामने आने लगा है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस राज्य में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए लगातार रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में अब कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं की दूसरी खेप तैयार बताई जा रही है, जिसमें 12 नेताओं के नाम पर मुहर लगाने के लिए मंथन चल रहा है।
कांग्रेस ने हाल ही में दलबदल के पहले चरण में 6 नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में खासा हलचल देखने को मिली थी। इसकी वजह ये भी रही कि इन 6 नेताओं में से अधिकांश का संबंध बीजेपी से रहा है और वे पूर्व विधायक जैसे प्रभावशाली पदों पर भी रह चुके हैं। ऐसे में इस घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए एक मनोवैज्ञानिक बढ़त के तौर पर देखा गया।
बीती 28 मार्च को दिल्ली में राज्य के 6 बड़े चेहरों ने कांग्रेस ज्वॉइन की थी। बीजेपी छोड़कर कांग्रेस ज्वॉइन करने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक नारायण पाल, घनसाली विधानसभा से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल समेत मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, लाखन सिंह नेगी शामिल रहे।
दिल्ली में आयोजित इस ज्वॉइनिंग कार्यक्रम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बना और यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पार्टी चुनाव से पहले अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक समय ऐसा भी आया, जब पार्टी की अंदरूनी राजनीति चर्चा का विषय बन गई.
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के उपार्जित अवकाश लेने की बात सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। माना गया कि रामनगर के नेता संजय नेगी की ज्वॉइनिंग को लेकर नाराजगी के चलते हरीश रावत ने यह कदम उठाया।
गोदियाल का दावा है कि बीजेपी के कई सिटिंग विधायक भी कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन कानून कार्रवाई और अपने बचे हुए कार्यकाल की वजह से खुद को थामे हुए हैं।

“कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा रखने वाले नेताओं की कुल संख्या 18 थी, जिनमें से 6 नेता पहले ही सदस्यता ले चुके हैं। अब शेष 12 नेताओं की सूची तैयार कर हाईकमान को भेजी जा रही है। जैसे ही प्रदेश प्रभारी की सहमति मिल जाएगी, इन 12 नेताओं को भी जल्द ही कांग्रेस में शामिल कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर पार्टी बेहद सतर्कता बरत रही है। ताकि, पिछली बार की तरह कोई विवाद या असहमति सामने न आए। “- गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

इसी बीच कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा का उत्तराखंड दौरा भी बेहद अहम माना जा रहा है। कुमारी शैलजा जल्द ही पांच दिवसीय दौरे पर राज्य में आने वाली हैं, जहां वे विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस दौरे के दौरान ही इन 12 नेताओं में से कुछ की ज्वॉइनिंग करवाई जा सकती है, जिससे पार्टी को एक बार फिर मजबूती का संदेश देने का मौका मिलेगा।
वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वे बीजेपी की तरह दल-बदल को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर दावे नहीं करना चाहते, लेकिन ये सच है कि बीजेपी के कई बड़े नेता कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा रखते हैं। आर्य का कहना है कि ‘आने वाले समय में ऐसे कई नेता कांग्रेस में शामिल होते दिखाई देंगे, जो बीजेपी में मजबूत कद रखते हैं। ‘

 

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