उत्तराखंड प्रदेश असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) द्वारा रविवार को देहरादून स्थित राजीव भवन, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस पार्टी की जमीनी ताकत का प्रदर्शन देखने को मिला।
मुख्य अतिथि के रूप में सम्मेलन में पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद डॉ. उदित राज, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करण मेहरा ने की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
डॉ. उदित राज ने अपने भाषण में असंगठित मजदूरों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा देशभर में यदि कोई पार्टी असंगठित मजदूरों, रेडी-पटरी वालों, दलितों और वंचितों के हक में खड़ी रही है, तो वह सिर्फ कांग्रेस है। डॉक्टर अंबेडकर को सम्मान देने वाली भी कांग्रेस ही है।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, बस्ती-बस्ती जाकर उन असंगठित मजदूरों की आवाज बनें, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण मेहरा ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य में न पेपर सुरक्षित हैं, न मजदूरों का हक। असंगठित मजदूरों की बस्तियां उजाड़ी जा रही हैं, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता ही उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि आज असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस का संगठन सबसे संगठित और मजबूत फ्रंटल संगठन के रूप में उभरा है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने याद दिलाया कि उनकी सरकार के दौरान असंगठित मजदूरों के लिए कई योजनाएं चलाई गईं।
हमने मजदूरों का बीमा करवाया, उनके कल्याण की योजनाएं चलाईं और आज भी कांग्रेस ही उनकी सच्ची हितैषी पार्टी है।
उन्होंने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार जमीनी स्तर पर मजदूरों की आवाज बनकर काम कर रहे हैं।
असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री सुशील राठी ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा
यदि प्रदेश में किसी भी असंगठित मजदूर को उजाड़ा गया या उसका उत्पीड़न हुआ तो हम सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
उन्होंने सम्मेलन में आए सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि असंगठित मजदूरों की आवाज बुलंद करने का संकल्प है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। मंच संचालन विकास चौहान ने किया। इस दौरान
हरिद्वार से चौधरी करतार सिंह, वीरेंद्र चौधरी, नैनीताल से रईस अहमद, बागेश्वर से उम्मीद राम, पौड़ी से प्रमोद मंदरवाल, ऋषिकेश से जतिन राणा, महिला संयोजक आशा थापा, प्रदेश संगठन मंत्री मोनिका राजोरिया, प्रवक्ता मोहम्मद गुलफाम, सचिव एडवोकेट यशवीर सिंह यादव, सुरेश यादव, कुलवंत सिंह, सुनील तिवारी, प्रदेश महासचिव सचिन गुप्ता (रुड़की), मेला राम प्रजापति सहित अन्य सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर यह सम्मेलन न केवल असंगठित कामगारों की आवाज को बुलंद करने का मंच बना, बल्कि कांग्रेस की जमीनी पकड़ और जनसमर्थन की झलक भी दिखा गया। संदेश स्पष्ट है यदि असंगठित मजदूरों के हक पर हमला होगा, तो कांग्रेस की सड़क से सदन तक लड़ाई तय है।

