नगर निगम देहरादून में दस वर्षों से होर्डिंग, यूनिपोल के संभावित कार्टेल के खेल पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की सख्त कार्यवाही की है और हाई कोर्ट ने नगर निगम देहरादून में होर्डिंग और यूनीपोल में हुई टेंडर प्रक्रिया की धांधली व संभावित कार्टेल द्वारा 300 करोड़ के खेल के संबंध में राज्य सरकार और नगर निगम को जवाब-तलब किया है।
यहां आज नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता अभिनव थापर में संभावित कार्टेल सिस्टम को भाजपा के दस वर्षों के शासनकाल में 300 करोड़ का फायदा व 2013 से 2023 तक होर्डिंग व यूनिपोल के टेंडरों में हुई अनियमिताओं से नगर निगम देहरादून को करोड़ों रुपयों की राजस्व हानि के मामले पर जवाब तलब किया। पूर्व में भी याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और हाईकोर्ट ने सरकार को नगर निगम की रिपोर्ट पर समयबद्ध चार हफ्तों में कार्यवाही करने के निर्देश थे।
उन्होंने बताया कि किंतु सरकार ने हाईकोर्ट में बिना कोई रिपोर्ट दाखिल किए, जांच ही बंद करवा दी थी। अब हाईकोर्ट ने इस गंभीर भ्रष्टाचार के विषय का पुनः संज्ञान ले लिया है।
उल्लेखनीय है कि 2019 में नगर निगम द्वारा एक सर्वे कमिटी बनाई गई इसने 325 अवैध होर्डिंग की रिपोर्ट दी किंतु आजतक यह नहीं बताया गया की अवैध होर्डिंग जनता में बेच कौन रहा था और क्या यही तीन कंपनिया थी या इनकी सहयोगी कंपनिया थी और जो भी कंपनिया अवैध होर्डिंग बेच रही थी उस अवैध राजस्व वसूली पर नगर निगम ने क्या कार्यवाही करी है।
इस अवसर पर याचिकाकर्ता अभिनव थापर ने नगर निगम देहरादून की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़े किए और कहा कि भाजपा के देहरादून नगर निगम शासनकाल में दस वर्षों (2013 से 2023) में हुए होर्डिंग-यूनिपोल टेंडरों में 300 करोड़ के खेल में मेरी तथ्यों सहित शिकायत पर 11 अगस्त 2023 से आज तक जाँच से कौन रोक रहा है और 325 अवैध होर्डिंग के राजस्व की वसूली किसने की और अतः इन सभी वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के विषयों पर जांच के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।
इस अवसर पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने बताया की हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायाधीश आलोक माहरा की संयुक्त बैंच ने नगर निगम देहरादून के होर्डिंग व यूनीपोल टेंडर घोटाले की जनहित याचिका पर गंभीर कार्यवाही करते हुए सरकार, नगर निगम व जिलाधकारी देहरादून को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए और हाईकोर्ट ने पुनः भ्रष्टाचार के इस गंभीर विषय का संज्ञान ले लिया है। हाईकोर्ट ने 21.07.2025 को अगली सुनवाई की तिथि तय की है।

