Sunday, April 12, 2026
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मुख्यमंत्री धामी ने ओहो हिल यात्रा के चौथे संस्करण “रजत से स्वर्ण की ओर’’ के समापन कार्यक्रम में छात्रों को किया संबोधित

देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ओहो हिल यात्रा के चौथे संस्करण “रजत से स्वर्ण की ओर’’ के समापन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राओं को सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखण्ड राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मनाने के साथ ही अपने प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। सरकार की ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं, इसके साथ ही ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखण्ड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान दे, तो उत्तराखण्ड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार द्वारा प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के प्रोत्साहन से राज्य में आदि कैलाश एवं शीत कालीन यात्रा को नई गति मिली है। राज्य सरकार पर वर्ष 2026 में नंदा देवी यात्रा तथा 2027 में कुम्भ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की बड़ी जिम्मेदारी है|
सीएम ने कहा कि आज रोजगार के परिदृश्य तेज़ी से बदल रहे हैं। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, साथ ही स्टार्टअप की सहायता हेतु ₹200 करोड़ के वेंचर फंड की भी व्यवस्था की गई है। हमारा उद्देश्य है कि हमारे युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें।

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