उत्तराखंड राज्य में हरिद्वार जिला छोड़ बाकी प्रदेश के 12 जिलों में पंचायत चुनाव कराए जाने की तैयारियां तेज हो गई है। जहां एक और उत्तराखंड शासन ने पंचायत में तैनात प्रशासकों के कार्यकाल को बढ़ा दिया है। तो वही, दूसरी ओर उत्तराखंड शासन ने मंगलवार को पंचायतों में आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। पंचायती राज सचिव चंद्रेश यादव की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, उत्तराखंड की ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के स्थान और पदों का आरक्षण के साथ ही आवंटन किया गया है।
दरअसल, सेवानिवृत न्यायाधीश बी एस वर्मा की अध्यक्षता में गठित अकाल सदस्य समर्पित आयोग ने 27 फरवरी 2025 को प्रदेश के 12 जिलों में सभी स्तरों की पंचायत में पड़ा और स्थान के आरक्षण निर्धारण से संबंधित रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी। ऐसे में प्रदेश के हरिद्वार जिले को छोड़ बाकी 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2025 के लिए पड़ा और स्थान पर आरक्षण का निर्धारण साल 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा। आरक्षण की सूची, अनुसूचित जनजातियों की महिलाएं, अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों की महिलाएं, अनुसूचित जातियां, पिछड़े वर्गों की महिलाएं, पिछड़े वर्ग और महिलाएं के क्रम में जारी किए जाएंगे।
जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, राज्य में जिला पंचायत के अध्यक्षों, क्षेत्र पंचायत के प्रमुखों और ग्राम पंचायत के प्रधानों में अनुसूचित जनजातियों एवं अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित किये जाने वाले पदों की संख्या की गणना राज्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में की जायेगी। पिछड़े वर्गों के लिए पदों की संख्या का निर्धारण में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों का कुल आरक्षण पदों की कुल संख्या के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का आरक्षण पदों की कुल संख्या के 50 प्रतिशत होने पर पिछड़े वर्गों के लिए कोई आरक्षण नहीं होगा।
राज्य में जिला पंचायत के अध्यक्षों, क्षेत्र पंचायत के प्रमुखों और ग्राम पंचायत के प्रधानों में अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों के साथ ही पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित किये जाने वाले पदों की संख्या भी तय की गई है। जिसके तहत जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों का आरक्षण, अनुसूचित जनजाति के शून्य पद, अनुसूचित जाति के 02 पद और अन्य पिछड़ा वर्ग के 02 पद आरक्षित किये जायेंगे। क्षेत्र पंचायत प्रमुख के पदों का आरक्षण, अनुसूचित जनजाति के 03 पद, अनुसूचित जाति के 18 पद और अन्य पिछड़ा वर्ग के 15 पद आरक्षित किये जायेंगे। इसी तरह ग्राम पंचायत प्रधान के पदों का आरक्षण, अनुसूचित जनजाति के 226 पद, अनुसूचित जाति के 1467 पद और अन्य पिछड़ा वर्ग के 1250 पद आरक्षित किये जायेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायतों में प्रधान, प्रमुख पदों और ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के सदस्यों के आरक्षण का प्रस्ताव जिला मजिस्ट्रेट की ओर से तैयार कर ग्राम पंचायत कार्यालय, क्षेत्र पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय में सूचना पट पर लगाकर प्रदर्शित किया जायेगा। साथ ही तय समय सारणी के अनुसार आपत्तियाँ प्राप्त कर और उसका निस्तारण कर आरक्षण के अंतिम प्रस्ताव पंचायतीराज निदेशालय को उपलब्ध कराये जायेंगे।
आरक्षण प्रस्ताव को लेकर तय किए गए कार्यक्रम………
– 11 जून को पंचायती राज निदेशालय की ओर से प्रधान पंचायत की संख्या का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा।
– 13 जून को आरक्षण प्रस्ताव का अनन्तिम प्रकाशन होगा।
– 14 से 15 जून तक आरक्षण प्रस्ताव पर आपत्तियां ली जाएगी।
– 16 से 17 जून के बीच जिलाधिकारी की ओर से आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
– 18 जून को आरक्षण प्रस्ताव का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
– 19 जून को आरक्षण प्रस्ताव निदेशालय को उपलब्ध कराया जाएगा।
– 29 जून को पंचायती राज निदेशालय की ओर से आरक्षण प्रस्ताव को शासन और राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा।


