राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का हमला
राम मंदिर ट्रस्ट भंग करने और न्यायिक जांच की मांग, भाजपा-आरएसएस पर लगाए गंभीर आरोप
देहरादून: कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “जिन लोगों ने प्रभु श्रीराम को नहीं छोड़ा, वे देश को क्या छोड़ेंगे।”
आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के छोटे-बड़े हर कार्य का श्रेय स्वयं लेते हैं, इसलिए राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले और चढ़ावे में हुई अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी भी उन्हीं पर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रभु श्रीराम के नाम पर सत्ता तक पहुंची और अब उसी आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को सबसे बड़ा खतरा किसी बाहरी शक्ति से नहीं, बल्कि भाजपा और आरएसएस की कथित राजनीति तथा उनके संरक्षण में पनप रहे भ्रष्टाचार से है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी का उद्देश्य वास्तविक दोषियों तक पहुंचना नहीं, बल्कि मामले पर पर्दा डालना है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग स्वयं चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन भाजपा और आरएसएस इस गंभीर विषय पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर भूमि खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगे थे, लेकिन उन मामलों में गठित जांच समितियों की रिपोर्ट और कार्रवाई सार्वजनिक नहीं की गई।
आलोक शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े एक इंजीनियर ने 40 प्रतिशत कमीशनखोरी के आरोप लगाए थे तथा जो लोग इन मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रहे थे, उन्हें ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया। उनके अनुसार वर्तमान जांच भी केवल लीपापोती का प्रयास प्रतीत होती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि देशभर में भाजपा और आरएसएस के भव्य कार्यालयों के निर्माण में कहीं राम मंदिर के नाम पर जुटाई गई धनराशि या चढ़ावे के धन का दुरुपयोग तो नहीं हुआ। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
- श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए।
- कथित घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं।
- मंदिर से संबंधित सभी बैंक खातों का विवरण और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं।
- पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराई जाए।
आलोक शर्मा ने कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक दल या सरकार का नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था और सनातन धर्म की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस से इतर सभी सनातनियों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, देहरादून के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा,प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, मनोज सैनी,देवेंद्र सिंह उपस्थित रहे।

