Sunday, April 12, 2026
spot_img
HomeNationalभारत से ज्यादा अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ रही टैरिफ की मार’

भारत से ज्यादा अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ रही टैरिफ की मार’

अमेरिकी टैरिफ का जितना असर भारतीय कंपनियों पर होगा, उससे ज्यादा असर अमेरिकी उपभोक्ताओं पर होगा। उन्हें अब पहले के मुकाबले अधिक भुगतान करना होगा।गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा है। गोल्डमैन सैक्स का हेड ऑफिस न्यूयॉर्क में है। यह एक प्रमुख वैश्विक निवेश बैंक और वित्तीय सेवा देने वाली कंपनी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारतीय सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का मतबल है कि अमेरिका में इनकी कीमतें 50 फीसदी अधिक हो जाएंगी। अमेरिका की जो कंपनियां भारत से सामान आयात करती हैं, उन्हें इनकी कीमतें बढ़ानी होंगी। और बढ़ी हुई कीमतें अमेरिकी उपभोक्ता देंगे। टैरिफ बढ़ने के बाद उन्हें 100 रुपये के मुकाबले 150 रुपये देने होंगे।हालांकि, अमेरिकी कंपनियां चाहें तो अपने हिस्से का कुछ लाभ कम कर ग्राहकों को राहत प्रदान कर दें, लेकिन इनकी कीमतें पहले जैसी कम नहीं रह जाएंगी।
गोल्डमैन सैक्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि टैरिफ का सबसे ज्यादा असर अमेरिकी कंपनियां झेल रही हैं, लेकिन इसकी मार अमेरिकी उपभोक्ता झेल रहे हैं। उनकी रिपोर्टे के मुताबिक ट्रंप ने जब टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की थी, तब कंपनियों ने औसतन 22 फीसदी टैरिफ का अनुमान लगाया था और उसी के अनुरूप उन्होंने कीमतें बढ़ा दी थीं। लेकिन बाद में ट्रंप ने जो घोषणा की, उससे अमेरिकी उपभोक्ता हतप्रभ हैं। इसकी वजह से अमेरिका में महंगाई बढ़ने लगी है. टैरिफ का असर दिखने लगा है।
गोल्डमैन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अनुमान लगाया है कि इस साल 3.2 फीसदी तक महंगाई दर बढ़ने की आशंका है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मुताबिक यह काफी ज्यादा है। आश्चर्य तो ये है कि यह सब तब हो रहा है, जब फेड ने पहले ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर कई बातें कही थीं।
यह पहली बार होगा कि किसी राष्ट्रपति ने फेड के चेयरमैन (जेरोम पॉवेल) को इस्तीफा देने तक का सुझाव दे दिया। उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं। ट्रंप लगातार दबाव डाल रहे हैं कि पॉवेल रेट कर करें, लेकिन पॉवेल ने किसी भी दबाव में आने से इनकार कर दिया।
गोल्डमैन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी ट्रेडर्स मानते हैं कि फेड बहुत संभव है कि सितंबर में ब्याज दरों में कटौती करे। लेकिन इस समय जिस तरीके से महंगाई परेशान करने लगा है, फेड अपना निर्णय बदल भी सकता है।

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश अर्थशास्त्री टैरिफ को महंगाई बढ़ाने वाला मानते हैं। अमेरिकी व्यवसायों को अब तक टैरिफ से लगभग 64 फीसदी नुकसान हुआ है, लेकिन उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ डालने के कारण उनकी हिस्सेदारी घटकर 10 फीसदी से भी कम रह जाएगी ।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular