Friday, May 29, 2026
spot_img
HomeDehradunभाजपा के मेगा शो में बलूनी और त्रिवेंद्र के पोस्टर गायब, सियासी...

भाजपा के मेगा शो में बलूनी और त्रिवेंद्र के पोस्टर गायब, सियासी चर्चाएं तेज,राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत मार्ग पर नहीं दिखे दोनों दिग्गज नेताओं के कटआउट

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर राजधानी देहरादून भगवामय नजर आ रही है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर पार्टी कार्यालय तक शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स, स्वागत द्वार और नेताओं के कटआउट लगाए गए हैं।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट, डोईवाला, लच्छीवाला फ्लाईओवर, कुआंवाला, लक्ष्मण सिद्ध मार्ग, मॉल ऑफ दून, जोगीवाला, रिस्पना पुल और बलबीर रोड तक भाजपा नेताओं के पोस्टर और बैनर दिखाई दे रहे हैं। इन प्रचार सामग्रियों में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, पुष्कर सिंह धामी, कल्पना सैनी, अजय भट्ट, अजय टम्टा और माला राज्यलक्ष्मी शाह सहित कई नेताओं की तस्वीरें प्रमुखता से लगाई गई हैं।
हालांकि इस पूरे शक्ति प्रदर्शन के बीच एक नई राजनीतिक चर्चा भी शुरू हो गई है। राजधानी के मुख्य मार्गों पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पौड़ी गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की तस्वीरें लगभग नदारद दिखाई दीं। एयरपोर्ट से पार्टी कार्यालय तक के पूरे रूट पर दोनों नेताओं के पोस्टर और कटआउट नजर नहीं आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सवाल उठ रहे हैं कि जब पार्टी के लगभग सभी बड़े नेताओं को प्रचार सामग्री में स्थान दिया गया है, तो फिर त्रिवेंद्र सिंह रावत और अनिल बलूनी मुख्य रूट से गायब क्यों हैं।
हालांकि भाजपा संगठन ने इसे किसी प्रकार की अंदरूनी राजनीति मानने से इनकार किया है। प्रचार अभियान की जिम्मेदारी संभाल रहे भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि किसी नेता का फोटो नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में पोस्टर कम दिखाई दे सकते हैं और कैंट तथा राजपुर क्षेत्र में इन नेताओं की तस्वीरें लगी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि पोस्टर लगाने वाले सभी कार्यकर्ताओं और मजदूरों को हर नेता की राजनीतिक अहमियत की जानकारी नहीं होती। यदि कहीं कमी रह गई है तो उसे ठीक कराया जाएगा और इसे किसी अन्य नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है।
हालांकि उनके बयान के बाद भी अनिल बलूनी और त्रिवेंद्र सिंह रावत के गिनती के कुछ पोस्टर ही दिखाई दिए। ऐसे में सवाल अभी भी बना हुआ है कि जिस मुख्य मार्ग से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला गुजरना है, वहां दोनों वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी क्यों नहीं दिख रही। भाजपा इसे सामान्य चूक बता रही है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा चर्चा और गॉसिप का विषय बन गया है।
RELATED ARTICLES

Most Popular