347 फर्जी फेसबुक पेज, 19 इंस्टाग्राम अकाउंट, 30 फर्जी वेबसाइट और 189 मोबाइल नंबर कराए गए ब्लॉक
केदारनाथ यात्रा को “साइबर सेफ” बनाने में जुटी रुद्रप्रयाग पुलिस
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और साइबर अपराध मुक्त बनाने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग सुश्री नीहारिका तोमर के कुशल निर्देशन में जनपद की साइबर सेल टीम यात्रा शुरू होने से पहले ही लगातार सक्रिय रहकर साइबर ठगों के खिलाफ बड़ा अभियान चला रही है।
विशेष रूप से हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ ‘साइबर कॉम्बैट फोर्स’ के माध्यम से व्यापक डिजिटल कार्रवाई की जा रही है। साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर सक्रिय फर्जी अकाउंट, वेबसाइट और बैंक खातों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 347 फर्जी फेसबुक पेज, 19 फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट, 30 फर्जी वेबसाइट और 189 व्हाट्सएप अकाउंट व मोबाइल नंबरों को चिन्हित कर बंद और ब्लॉक कराया है।
पुलिस के अनुसार केदारनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से ठगी की 48 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 118 बैंक खातों पर होल्ड लगवाया है, जिससे पैसों के लेन-देन पर रोक लगाई जा सके।
इस मामले में कोतवाली गुप्तकाशी और कोतवाली सोनप्रयाग में कुल 03 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
वर्ष 2026 में अब तक जनपद रुद्रप्रयाग में कुल 229 साइबर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 144 शिकायतों पर जांच और वैधानिक कार्रवाई तेजी से प्रचलित है। विभिन्न साइबर अपराधों से संबंधित अब तक 12 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
साइबर सेल केवल अपराधियों पर कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि ठगी का शिकार हुए लोगों की रकम वापस दिलाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। त्वरित तकनीकी कार्रवाई के माध्यम से अब तक 03 मामलों में पीड़ितों की कुल 1,12,968 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक रिफंड कराई जा चुकी है।
पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट ीमसपलंजतं.पतबजब.बव.पद से ही करें। सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर देने वाले अज्ञात व्यक्तियों, फेसबुक-इंस्टाग्राम विज्ञापनों, व्हाट्सएप नंबरों और फत् कोड के माध्यम से किसी भी प्रकार का एडवांस भुगतान न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।


