दून की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने एवं चार धाम में बढ़ते हुए जाम की स्थिति को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल ने आईजी यातायात से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर इस ओर कार्यवाही किये जाने की मांग की है और व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया।
महानगर अध्यक्ष देहरादून विजेंद्र रावत ने कहा उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून सड़क जाम से बुरी तरह त्रस्त हो गई है और ट्रैफिक व्यवस्था विकराल रूप लेती जा रही है कई लोग जाम लगने के कारण सही समय हॉस्पिटल न पहुंचने पर अपनी जान गंवा रहे हैं और यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात है सरकार को देहरादून वासियों की कोई चिंता नहीं है।
उन्होंने कहा कि जाम लगने के बहुत सारे कारण सामने आए हैं। इस अवसर पर केंद्रीय महामंत्री व मीडिया प्रभारी किरन रावत ने कहा कि सरकार ने चार धाम यात्रा प्रारंभ होने से पहले सुगम, सरल, सुरक्षित यात्रा का दावा किया था जो की बिल्कुल फेल हो चुका है स पूरे गढ़वाल में जब चार धाम यात्रा चल रही है तो हरिद्वार से लेकर शिवपुरी तक भयानक जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे पर्यटकों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा ह।
उन्होंने कहा कि कल ही की बात करें तो नैनीताल में भी पिछले दो दिन भयानक जाम की स्थिति बनी रही और मसूरी की बात करें तो वहां पर भी ट्रैफिक जाम से पर्यटक परेशान होते नजर आ रहे हैं और उनहोंने कहा कि सरकार को तत्काल स्थितियों का आकलन करके उस पर व्यापक रणनीति बनानी होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल सुझाव प्रस्ताव भी दिये।
इस अवसर पर दल ने कहा है कि स्मार्ट सिटी की ट्रैफिक लाइट किसी भी सूरत में बंद न हो यदि ट्रैफिक लाइट की नेटवर्क एवं संचालन में कोई खामियां हैं तो स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करें और रेडी और ठेलियों ,फड़ी वाले को तत्काल प्रभाव से सड़कों पर आने से रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी करें
दल ने सुझाव में कहा है कि सभी कॉप्लेक्सों में पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करें एमडीडीए के साथ मिलकर ऐसे ही भवनों और व्यावसायिक भवनों को सीज करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें जिनमें पार्किंग नहीं है और सड़क पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से अभियोग दर्ज करें और किसी हालत में कब्जा न करने दंे।
इस दौरान प्रायः देखा गया है कि चौराहों पर विक्रम,टेंपांे वाले,रिक्शे वाले सवारी को लेने के लिए जाम लगा देते हैं ऐसे वाहनों के खिलाफ तत्काल चालान की कार्रवाई सुनिश्चित करें और यह भी सुनिश्चित करें कि पुलिस जवान को खड़े होने के लिए कोई जगह है या नहीं यदि खड़े होकर जवान ड्यूटी कर रहे हैं तो केवल उनकी ड्यूटी छह घंटे कर दी जाए ताकि वह इस स्पूर्ति के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।


