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देहरादून को जाम से मिलेगी मुक्ति: तहसील चौक चौड़ीकरण के लिए मुआवजा वितरण तेज, DM डॉ. आशीष चौहान ने किया स्थलीय निरीक्षण

शहर की यातायात व्यवस्था होगी सुगम और सुरक्षित

प्रभावित 410 संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच में आई तेजी

देहरादून शहर को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने और यातायात व्यवस्था को आधुनिक व सुगम बनाने के लिए आढ़त बाजार/तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने तहसील चौक पहुंचकर परियोजना की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को प्रभावितों के मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ समयसीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतार रहा MDDA

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप देहरादून की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर संचालित कर रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से आढ़त बाजार और तहसील चौक पर लगने वाले दैनिक जाम से जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

410 संपत्तियां हो रही हैं प्रभावित, रजिस्ट्री की प्रक्रिया जारी

इस चौड़ीकरण परियोजना के दायरे में कुल 410 संपत्तियां आ रही हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित संपत्ति धारकों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है:

  • लोक निर्माण विभाग के नाम रजिस्ट्री: जिन प्रभावितों को मुआवजा मिल चुका है, उनमें से कई संपत्ति धारकों ने अपनी परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग (PWD) के नाम कर दी है।

  • दस्तावेजों का त्वरित परीक्षण: बची हुई संपत्तियों के कागजातों की जांच बेहद तेजी से की जा रही है। दस्तावेज सही पाए जाने पर पात्र लोगों को तुरंत नियमानुसार मुआवजा राशि जारी की जा रही है।

  • स्वेच्छा से खाली हो रहे भवन: मुआवजे की पारदर्शी प्रक्रिया के चलते प्रभावितों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ा है, जिसके बाद कई लोगों ने स्वेच्छा से अपनी संपत्तियों को खाली करना शुरू कर दिया है।

समयबद्धता और पारदर्शिता पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुआवजा वितरण और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाए, ताकि सिविल वर्क (सड़क निर्माण) को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।

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