मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में आगामी नवम्बर माह में प्रस्तावित राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती समारोह की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह रजत जयंती समारोह पूरे प्रदेश में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
बैठक में तय किया गया कि 1 नवम्बर से 9 नवम्बर तक प्रदेशभर में राज्य स्तरीय एवं जनपद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों की रूपरेखा इस प्रकार बनाई जाए कि इसमें प्रदेश की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा दोनों का समावेश हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, सड़क एवं नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल पर लगने वाली प्रदर्शनी में राज्य की 25 वर्षों की उपलब्धियों के साथ अगले 25 वर्षों का विकास रोडमैप भी प्रदर्शित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि रजत जयंती कार्यक्रमों में श्रमिकों, किसानों, पूर्व सैनिकों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि यह उत्सव जन-जन का पर्व बन सके।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने और प्रत्येक दिन सांस्कृतिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पांडेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पांडेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, और धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


