राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर प्रदेशवासियों और विशेष रूप से युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल दार्शनिक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, चरित्र और राष्ट्रबोध के प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मनिर्भर, साहसी और लक्ष्य प्रति समर्पित बनने की प्रेरणा देते हैं।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि भारत का युवा केवल जनसंख्या का आँकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्र की दिशा तय करने वाली शक्ति है। जब युवा अपने अनुभवों से सीखकर समाज के साथ आगे बढ़ता है, तभी सशक्त नेतृत्व का निर्माण होता है। सच्चा नेतृत्व वही है जो व्यक्तिगत सफलता से आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र के व्यापक हित के लिए सोचता है।
उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि वे अमृतकाल के अवसरों और उत्तरदायित्वों का सही उपयोग करें और अपनी ऊर्जा, नवाचार और संकल्पशक्ति को राष्ट्रनिर्माण में लगाकर भारत को विकसित राष्ट्र और विश्वगुरु बनाने में योगदान दें। राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि वे स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में अपनाकर, कर्तव्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र एवं समाज के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।


