राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून के छठे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को मेडल और उपाधियां प्रदान की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही, विश्वविद्यालय की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
दीक्षांत भाषण में राज्यपाल ने कहा कि यह समारोह केवल डिग्री प्रदान करने का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के परिश्रम और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने उपाधि प्राप्त छात्रों से कहा कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र निर्माण में करें। उन्होंने शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल बुद्धि का विकास नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण बताया और कहा कि आज के वैश्विक परिदृश्य में ईमानदारी, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का महत्व और बढ़ गया है।
राज्यपाल ने छात्रों को राष्ट्र प्रथम की भावना बनाए रखने का आह्वान किया और कहा कि हमारा ज्ञान तभी सार्थक है जब वह देश के विकास में योगदान दे। उन्होंने युवाओं को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि ने सभी का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। समारोह में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी, उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, श्रीमती अनुराधा जोशी, प्रति कुलपति राजेश बहुगुणा, कुलसचिव डॉ. अनुज राणा सहित शिक्षा परिषद, कार्य परिषद के सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


