Wednesday, March 4, 2026
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बेडू पाको बारामासा गीत पर झूम उठे तुलाज इंस्टिट्यूट के छात्र छात्रायें

 देहरादून,तुलाज इंस्टिट्यूट के वार्षिक सांस्कृतिक फेस्ट ‘संस्कृति 2025’ का समापन प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक पापोन की जोरदार प्रस्तुति से हुआ। अपनी अनोखी आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए पहचाने जाने वाले पापोन ने ‘आशियाना मेरा’, ‘मोह मोह के धागे’, ‘मुझे कैसे पता न चला’, ‘एक अजनबी हसीना से’ और ‘पहला नशा’ जैसे पसंदीदा गीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने नईं बॉलीवुड धुनों को पुरानी यादों से जोड़ते हुए एक अद्भुत माहौल बना दिया। इस अवसर पर गढ़वाली गीत बेडू पाको बारामास पर छात्र छात्रायें झूम उठे।

इस अवसर पर अपनी प्रस्तुति के दौरान, उत्तराखंड और यहाँ के लोगों को संबोधित करते हुए पापोन ने प्रसिद्ध पहाड़ी लोकगीत ‘बेडू पाको बारामासा’ भी गाया। गीत की पहली धुन सुनते ही पूरा परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा। छात्रों ने एक साथ झूमते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों का जश्न गर्व और उमंग के साथ मनाया।
इस दौरान छात्रों से बातचीत के दौरान पापोन ने उत्तराखंड के प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हुए कहा, “उत्तराखंड मेरे लिए दूसरे घर की तरह है, और आसाम के बाद मैं सबसे ज्यादा वक्त उत्तराखंड में बिताता हूँ। मेरी पत्नी देहरादून से हैं और हमारा एक घर मुक्तेश्वर में है। यहां जो प्यार और ऊर्जा मिलती है, वो कहीं और नहीं।” उनकी सादगी और आत्मीयता ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
तुलाज ग्रुप के चेयरमैन सुनील कुमार जैन ने कहा कि संस्कृति के मंच पर पापोन का आना हमारे लिए गर्व की बात है। उनकी आवाज, उनकी ऊर्जा और उन्होंने जो सांस्कृतिक जुड़ाव मंच पर दिखाया, वो हमारे छात्रों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया। तुलाज इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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