देहरादून: प्रेम,सद्भाव और आस्था का प्रतीक पुराने झंडे जी को उतारने के बाद पूजा और गिलाफ चढ़ाने की दिनभर चलने वाली प्रक्रिया के बाद दरबार साहिब महंत देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में झंडा मेला श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में 94 फीट ऊंचे झंडे जी का आज आरोहण हुआ। झंडे जी के आरोहण के दौरान बाहरी राज्यों से आए लाखों की संख्या में संगतें और श्रद्धालु इस शुभदिन के गवाह बने। इस साल देहरादून के व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य मिला।
रविवार सुबह 7 बजे विशेष पूजा के बाद झंडा जी को उतारने की प्रक्रिया की गई। दूध,दही और गंगाजल से नए झंडे जी का स्नान कराया गया। उसके बाद सुबह 10 बजे से सादे गिलाफ चढ़ाने का कार्यक्रम हुआ। दोपहर 1:00 बजे सुनील के गिलाफ चढ़ाए गए। इस दौरान दरबार साहिब के सज्जादाशीन श्री महंत देवेंद्र दास महाराज ने संगत को आशीर्वाद दिया। उसके बाद महेंद्र देवेंद्र दास महाराज झंडे जी का आरोहण कराया. शाम को संत गुरु महाराज का आशीर्वाद लेकर विदा हो गए।
बता दें होली के पांचवें दिन चैत्र मास के कृष्ण पंचमी को दरबार साहिब में झंडा जी के आरोहण के साथ मेला शुरू हो जाता है। इस बार यह मेला 27 मार्च रामनवमी तक मेला चलेगा। पिछले 25 फरवरी से धार्मिक आयोजन शुरू हो चुके हैं। 28 फरवरी से उत्तराखंड के अलावा पंजाब,हरियाणा ओर उत्तर प्रदेश सहित विदेशों से संगत के पहुंचने का सिलसिला जारी है।दरबार साहिब में आने वाले संगठनों और श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी होती हैं। साल भर देश-विदेश से श्रद्धालु इस पावन अवसर की प्रतीक्षा करते हैं। इस साल भी बड़ी संख्या में संगतें और श्रद्धालु देहरादून पहुंच चुके हैं।10 मार्च को दरबार साहिब से सुबह 7:30 बजे नगर परिक्रमा शुरू होगी। 27 मार्च को रामनवमी के मौके पर मेले का समापन होगा।
सिखों के सातवें गुरु हर राय के बड़े बेटे श्री गुरु राम राय महाराज का जन्म सन 1646 ईस्वी में पंजाब के जिला होशियारपुर स्थित किरतपुर में हुआ। उसके बाद उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया। यहां दरबार साहिब में लोक कल्याण के संदेश के साथ एक विशाल ध्वजदंड स्थापित कर श्रद्धालुओं को ध्वज के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रेरणा दी। परंपरा के अनुसार हर साल होली के पांचवें दिन चतुर्वेदी पंचमी को श्री गुरु राम राय महाराज के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इसी अवसर पर ऐतिहासिक झंडे जी मेला आयोजित किया जाता है।


