उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती पर राजधानी देहरादून को एक और गौरवशाली उपहार मिलने जा रहा है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को गुनियालगांव स्थित निर्माणाधीन सैन्यधाम का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री जोशी ने बताया कि राज्य स्थापना दिवस 09 नवम्बर के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित उत्तराखंड दौरे के दौरान सैन्यधाम का लोकार्पण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि यह धाम उत्तराखंड के वीर सैनिकों को समर्पित एक गौरवशाली श्रद्धांजलि स्थल होगा।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैन्यधाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने बताया कि देशभर के विभिन्न सैन्य स्मारकों का अध्ययन कर सैन्यधाम को अद्वितीय और सर्वश्रेष्ठ स्वरूप में विकसित किया जा रहा है।
मंत्री जोशी ने जानकारी दी कि सैन्यधाम में एक भव्य म्यूजियम, थिएटर, और लाइट एंड साउंड शो की भी व्यवस्था की जा रही है। इसमें शहीदों की वीरता की गाथाओं और चित्रों को दर्शाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके बलिदान से प्रेरणा ले सके।
उन्होंने कहा, जैसे लोग चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आते हैं, वैसे ही लोग वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने सैन्यधाम भी जरूर आएंगे। उन्होंने नक्षत्र वाटिका की स्थापना समेत अन्य निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के सचिव दीपेन्द्र चौधरी, जीओसी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर राम सिंह थापा, पूर्व जीओसी मेजर जनरल सम्मी सभरवाल (सेनि), अपर सचिव एवं निदेशक सैनिक कल्याण श्याम सिंह सहित सैनिक कल्याण विभाग, पेयजल, प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सैन्यधाम न केवल उत्तराखंड की शौर्य परंपरा का प्रतीक होगा, बल्कि यह देशभर से आने वाले लोगों के लिए एक प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।


