श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्रों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से करीब 11 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा और शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभार्थियों को वन क्लिक के माध्यम से सहायता राशि प्रदान की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए और विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगाकर पात्र श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए उनके कार्यस्थलों के आसपास ही आवश्यक सामग्री वितरण और सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, आश्रित बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने और जीवनोपयोगी सामग्री वितरण के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र श्रमिकों तक ही पहुंचे और किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो।
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।
इस अवसर पर राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहिनी पोखरिया, अपर सचिव विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने किया।

