Friday, May 29, 2026
spot_img
HomeDehradunमंत्री जोशी की सैकड़ों करोड़ की अघोषित संपत्ति पर हो जांच की...

मंत्री जोशी की सैकड़ों करोड़ की अघोषित संपत्ति पर हो जांच की कार्रवाईः मोर्चा

जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि घोटालेबाज, महा दागी कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा जिस तरह से लगातार घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है और उससे सरकार व प्रदेश की छवि धूमिल होती जा रही है, लेकिन राजभवन को यह गूंज सुनाई नहीं दे रही है।
यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए नेगी ने कहा है कि ऐसे मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से निकाल बाहर किया जाना चाहिए और इसके साथ-साथ नगर निगम भूमि खरीद घोटाले के मास्टरमाइंड की भूमिका, जिनके दबाव में अधिकारियों द्वारा सरकार को चालीस करोड रुपए की चपत लगाने की साजिश रची गई, राजभवन द्वारा संज्ञान न लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि राजभवन की भूमिका से प्रतीत होता है कि राजभवन सिर्फ और सिर्फ कार्यवाही करने से पीछे हो रहा है, जिसका जन सरोकारों से कोई लेना देना नहीं है और उन्होंने कहा कि आखिर राजभवनने क्यों जनता से मुंह मोड़ लिया है। नेगी ने कहा कि उक्त मंत्री द्वारा सबसे पहले घोटाले बाज उद्यान निदेशक  बवेजा को सीबीआई जांच से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करवाई।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम में हाल ही में कृषि मित्र मेला में घोटाले की पटकथा को अंजाम दिया गया व तराई बीज विकास निगम की परिसंपत्तियों, भूमि नीलाम करने में भी घोटाले का आरोप मंत्री के सिर पर है और आय से अधिक मामले में न्यायालय द्वारा सरकार से इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर सहमति मांगी गई, लेकिन शासन द्वारा इनको अभय दान दे दिया गया और जैविक खेती, बागवानी में भी गड़बड़ी के आरोप इनके सर पर हैं।
उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ निर्माणाधीन सैन्य धाम में गड़बड़ी तथा विदेशी टूर में लाखों रुपए की बर्बादी का आरोप भी उक्त मंत्री के सिर पर है और नेगी ने कहा कि उक्त मंत्री द्वारा पांच से सात साल में सैकड़ों करोड़ की अघोषित संपत्ति अपने गुर्गोंध् परिजनों, रिश्तेदारों के नाम अर्जित कर ली है, जिसकी जांच होनी बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा उपरोक्त तमाम गड़बड़ियों के मामले में मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी किया गया है, इसका संज्ञान लेकर सरकार को उक्त मंत्री को मंत्रिमंडल से निकल बाहर करना चाहिए और इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि जो व्यक्ति पन्द्रह से बीस साल पहले मुफलिसी के दिन गुजर रहा था, एकदम कैसे सैकड़ों करोड़ अघोषित का मालिक बन बैठा है।
नेगी ने कहा कि राजभवन इस बात की भी जांच कराये कि जनपद देहरादून व आसपास जितने भी काम्ंपलेक्स, मॉल अपार्टमेंट इमारतें बने हैं, उनमें कितने इनके परिजनों व आदि के नाम धमकाकर हासिल किए गए हैं और मंत्री के काले कारनामों के चलते प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने कहा कि मोर्चा राजभवन की उदासीनता एवं गैर जिम्मेदाराना रवैया के खिलाफ आंदोलन भी चलाया जायेगा। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में भीम सिंह बिष्ट व अतुल हांडा भी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular