Sunday, May 24, 2026
spot_img
HomeCrimeदेहरादून का पैनेसिया अस्पताल सील, ICU अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन

देहरादून का पैनेसिया अस्पताल सील, ICU अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन

अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त, परिसर सील करने के आदेश

पैनेसिया अस्पताल के ICU में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है, वहीं मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर को सील करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल परिसर में नोटिस भी चस्पा किया है, जिसमें प्राथमिक जांच के दौरान कई गंभीर खामियां मिलने का उल्लेख किया गया है।

निरीक्षण में सामने आईं सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमियां

20 मई को हुए अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल की विद्युत व्यवस्था, ICU, अग्निशमन उपकरणों और इमरजेंसी निकासी प्रणाली की जांच की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। टीम ने पाया कि अस्पताल में विद्युत लोड आवश्यकता से अधिक था, जिससे एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट होने और आग फैलने की आशंका जताई गई।

ICU में आग लगने से गई थी महिला मरीज की जान

बीती 20 मई को अस्पताल के ICU में अचानक आग लग गई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग एसी यूनिट से शुरू हुई और तेजी से पूरे ICU कक्ष में फैल गई। धुएं के कारण अस्पताल में अफरातफरी मच गई थी। इस हादसे में एक महिला मरीज की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों को चोटें आई थीं। धुआं तेजी से फैलने के कारण मरीजों को बाहर निकालने में भी काफी कठिनाई हुई।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, सोशल मीडिया शिकायतों ने बढ़ाई मुश्किलें

घटना के बाद जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर अस्पताल से जुड़ी कई शिकायतें भी सामने आईं, जिनमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अग्निशमन व्यवस्था की कमी और मरीजों की सुरक्षा में लापरवाही जैसे आरोप लगाए गए। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित की थी।

क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों में भी खामियां

जांच रिपोर्ट में बताया गया कि अस्पताल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निर्धारित कई जरूरी मानकों का पालन नहीं कर रहा था। सुरक्षा उपकरणों की स्थिति, भवन सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य नहीं किया जाता, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।

जांच पूरी होने तक बंद रहेंगी चिकित्सा सेवाएं

प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और अस्पताल सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता, तब तक अस्पताल में किसी भी प्रकार की चिकित्सा गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्थाएं पहले से कमजोर थीं, लेकिन इस ओर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

RELATED ARTICLES

Most Popular