88 सैंपल जांच के लिए भेजे, करीब 100 किलो एनालॉग पनीर नष्ट,
मानकों की अनदेखी पर 10 से अधिक प्रतिष्ठान बंद
देहरादून। त्योहारी सीजन से पहले उत्तराखंड में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। प्रदेश में ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। 7 अगस्त से 18 अगस्त 2026 तक महज 12 दिनों में प्रदेश के 88 खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई।
अभियान के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों से 88 सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए, जबकि करीब 100 किलो एनालॉग पनीर को नष्ट कराया गया। वहीं, नियमों और मानकों की अनदेखी पाए जाने पर 10 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया है। विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटी और अमानकीकृत खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
डेयरी एनालॉग पर पूरी तरह प्रतिबंध
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे की ओर से 7 अगस्त को आदेश जारी कर प्रदेश में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद विभाग ने पूरे प्रदेश में अभियान तेज कर दिया।
विभाग के मुताबिक खासतौर पर त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी की आशंका बढ़ जाती है। दुग्ध उत्पादन सीमित होने और मांग अधिक होने के कारण दूसरे राज्यों से एनालॉग पनीर और अन्य अमानकीकृत दुग्ध उत्पादों की सप्लाई होने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार निगरानी की जा रही है।
सिर्फ सैंपल नहीं, पूरी व्यवस्था की हो रही जांच
FDA की टीम छापेमारी के दौरान केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच तक सीमित नहीं है। प्रतिष्ठानों में किचन की स्वच्छता, खाद्य लाइसेंस, कच्चे माल का स्रोत, खरीद के बिल, पैकेजिंग और लेबलिंग के साथ कर्मचारियों की स्वच्छता और प्रशिक्षण की स्थिति भी देखी जा रही है।
विभाग ने इसके लिए एक विशेष चेकलिस्ट तैयार की है। इसी के आधार पर प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। जिन प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां मिल रही हैं, उन्हें तत्काल बंद कराने की कार्रवाई की जा रही है। बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है।
ऋषिकेश में 100 किलो एनालॉग पनीर नष्ट
FDA के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार अभियान के तहत अब तक 88 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की जा चुकी है और 88 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश में करीब 100 किलो एनालॉग पनीर को मौके पर नष्ट कराया गया।
उन्होंने कहा कि अमानकीकृत डेयरी उत्पादों की सप्लाई रोकने के लिए विभाग दूसरे राज्यों के संबंधित विभागों के साथ भी समन्वय कर रहा है, ताकि उत्पाद की सप्लाई चेन को ट्रैक किया जा सके। लगातार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
14 दिन में मिल रही जांच रिपोर्ट
FDA के अनुसार खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। अब सैंपलों की जांच रिपोर्ट करीब 14 दिन के भीतर उपलब्ध हो रही है। रुद्रपुर की लैब के साथ देहरादून में भी करीब 5 हजार सैंपल टेस्टिंग क्षमता वाली लैब का संचालन शुरू किया गया है।
इससे खाद्य पदार्थों की जांच में तेजी आने के साथ ही कार्रवाई को भी प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है।
प्रदेशभर में जारी रहेगा अभियान
FDA अधिकारियों का कहना है कि अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। छोटे से लेकर बड़े सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को अभियान के दायरे में रखा गया है।
विभाग का कहना है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा और आवश्यकता के अनुसार खाद्य सामग्री को नष्ट कराया जाएगा। बिना लाइसेंस या गंभीर अनियमितता वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ बंदी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। त्योहारी सीजन को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रदेशभर में छापेमारी और निरीक्षण अभियान जारी रहने की संभावना है।

