स्वास्थ्य लाभ के बाद पार्टी की अहम बैठक में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री,
राजनीतिक-सामाजिक हालात और आगामी रणनीति पर हुआ मंथन
देहरादून, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत एक बार फिर पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय नजर आए हैं। स्वास्थ्य लाभ के बाद हरीश रावत ने दिल्ली में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में आयोजित हुई, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेताओं ने देश के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर चर्चा की।
बीते दिनों तबीयत खराब होने के चलते हरीश रावत को कुछ समय के लिए दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इसके बाद वह दिल्ली स्थित अपने आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। अब पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में उनकी मौजूदगी से उनके फिर से राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
हरीश रावत ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल होने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे। बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगे की रणनीति और आगामी कार्ययोजना को लेकर भी चर्चा हुई।
उत्तराखंड को लेकर भी कांग्रेस में मंथन
इधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर पहले ही बैठक हो चुकी है। इस दौरान प्रदेश की विभिन्न विधानसभा सीटों की स्थिति पर चर्चा की गई।
गोदियाल के मुताबिक संगठन को और मजबूत करने, प्रस्तावित समितियों के गठन तथा संगठन में मौजूद कमियों को दूर करने को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की कैंपेनिंग रणनीति पर भी मंथन किया गया है।
उन्होंने बताया कि 19 अगस्त को सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद 20 अगस्त को भी दिल्ली में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा।
रावत की सक्रियता से अटकलों पर विराम
हरीश रावत के राजनीतिक संन्यास को लेकर समय-समय पर चर्चाएं और अटकलें सामने आती रही हैं। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री कई मौकों पर इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ कर चुके हैं कि फिलहाल उनका राजनीति से संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है।
अब सीडब्ल्यूसी जैसी महत्वपूर्ण बैठक में उनकी मौजूदगी को कांग्रेस की राजनीति में उनकी सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। खास तौर पर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस में बैठकों और रणनीतिक मंथन का दौर तेज होने के साथ हरीश रावत की सक्रियता पार्टी के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

