ग्लास्गो में 74 देशों के करीब 3 हजार खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा,
भारत के 123 एथलीट विभिन्न स्पर्धाओं में दिखाएंगे दम
ग्लास्गो (स्कॉटलैंड): 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का गुरुवार को स्कॉटलैंड के ग्लास्गो शहर में भव्य और रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ आगाज हो गया। दुनिया के 74 देशों और क्षेत्रों के करीब 3,000 खिलाड़ी इस बहु-खेल आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं। खेलों का आयोजन 2 अगस्त तक होगा, जिसमें 10 खेलों की 215 स्वर्ण पदक स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। इस बार उद्घाटन समारोह ग्लास्गो के ओवीओ हाइड्रो इंडोर एरिना में आयोजित किया गया, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का पहला पूरी तरह इंडोर उद्घाटन समारोह रहा। स्कॉटलैंड ने 2014 के बाद दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर इतिहास रचा है।
किंग चार्ल्स तृतीय ने किया खेलों का उद्घाटन
उद्घाटन समारोह में ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय ने आधिकारिक रूप से खेलों का शुभारंभ किया। इस दौरान क्वीन कैमिला, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के अध्यक्ष सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। किंग चार्ल्स ने बकिंघम पैलेस में कॉमनवेल्थ डे के अवसर पर तैयार किया गया अपना विशेष संदेश पढ़कर खेलों के उद्घाटन की घोषणा की।
मीराबाई चानू और लवलीना ने संभाली तिरंगे की कमान
भारतीय दल का नेतृत्व ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने किया। दोनों खिलाड़ियों ने हाथों में तिरंगा और किंग्स बैटन लेकर भारतीय दल की अगुवाई की। जैसे ही भारतीय टीम एरिना में पहुंची, दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उसका गर्मजोशी से स्वागत किया। भारतीय खिलाड़ी पारंपरिक भारतीय परिधान और औपचारिक ब्लेजर में नजर आए, जिसने उद्घाटन समारोह में भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक पेश की।
भारत के 123 खिलाड़ी मैदान में
इस बार भारत की ओर से 123 खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सामान्य और पैरा खेलों दोनों के खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय दल आठ सामान्य खेलों और पांच पैरा स्पर्धाओं में पदक के लिए चुनौती पेश करेगा। हालांकि इस बार शूटिंग, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और क्रिकेट जैसे भारत के मजबूत खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में बर्मिंघम 2022 की तुलना में भारत के कुल पदकों की संख्या प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
स्कॉटिश संस्कृति से सजा उद्घाटन समारोह
उद्घाटन समारोह में स्कॉटलैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की शानदार प्रस्तुति देखने को मिली। प्रसिद्ध गायकों केटी टनस्टॉल, टॉम वॉकर, नीना नेस्बिट, कैलम बीट्टी, नाथन इवांस, सेंट पीएचएनएक्स और वाल्टोस सहित कई कलाकारों ने अपने आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। राष्ट्रों की परेड में सबसे पहले अफ्रीकी देशों ने प्रवेश किया, जबकि मेजबान स्कॉटलैंड ने परंपरा के अनुसार सबसे अंत में एरिना में प्रवेश किया।
सीमित बजट में हो रहा आयोजन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन लगभग 160 मिलियन पाउंड के बजट में किया जा रहा है, जो बर्मिंघम 2022 की तुलना में करीब 60 प्रतिशत कम है। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य द्वारा आयोजन से हटने के बाद ग्लास्गो ने कम समय में जिम्मेदारी संभाली और मौजूदा खेल परिसरों एवं आधारभूत ढांचे का उपयोग करते हुए इस आयोजन को संभव बनाया।
भारत की नजर बेहतर प्रदर्शन पर
भारत ने बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में 22 स्वर्ण सहित कुल 61 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। इस बार कुछ प्रमुख खेलों के शामिल नहीं होने के बावजूद भारतीय खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, स्क्वैश और अन्य स्पर्धाओं में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे।
2030 में भारत करेगा मेजबानी
कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन पहले ही घोषणा कर चुका है कि 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत के अहमदाबाद शहर को मिली है। उस संस्करण में 17 खेल शामिल होंगे और इसे पूर्ण स्वरूप वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के रूप में आयोजित किया जाएगा। ऐसे में ग्लास्गो 2026 भारतीय खिलाड़ियों के लिए अनुभव और तैयारी के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

