बकाया कर वसूली में तेजी लाने और बड़ी संपत्तियों के कर निर्धारण के पुनः सत्यापन के दिए निर्देश
नगर निगम की राजस्व व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर आयुक्त अशोक कुमार पांडेय ने सोमवार को कर अनुभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में कर वसूली की प्रगति, बकाया कर की स्थिति तथा राजस्व वृद्धि से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान दो कर निरीक्षक चंद्रशेखर और सत्येंद्र कुमार बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। इस पर नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोनों अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त ने निगम क्षेत्र की बड़ी संपत्तियों पर लगाए गए कर का पुनः सत्यापन एवं परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर निर्धारण में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और निगम को राजस्व की हानि न उठानी पड़े, इसके लिए सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जाए।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को बकाया कर वसूली अभियान में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कर अनुभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की विकास योजनाओं और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए राजस्व संग्रह में वृद्धि अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करें।
बैठक में उप नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, कर अधीक्षक एवं कर निरीक्षक सहित कर अनुभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

