Wednesday, May 13, 2026
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तकनीक के जरिए सुरक्षित और व्यवस्थित हो रही चारधाम यात्रा,यूकाडा और डीजीसीए की संयुक्त मॉनिटरिंग

आईसीसीसीसी सिस्टम से सुरक्षित और सुगम बन रही चारधाम हेली यात्रा

खराब मौसम में भी हेली सेवाओं पर रियल टाइम नजर, 

देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हेली सेवाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (आईसीसीसीसी) लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में स्थापित यह अत्याधुनिक नियंत्रण केंद्र खराब मौसम की परिस्थितियों में भी हेलीकॉप्टर सेवाओं की प्रत्येक गतिविधि पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। आधुनिक तकनीक से लैस इस सेंटर के जरिए चारधाम हेली यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाया जा रहा है।

डीजीसीए, आईएमडी और यूकाडा की संयुक्त टीम कर रही निगरानी

आईसीसीसीसी में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और यूकाडा की छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम तैनात है। यह टीम एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ समन्वय स्थापित कर हेली संचालन की हर गतिविधि पर नजर रख रही है। केंद्र से सभी हेली रूट, ट्रैकिंग डिवाइस और प्रत्येक हेली ट्रिप एवं शटल सेवा की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे किसी भी संभावित जोखिम या मौसम संबंधी चुनौती की स्थिति में तुरंत निर्णय लेने में मदद मिल रही है।

पीटीजेड कैमरों से लैंडिंग और टेकऑफ पर पैनी नजर

चारधाम हेली रूटों पर लगाए गए पीटीजेड कैमरों के माध्यम से हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके जरिए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना संभव हो पा रहा है। आईसीसीसीसी सेंटर से पूरी हेली यात्रा व्यवस्था को नियंत्रित और मॉनिटर किया जा रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सेवाओं की पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो रही हैं।

“श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता”

यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चारधाम हेली यात्रा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक सुरक्षित, सरल और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सहस्त्रधारा और सिरसी में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां डीजीसीए और आईएमडी के अधिकारी लगातार तैनात हैं। डॉ. चौहान ने कहा कि प्रत्येक हेली उड़ान की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ समन्वय बनाकर प्रत्येक शटल सेवा को मंजूरी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम, विजिबिलिटी और सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हेली सेवाओं पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

हेली टिकटिंग में अब तक नहीं मिली धोखाधड़ी की शिकायत

चारधाम यात्रा के दौरान हेली टिकट बुकिंग को लेकर भी यूकाडा लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार अभी तक हेली टिकटिंग से संबंधित किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत सामने नहीं आई है। श्रद्धालु आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर रहे हैं और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से केवल अधिकृत पोर्टल से ही टिकट बुक करने की अपील की है।

21 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया हेली सेवा का लाभ

यूकाडा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 22 अप्रैल से अब तक 21 हजार से अधिक श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से चारधाम यात्रा कर चुके हैं। फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से संचालित शटल सेवाओं के जरिए अब तक 17,976 यात्रियों को दर्शन कराए गए हैं। वहीं, 10 मई तक चार्टर्ड हेली सेवाओं के माध्यम से 3,974 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। चारधाम यात्रा के दौरान लगातार बदलते मौसम और पर्वतीय चुनौतियों को देखते हुए यूकाडा द्वारा तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को मजबूत किया गया है। रियल टाइम ट्रैकिंग, मौसम अपडेट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के समन्वय से श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में भी हेली सेवाओं की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा अनुभव मिल सके।

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