उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने टिहरी कलेक्ट्रेट परिसर में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस संवाद का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी शंकाओं और सुझावों को जानना और विवेचना को और अधिक पारदर्शी व तथ्यपरक बनाना था।
एसआईटी टीम के समक्ष बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी उपस्थित हुए। इस दौरान परीक्षाओं में आए अनुभवों, समस्याओं व संभावित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों ने अपनी शंकाएं मौखिक व लिखित रूप में टीम के समक्ष रखीं।
एसआईटी द्वारा इन सभी शंकाओं व सुझावों को लिपिबद्ध कर दस्तावेजीकृत किया गया, जिनका मूल्यांकन कर इन्हें आयोग और जांच निगरानी कर रहे माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
संवाद के दौरान कई छात्र-छात्राओं ने परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुधारात्मक, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के सुझाव दिए। इनमें परीक्षा केंद्रों में सख्त सुरक्षा मानक लागू करना, परीक्षा से पूर्व अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग/फ्रिस्किंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध, पेपर की छपाई, ट्रांसपोर्ट व स्टोरेज की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना शामिल थे।
अभ्यर्थियों ने कहा कि पिछले वर्षों में जब इन मानकों को अपनाया गया था, तब परीक्षाएं अपेक्षाकृत निष्पक्ष व पारदर्शी रहीं। ऐसे सुरक्षा उपायों को भविष्य की सभी परीक्षाओं में भी अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा के प्रश्नपत्रों के फोटो वायरल होने के मामले में थाना रायपुर में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है।
एसआईटी द्वारा एकत्र की गई सभी सूचनाएं और सुझावों को संकलित कर उच्च स्तरीय समीक्षा के लिए भेजा जाएगा। टीम ने भरोसा दिलाया कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन पर न्यायसंगत और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


