रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते 19 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर व्यवस्थाएं दबाव में नजर आ रही हैं। भीमबली, लिनचोली और जंगलचट्टी जैसे संकरे स्थानों पर लंबे जाम लगने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी कतारों में फंसे दिखाई दे रहे हैं, जिससे यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
यात्रियों का कहना है कि घोड़ा-खच्चर, पालकी और पैदल श्रद्धालुओं की एक साथ आवाजाही के कारण मार्ग पर भीड़ बढ़ रही है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालुओं ने सुरक्षा बैरिकेडिंग की कमी, पर्याप्त पुलिस बल की अनुपस्थिति, थकान, ऑक्सीजन की कमी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत भी की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़ नियंत्रण, मार्ग सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और प्रभावी भीड़ प्रबंधन की मांग की है।
इस बीच, रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को संकरे मार्गों पर कतारबद्ध होकर चलने की सलाह दी जा रही है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने तुंगनाथ धाम में वायरल हुए मारपीट के वीडियो पर भी कार्रवाई किए जाने की बात कही।

