देहरादून। वंदे मातरम को लेकर उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के रुख को विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वंदे मातरम के इतिहास, अर्थ और गौरवशाली विरासत को जन-जन, खासकर युवाओं तक पहुंचाने के लिए जनजागरण अभियान चलाएगी।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी वंदे मातरम के सम्मान और उसके गायन के संवैधानिक अधिकार से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस के 1937 के निर्णय को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कांग्रेस एक बार फिर तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रही है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जो लोग पूरा राष्ट्रगीत गाने में सक्षम नहीं हैं, वे कम से कम कानून के अनुसार उसका सम्मान तो कर सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान पर भी भट्ट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरीश रावत वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपने कार्यकर्ताओं से वंदे मातरम के सम्मान के लिए आगे आने का आह्वान करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी देशभर में अभियान चलाकर वंदे मातरम के इतिहास और महत्व की जानकारी लोगों तक पहुंचाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए राष्ट्रगीत का सम्मान राजनीतिक और चुनावी मुद्दों से ऊपर है।

