राजपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हाई-प्रोफाइल पार्टियों में कोकीन सप्लाई करने की थी तैयारी; अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच तेज
मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को साकार करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दून पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशन में संचालित “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत थाना राजपुर पुलिस ने हाई-प्रोफाइल ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कोबरा गैंग से जुड़े दो विदेशी नागरिकों समेत तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20.92 ग्राम अवैध कोकीन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार राजपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान सूचना प्राप्त हुई थी कि कोबरा गैंग से जुड़े कुछ ड्रग पैडलर देहरादून की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में कोकीन की सप्लाई करने के लिए पहुंचे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान जोहड़ी रोड स्थित पुरानी मजार के पास स्कूटी पर सवार दो विदेशी नागरिकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 9.15 ग्राम कोकीन बरामद हुई। वहीं दूसरी कार्रवाई में ओल्ड मसूरी रोड स्थित सीआईएसएफ तिराहे के पास एक कार में सवार युवक के कब्जे से 11.77 ग्राम कोकीन बरामद की गई।
गिरफ्तार विदेशी नागरिकों की पहचान माइकल इक्का मेकसन और लेविकिरी वानिकी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सूडान के निवासी हैं और वर्तमान में देहरादून में रह रहे थे। तीसरा आरोपी जावेद आलम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का निवासी है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
पूछताछ में विदेशी आरोपियों ने खुद को कोबरा गैंग का सक्रिय सदस्य बताया। उन्होंने खुलासा किया कि गैंग दिल्ली से कोकीन की खेप लाकर विभिन्न राज्यों में अपने एजेंटों और ड्रग पैडलरों के माध्यम से सप्लाई करता है। देहरादून में आयोजित होने वाली हाई-प्रोफाइल पार्टियों में भी इसी नेटवर्क के जरिए नशे की आपूर्ति की जाती थी। आरोपियों ने बताया कि वे हाल ही में दिल्ली से कोकीन लेकर देहरादून पहुंचे थे और राजपुर क्षेत्र में इसे खपाने की तैयारी कर रहे थे।
तीसरे आरोपी जावेद आलम ने भी पूछताछ में स्वीकार किया कि वह दिल्ली से कोकीन लेकर देहरादून आया था और अन्य ड्रग तस्करों के साथ मिलकर इसकी सप्लाई करने वाला था। पुलिस अब पूछताछ में सामने आए अन्य तस्करों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई स्कूटी और कार को भी सीज कर दिया है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 2,500 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी राजपुर पुलिस कोबरा गैंग के 13 सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। उस कार्रवाई में लगभग ढाई करोड़ रुपये मूल्य की 200 ग्राम कोकीन बरामद की गई थी। इससे स्पष्ट है कि दून पुलिस लगातार इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में दून पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए हैं। इस दौरान 145 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। बरामदगी में 1 किलो 230 ग्राम स्मैक, 9 किलो चरस, 51 किलो से अधिक गांजा तथा बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां और कैप्सूल शामिल हैं।
दून पुलिस का कहना है कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे संगठित नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

