फर्जी नंबर प्लेट पर परिवहन विभाग सख्त
पीली पट्टी वाली नंबर प्लेट की जगह सफेद प्लेट लगाकर दौड़ रहे वाहन,
एचएसआरपी को लेकर भी विभाग ने जारी किए निर्देश
देहरादून। सड़क सुरक्षा और वाहनों की पहचान को लेकर परिवहन विभाग सख्ती का दावा कर रहा है, लेकिन सड़कों पर नियमों की अनदेखी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वाहनों पर निर्धारित मानकों के विपरीत नंबर प्लेट लगाए जाने के साथ-साथ सरकारी अनुबंध पर संचालित होने वाली कुछ टैक्सी गाड़ियों की नंबर प्लेट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसी गाड़ियों में निर्धारित व्यावसायिक श्रेणी की नंबर प्लेट के बजाय सफेद रंग की नंबर प्लेट लगी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारी संदीप सैनी ने बताया कि सभी एआरटीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वाहनों पर सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) ही लगी होनी चाहिए। किसी वाहन पर फर्जी, अनधिकृत अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत नंबर प्लेट पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी अनुबंध वाली टैक्सियों पर भी उठ रहे सवाल
शहर में सरकारी विभागों अथवा सरकारी संस्थानों के अनुबंध पर संचालित होने वाली टैक्सी गाड़ियों को लेकर भी नंबर प्लेट के नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवहन नियमों के अनुसार व्यावसायिक रूप से पंजीकृत वाहनों की नंबर प्लेट उनकी निर्धारित श्रेणी के अनुरूप होनी चाहिए। इसके बावजूद कुछ अनुबंधित टैक्सी वाहनों में पीली पृष्ठभूमि वाली व्यावसायिक नंबर प्लेट के स्थान पर सफेद रंग की नंबर प्लेट लगी दिखाई देने की बात सामने आ रही है।
यह स्थिति सिर्फ नंबर प्लेट के रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे यह सवाल भी उठता है कि ऐसे वाहनों का पंजीकरण किस श्रेणी में है और वे किस परमिट के आधार पर सरकारी अनुबंध में संचालित हो रहे हैं। ऐसे वाहनों की परिवहन विभाग को दस्तावेजों के साथ जांच करने की जरूरत है।
नियमों के उल्लंघन पर कौन जिम्मेदार?
सरकारी अनुबंध पर वाहन चलाने वाले वाहन स्वामियों के साथ संबंधित विभागों और अनुबंध देने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि कोई वाहन व्यावसायिक श्रेणी में पंजीकृत है तो उसकी नंबर प्लेट और अन्य जरूरी मानकों की जांच अनुबंध में वाहन लगाने से पहले की जानी चाहिए।
ऐसे में परिवहन विभाग की कार्रवाई सिर्फ सड़क पर वाहन रोककर चालान करने तक सीमित न रहकर यह भी सुनिश्चित करने की दिशा में होनी चाहिए कि सरकारी अनुबंधों में लगाए जा रहे सभी वाहन वैध परमिट, फिटनेस, बीमा और निर्धारित नंबर प्लेट के साथ ही संचालित हों।
नंबर प्लेट के साथ दूसरे नियम भी सवालों के घेरे में
सड़कों पर सिर्फ नंबर प्लेट ही नहीं, बल्कि यातायात के कई अन्य नियमों की भी अनदेखी दिखाई देती है। दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का इस्तेमाल न करना, कारों में सीट बेल्ट की अनदेखी, ओवरलोडिंग, तेज गति और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल जैसी लापरवाहियां सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं।
व्यावसायिक और अनुबंधित वाहनों में फिटनेस, परमिट, चालक के दस्तावेज और वाहन की निर्धारित श्रेणी की भी नियमित जांच जरूरी है। यदि जांच केवल कागजों तक सीमित रहती है तो नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होगा।
एचएसआरपी की जांच के साथ हो पूरी पड़ताल
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहनों पर निर्धारित एचएसआरपी होना अनिवार्य है और अनधिकृत नंबर प्लेट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में चेकिंग अभियान के दौरान सामान्य निजी वाहनों के साथ-साथ सरकारी अनुबंध पर चलने वाली टैक्सी गाड़ियों की नंबर प्लेट, परमिट और पंजीकरण श्रेणी की भी विशेष जांच की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि यदि सरकारी अनुबंध पर चलने वाली टैक्सी गाड़ियों में भी निर्धारित नंबर प्लेट के बजाय सफेद नंबर प्लेट लगी मिल रही है, तो संबंधित वाहनों के खिलाफ विभाग क्या कार्रवाई करता है। सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी है कि नियम आम वाहन चालक से लेकर सरकारी अनुबंध पर चलने वाले वाहन तक सभी पर समान रूप से लागू हों।

