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” मेरा वोट – मेरा अधिकार ” को उत्तराखंड के सभी 100 नगर निकाय में कांग्रेस जनजागरण अभियान चलाएगी – अभिनव थापर 

देहरादून‘- उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस मताधिकार संरक्षण समिति के सदस्यों द्वारा कहा गया की कांग्रेस पार्टी न तो चुनाव आयोग पर, न चुनाव प्रक्रिया पर और न ही मतदाता के विवेक पर कोई सवाल उठा रही है, बल्कि हम लोग चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और जनवरी 2025 में सम्पन्न हुए चुनाव में, जिन लोगों के वोट काटे गये हैं, उनके वोट काटने की प्रक्रिया या उसके पीछे के कारण को जानने का प्रयास कर रहे है।

जनवरी 2025 में सम्पन्न हुए, स्थनीय निकाय चुनाव में, राज्य के अनेक हिस्सों, संभवतः लगभग सभी से, शिकायत मिली थी कि अमुक व्यक्ति जिसने कि लोकसभा चुनाव में वोट दिया था, उसका नाम स्थानीय निकाय चुनाव की मतदाता सूची में नहीं है. भारत के संविधान का अनुच्छेद 326, स्पष्ट करता है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर होंगे। अतः प्रत्येक व्यक्ति जो भारत का नागरिक है और जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है, उसे चुनाव में मतदान करने का अधिकार प्राप्त है।

उत्तराखण्ड मताधिकार संरक्षण समिति का वोटरों की शिकायत हेतु ईमेल – meravote@inc.in व व्हाट्सएप् नम्बर 7452894623 युक्त पोस्टर प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा व समिति के सदस्यों द्वारा जारी किया गया।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा निर्धारित उत्तराखण्ड मताधिकार संरक्षरण समिति के सदस्य अभिनव थापर उदाहरण के लिए, देहरादून के नगर निगम चुनाव में, अगस्त 2024 में वोटर लिस्ट जारी हुई, जिसमें 8 लाख 3 हजार वोट कटे हुए थे, और जो दिसम्बर 2024 में अंतिम सूची में 7 लाख 71 हजार वोटर थे लेकिन चुनाव प्रक्रिया के दौरान, जो चुनाव से तीन दिन पहले जो लिस्ट आई उसमें 32000 नाम फिर कट गये. अब सवाल है कि ये 32 हजार नाम क्यों कटे और जिसका नाम कटा वो सिर्फ तीन दिन में अंदर नाम कैसे जुड़वा सकता था यह मामला सवाल खड़े करता है।

अभिनव थापर ने कहा कि उत्तराखण्ड के सभी 100 नगर निकाय में जनपदवार हमारी टीम भ्रमण कर पिड़ित वोटरों से सम्पर्क सथापित करेगी व जिला कांग्रेस कमेटी एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटियों के स्तर पर इस अभियान को चलाकर सरकार की मिलीभगत की पोल खोली जायेगी।

समिति के सदस्य पंकज क्षेत्री ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम कटवाने और नाम जुडवाने की एक स्पष्ट प्रक्रिया है। इसके उलंघन के खिलाफ जनजागरण व कानूनी प्रक्रिया के तहत अभियान को आगे बढ़ाया जायेगा।

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