हर साल की तरह इस बार भी देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस बार 78वें दशहरा पर्व के तहत 121 फीट ऊंचे रावण, 70 फीट कुंभकरण और 75 फीट मेघनाद के पुतलों का भव्य दहन हुआ। दशानन का यह विशालकाय पुतला दहन कर बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक स्थापित किया गया।
1947 से ही बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी देहरादून में इस त्योहार का आयोजन कर रही है, जो आज भी एक बड़ी सांस्कृतिक विरासत के रूप में जाना जाता है। इस बार भी भारी संख्या में लोग अपने पूरे परिवार के साथ परेड ग्राउंड में जमा हुए और उत्सव का आनंद लिया।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से परेड ग्राउंड में बैरिकेड्स लगाए गए और वीआईपी व वीवीआईपी के लिए अलग से व्यवस्थाएं की गईं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। आयोजन स्थल पर भारी उत्साह था और सभी ने रावण दहन के दृश्य का आनंद लिया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा, विजयदशमी अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने भीतर की बुराइयों को त्यागकर सदाचार की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। आज की आवश्यकता है कि हम अहंकार से मुक्त होकर सच्चाई के मार्ग पर चलें और प्रदेश व देश की सामाजिक समरसता के लिए मिलजुल कर काम करें। भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात कर जीवन को सार्थक बनाएं।
देहरादून का दशहरा पर्व केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों की प्रतिमूर्ति भी है। परेड ग्राउंड में इस विशाल आयोजन ने दशहरा की परंपरा को जीवंत रखा है और यह संदेश दिया है कि अच्छाई की जीत अवश्य होती है।

