देहरादून, देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता सूरज सिंह नेगी, उनके बेटे हर्षवर्धन नेगी और सहयोगी मोहित पुरी के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है।
रायपुर थाना क्षेत्र में दर्ज भूमि धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में फरार चल रहे सूरज सिंह नेगी, हर्षवर्धन नेगी और मोहित पुरी के घर अदालत के आदेश पर पुलिस ने मुनादी कर कुर्की का नोटिस चस्पा किया। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के तहत विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ चुनिंदा तरीके से कार्रवाई की जा रही है। प्रतिमा सिंह ने हाल ही में आईपीएस एसोसिएशन द्वारा जारी एक पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पत्र जारी किए जा सकते हैं, तो पुलिस अधिकारियों की कथित भूमिका पर सवाल उठाने वालों की जवाबदेही कौन तय करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता अपने साथियों के साथ खड़ा है और किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर हाईकोर्ट की सख्ती, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला। प्रतिमा सिंह ने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सुविधाओं में सुधार की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है, जो यह दर्शाता है कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के प्रति गंभीर नहीं है। प्रतिमा सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन विभाग की अव्यवस्थाओं और अस्पतालों की समस्याओं पर वे चुप्पी साधे हुए हैं। उनके अनुसार स्वास्थ्य मंत्री अन्य मुद्दों पर प्रेस वार्ता कर रहे हैं, जबकि सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर कोई ठोस जवाब नहीं दे रहे।
कांग्रेस ने मांग की कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाए तथा पुलिस-प्रशासन का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कथित दुरुपयोग बंद करे।

