HomeDehradunअग्नि सुरक्षा पर सरकार सख्त, अस्पतालों-कोचिंग सेंटरों की होगी विशेष जांच

अग्नि सुरक्षा पर सरकार सख्त, अस्पतालों-कोचिंग सेंटरों की होगी विशेष जांच

  • उत्तराखंड में अग्नि सुरक्षा पर सख्ती,
  • अधिकारियों की जवाबदेही तय; 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
  • अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों का होगा विशेष निरीक्षण, सात मानकों पर होगी जांच

देहरादून: देशभर में लगातार सामने आ रही अग्निकांड की घटनाओं के बीच उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी जिलों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए व्यापक निरीक्षण और सत्यापन अभियान शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।

गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों, निजी शिक्षण संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। इसके लिए चरणबद्ध निरीक्षण और मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।

गृह सचिव Shailesh Bagauli द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हुई आग की घटनाओं को देखते हुए राज्य में सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर समीक्षा आवश्यक हो गई है, ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान की संभावनाओं को कम किया जा सके।

दो चरणों में चलेगा विशेष अभियान

सरकार ने इस अभियान को दो चरणों में संचालित करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, डे-केयर चिकित्सा संस्थान, कोचिंग सेंटर, छात्रावास और अन्य शिक्षण परिसरों का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण अभियान में अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें शामिल रहेंगी।

सात प्रमुख बिंदुओं पर होगी जांच

निरीक्षण के दौरान टीमों को निम्नलिखित सात बिंदुओं की अनिवार्य जांच करने के निर्देश दिए गए हैं—

  • वैध फायर एनओसी की उपलब्धता
  • अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता
  • आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति
  • विद्युत सुरक्षा व्यवस्था
  • आपदा प्रबंधन एवं निकासी योजना
  • नियमित मॉक ड्रिल और स्टाफ प्रशिक्षण
  • फायर हाइड्रेंट सिस्टम की कार्यशीलता

गंभीर खामियां मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां भी अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या गंभीर खामियां पाई जाएंगी, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी संस्थान निरीक्षण से बाहर न रहे और सभी चिन्हित परिसरों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।

दूसरे चरण में मॉल, होटल और बैंक्वेट हॉल होंगे जांच के दायरे में

पहले चरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसमें मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल, बैंक्वेट हॉल, सिनेमा हॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा। इन स्थानों पर भी अग्नि सुरक्षा, निकासी व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा।

डीएम और एसएसपी करेंगे साप्ताहिक समीक्षा

सरकार ने केवल निरीक्षण ही नहीं, बल्कि उसकी प्रभावी मॉनिटरिंग का भी स्पष्ट ढांचा तैयार किया है। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संयुक्त रूप से अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। समीक्षा के आधार पर प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

15 दिन के भीतर देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट

गृह विभाग ने निर्देश दिए हैं कि पहले चरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद निर्धारित प्रारूप में विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर शासन और पुलिस मुख्यालय को भेजी जाए। रिपोर्ट के साथ निरीक्षण और सत्यापन से संबंधित सभी दस्तावेज भी संलग्न किए जाएंगे, ताकि राज्य स्तर पर स्थिति का समेकित मूल्यांकन किया जा सके।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि वास्तविक कमियों को दूर कर जनसुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। जिन संस्थानों में सुरक्षा उपकरण अनुपयोगी पाए जाएंगे, निकासी मार्ग अवरुद्ध होंगे या आपदा प्रबंधन की तैयारी अपर्याप्त होगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई कराई जाएगी।

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