741 ग्राम चरस और 1.302 किलो गांजा बरामद,
तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी भी सीज
देहरादून: मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को साकार करने और वर्तमान में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत दून पुलिस लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की रणनीति के तहत जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो शातिर नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध चरस और गांजा बरामद किया गया है।
नेहरू कॉलोनी पुलिस ने 741 ग्राम चरस के साथ आरोपी दबोचा
थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस द्वारा क्षेत्र में चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान 23 जून 2026 को केदारपुरम एमडीडीए क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी मनोज रावत के कब्जे से 741 ग्राम अवैध चरस बरामद की।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनोज रावत पुत्र प्रताप सिंह रावत निवासी ग्राम सारांश, पोस्ट ऑफिस थड़ियार, जनपद उत्तरकाशी तथा वर्तमान निवासी एमडीडीए कॉलोनी परिसर, थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ऋषिकेश में स्कूटी सवार युवक के पास मिला 1.302 किलो गांजा
वहीं कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए खांड गांव जाने वाले मार्ग पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध स्कूटी सवार को रोका। तलाशी लेने पर आरोपी मनीष बिष्ट के कब्जे से 1 किलो 302 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष बिष्ट पुत्र कमल सिंह बिष्ट निवासी डांडी, झीलवाला, रानीपोखरी (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी भी जब्त
पुलिस ने आरोपी मनीष बिष्ट से बरामद अवैध गांजे के साथ तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी संख्या यूके-14ए-7186 को भी सीज कर दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।
नशा तस्करों के खिलाफ अभियान जारी
दून पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

