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कांग्रेस विधायक की टिप्पणी पर भाजपा हमलावर, महेंद्र भट्ट ने मांगी सार्वजनिक माफी

पीएम मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी को बताया कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का परिचायक

देहरादून: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के एक विधायक द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति और संस्कारों का परिचायक बताते हुए पार्टी नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की है।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लंबे समय से राजनीतिक विरोधियों के प्रति गाली-गलौज और असंसदीय भाषा के प्रयोग से जुड़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान की शपथ लेने वाले एक विधायक द्वारा देश के प्रधानमंत्री के लिए सार्वजनिक मंच से अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी व्यक्ति या उसके दिवंगत परिजनों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। यह न केवल राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के भी विपरीत है।

भट्ट ने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह अपने विधायक के बयान का समर्थन करती है या नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने जनप्रतिनिधियों के लिए आचार-संहिता और व्यवहार संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संबंधित विधायक पूर्व में भी विवादित गतिविधियों और बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे जनप्रतिनिधियों का गैर-जिम्मेदाराना आचरण लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचाता है।

उन्होंने मांग की कि कांग्रेस का प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व इस मामले का संज्ञान लेते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा कार्यकर्ता इस प्रकार की टिप्पणियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेंगे।

भट्ट ने कहा कि जो दल अक्सर नैतिकता और राजनीतिक शुचिता की बात करते हैं, उन्हें अपने नेताओं और विधायकों के बयानों पर भी समान मानदंड लागू करने चाहिए। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक राजनीति में असहमति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियों के लिए कोई स्थान नहीं है।

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