श्रीनगर नगर क्षेत्र और आसपास के गांवों में जल्द ही 24 घंटे पेयजल आपूर्ति शुरू की जाएगी। राज्य सरकार ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत विभिन्न पंपिंग पेयजल योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का भी आदेश दिया गया है।
आज शासकीय आवास पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र की पेयजल योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शहर में दिन में दो बार पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है, जिससे आम लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। डॉ. रावत ने कहा कि 24 घंटे जलापूर्ति से नगर क्षेत्र में पेयजल की समस्या दूर होगी और पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याओं का समय पर समाधान भी संभव होगा।
बैठक में डॉ. रावत ने अधिकारियों को कण्डारस्यूं-पैठाणी पम्पिंग योजना, बिडोली ग्राम समूह पम्पिंग योजना और चुणखेत पेयजल योजना को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, ढिकाल गांव को पम्पिंग योजना से वंचित न रहने देते हुए उन्हें एनआईटी सुमाड़ी पेयजल योजना से जोड़ने का निर्देश भी दिया गया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बिडोली ग्राम समूह, कण्डारस्यूं-पैठाणी और चुणखेत पम्पिंग योजनाओं को भारत सरकार से फॉरेस्ट क्लियरेंस मिल चुकी है और ये योजनाएं अंतिम चरण में हैं। कण्डारस्यूं-पैठाणी योजना 15 मार्च तक पूरी कर दी जाएगी। इसके अलावा कलियासौड पेयजल योजना को 15 करोड़ और बिलकेदार पेयजल योजना को लगभग 15 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। थलीसैण नगर पंचायत पम्पिंग योजना का निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू करने के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं।
बैठक में अपर सचिव पेयजल अपूर्वा पांडे, मुख्य अभियंता पेयजल (गढ़वाल) अनुपम रतन, अधीक्षण अ

